World Cup Trophy : 2023 ICC क्रिकेट विश्व कप के दौरान मिशेल मार्श द्वारा ट्रॉफी पर पैर रखने की घटना ने खेल भावना पर बहस छेड़ दी थी. इसके उलट ICC पुरुष टी20 विश्व कप 2026 जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों ने ट्रॉफी के प्रति गहरा सम्मान और भावनात्मक गतिविधि दिखाई.
T20 World Cup Trophy Respect: क्रिकेट में वर्ल्ड कप ट्रॉफी सिर्फ एक पुरस्कार नहीं, बल्कि करोड़ों सपनों और भावनाओं का प्रतीक होती है. जहां एक तरफ मिशेल मार्श ने 2023 आईसीसी क्रिकेट विश्व कप के दौरान ट्रॉफी पर पैर रखकर विवाद खड़ा कर दिया था, वहीं दूसरी तरफ सूर्यकुमार यादव की दावेदारी में भारतीय खिलाड़ियों ने आईसीसी पुरुष T20 विश्व कप जीतने के बाद यह दिखा दिया कि भारत में ट्रॉफी को सिर्फ जीता नहीं जाता, बल्कि सम्मान और आस्था के साथ देखा जाता है. भगवान का आशीर्वाद लेने से लेकर ट्रॉफी को सीने से पहनकर सोने तक, टीम इंडिया के खिलाड़ियों की ये भावुक तस्वीरें बता रही हैं कि उनके लिए यह जीत सिर्फ खेल नहीं, बल्कि गर्व, मेहनत और संस्कारों की कहानी है.
जीत के बाद कैप्टन सूर्यकुमार यादव ने भगवान का शुक्रिया अदा किया. सूर्या, कोच गौतम गंभीर और जस शाह के साथ चमचमाती T20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी को अहमदाबाद के मशहूर हनुमान टेकरी मंदिर ले गए. उन्होंने ट्रॉफी को मंदिर के गर्भगृह में रखा और आशीर्वाद लिया. यह फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो गई, जिससे पता चलता है कि भारतीय संस्कृति हमें सफलता पाने के बाद झुकना सिखाती है, घमंडी नहीं.
युवा बैट्समैन तिलक वर्मा की यह पहली वर्ल्ड कप जीत थी, और उनका उत्साह साफ दिख रहा था. वायरल फोटो में तिलक अपनी वर्ल्ड कप ट्रॉफी को सीने से लगाए सोते हुए दिख रहे थे. वहीं इस वर्ल्ड कप में 321 रन बनाकर संजू सैमसन को प्लेयर ऑफ़ द टूर्नामेंट का अवॉर्ड मिला. इस कीमती ट्रॉफी को बचाने की उनकी पत्नी चारुलता की कोशिशों ने सबका दिल जीत लिया. उन्होंने इसे अपनी टी-शर्ट में लपेटा और बहुत ध्यान से संभाला, यह पक्का किया कि इस पर कोई खरोंच या निशान न आए.
सूर्यकुमार यादव और उनकी पत्नी देविशा शेट्टी की एक बहुत प्यारी फ़ोटो सामने आई है, जिसमें वे होटल के कमरे में बेड पर सो रहे हैं. मज़ेदार बात यह है कि T20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी उनके बीच रखी हुई थी. सूर्य ने उसे एक बच्चे की तरह गोद में लिया, जिससे पता चलता है कि ट्रॉफी उनके परिवार का हिस्सा बन गई है.
आखिरी फ़ोटो उस पल की है जब पूरी इंडियन टीम ने ट्रॉफी अपने सिर के ऊपर उठाई. मैदान पर जीत के बाद, किसी भी खिलाड़ी ने ट्रॉफी को अकेला नहीं छोड़ा. हर खिलाड़ी उसे चूमता और इज़्ज़त से देखता हुआ दिखा. जहां मार्श ने उस पर पैर रखकर उसका अपमान किया था, वहीं टीम इंडिया ने उसे ऊंचा उठाकर दुनिया को दिखा दिया कि ट्रॉफी सिर्फ जीती नहीं जातीं, बल्कि उनकी पूजा भी की जाती है.
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