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शेन वॉर्न के एक फैसले से परिवार की लगी लॉटरी, RR की बिक्री से खुल गई किस्मत; मिलेंगे 460 करोड़ रुपये

Shane Warne: इंडियन प्रीमियर लीग में कल राजस्थान रॉयल्स की बिक्री से दिवंगत ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न के परिवार की किस्मत खुल गई है. राजस्थान रॉयल्स की तरफ से खेलते हुए शेन वॉर्न ने बेहद कम सैलरी ली थी. लेकिन कंपनी में 0.75 प्रतिशत का शेयर था, जो अब बढ़कर 3 प्रतिशत हो गया है.

Written By: Sohail Rahman
Last Updated: 2026-03-25 09:49:18

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Shane Warne: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) की शुरुआत से एक हफ़्ते से भी कम समय पहले राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी फ्रैंचाइजियों की रिकॉर्ड कीमत पर हुई बिक्री के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान रॉयल्स की टीम को काल सोमानी के नेतृत्व वाले अमेरिका स्थित एक समूह ने 1.63 अरब डॉलर (लगभग 15,290 करोड़ रुपये) में खरीद लिया.

लेकिन इस चौंकाने वाली कीमतों से भी ज्यादा दिवंगत पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न का एक जबरदस्त निवेश ने सबका ध्यान खींचा.

शेन वॉर्न ने कब लिया था संन्यास?

शेन वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया की 2006–07 एशेज जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. दो साल बाद 2008 में IPL के पहले सीजन में वह मैदान पर लौटे और राजस्थान टीम में न सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर बल्कि कप्तान और मेंटर के तौर पर भी शामिल हुए. फ्रैंचाइजी ने उन्हें क्रिकेट से जुड़े सभी फैसले लेने का पूरा अधिकार सौंप दिया था, जो उस समय एक बहुत ही अनोखी बात थी. इसके बदले में वॉर्न ने एक अनोखी डील की. रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 657,000 डॉलर का भुगतान किया गया और जितने साल उन्होंने खेला, हर साल के लिए उन्हें टीम में 0.75% की हिस्सेदारी दी गई.

वॉर्न ने क्या कहा था?

वॉर्न ने ‘द हेराल्ड सन’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरी डील का एक हिस्सा यह था. उन्होंने मुझसे कप्तान और कोच बनने को कहा और यह भी कहा कि मैं टीम को अपनी मर्जी से चलाऊं. मैं ही टीम के लिए सब कुछ था. इस ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने उस भरोसे को तुरंत सही साबित कर दिखाया. उन्होंने एक ऐसी टीम का नेतृत्व किया जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते थे और उसे पहले ही सीजन में एक शानदार जीत दिलाई, जिसे शायद IPL के इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जा सकता है.

वॉर्न की हिस्सेदारी कितनी बढ़ी?

शेन वॉर्न ने राजस्थान के साथ चार सीजन बिताए, जिससे टीम में उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 3% हो गई. हाल ही में हुई बिक्री में राजस्थान की कीमत 1.63 अरब डॉलर आंकी गई है. ऐसे में वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत अब लगभग 450 से 460 करोड़ रुपये हो गई है. यह उस निवेश पर मिला एक ज़बरदस्त मुनाफ़ा है, जिसे उस समय एक काफी अलग तरह का फैसला माना गया था. यह सौदा जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर है, 2026 IPL सीजन के बाद लागू होगा. इस फ्रैंचाइजी को असल में 2008 में मनोज बदाले के नेतृत्व वाली इमर्जिंग मीडिया ने सिर्फ 67 मिलियन USD में खरीदा था.

शेन वॉर्न के इस निवेश की चर्चा हो रही है. उनकी एक दूरदर्शी सोच की वजह से उनके परिवार का काफी फायदा हुआ है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2022 में शेन वॉर्न का निधन हो गया था.

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Shane Warne: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) की शुरुआत से एक हफ़्ते से भी कम समय पहले राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु जैसी फ्रैंचाइजियों की रिकॉर्ड कीमत पर हुई बिक्री के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गई है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान रॉयल्स की टीम को काल सोमानी के नेतृत्व वाले अमेरिका स्थित एक समूह ने 1.63 अरब डॉलर (लगभग 15,290 करोड़ रुपये) में खरीद लिया.

लेकिन इस चौंकाने वाली कीमतों से भी ज्यादा दिवंगत पूर्व ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर शेन वॉर्न का एक जबरदस्त निवेश ने सबका ध्यान खींचा.

शेन वॉर्न ने कब लिया था संन्यास?

शेन वॉर्न ने ऑस्ट्रेलिया की 2006–07 एशेज जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था. दो साल बाद 2008 में IPL के पहले सीजन में वह मैदान पर लौटे और राजस्थान टीम में न सिर्फ एक खिलाड़ी के तौर पर बल्कि कप्तान और मेंटर के तौर पर भी शामिल हुए. फ्रैंचाइजी ने उन्हें क्रिकेट से जुड़े सभी फैसले लेने का पूरा अधिकार सौंप दिया था, जो उस समय एक बहुत ही अनोखी बात थी. इसके बदले में वॉर्न ने एक अनोखी डील की. रिपोर्टों के अनुसार, उन्हें 657,000 डॉलर का भुगतान किया गया और जितने साल उन्होंने खेला, हर साल के लिए उन्हें टीम में 0.75% की हिस्सेदारी दी गई.

वॉर्न ने क्या कहा था?

वॉर्न ने ‘द हेराल्ड सन’ को दिए एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरी डील का एक हिस्सा यह था. उन्होंने मुझसे कप्तान और कोच बनने को कहा और यह भी कहा कि मैं टीम को अपनी मर्जी से चलाऊं. मैं ही टीम के लिए सब कुछ था. इस ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज ने उस भरोसे को तुरंत सही साबित कर दिखाया. उन्होंने एक ऐसी टीम का नेतृत्व किया जिसके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते थे और उसे पहले ही सीजन में एक शानदार जीत दिलाई, जिसे शायद IPL के इतिहास की सबसे बड़ी जीतों में से एक माना जा सकता है.

वॉर्न की हिस्सेदारी कितनी बढ़ी?

शेन वॉर्न ने राजस्थान के साथ चार सीजन बिताए, जिससे टीम में उनकी कुल हिस्सेदारी बढ़कर 3% हो गई. हाल ही में हुई बिक्री में राजस्थान की कीमत 1.63 अरब डॉलर आंकी गई है. ऐसे में वॉर्न की 3% हिस्सेदारी की कीमत अब लगभग 450 से 460 करोड़ रुपये हो गई है. यह उस निवेश पर मिला एक ज़बरदस्त मुनाफ़ा है, जिसे उस समय एक काफी अलग तरह का फैसला माना गया था. यह सौदा जो भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड की मंजूरी पर निर्भर है, 2026 IPL सीजन के बाद लागू होगा. इस फ्रैंचाइजी को असल में 2008 में मनोज बदाले के नेतृत्व वाली इमर्जिंग मीडिया ने सिर्फ 67 मिलियन USD में खरीदा था.

शेन वॉर्न के इस निवेश की चर्चा हो रही है. उनकी एक दूरदर्शी सोच की वजह से उनके परिवार का काफी फायदा हुआ है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 2022 में शेन वॉर्न का निधन हो गया था.

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