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मां की ममता, डॉक्टर का कॉन्फिडेंस या चमत्कार? ऋषभ पंत के कमबैक की अनटोल्ड स्टोरी

डॉ. दिनशॉ पारदीवाला ट्रेलब्लेज़र्स कॉन्क्लेव में शामिल थे, ये वही डॉक्टर हैं जिन्होंने साल 2022 में ऋषभ पंत के एक्सीडेंट के बाद उनका इलाज किया था. डॉ. पारदीवाला ने भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की रिकवरी से जुड़ा एक भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया. आइए जानते हैं वह क्या है.

Written By: Satyam Sengar
Last Updated: March 22, 2026 15:23:51 IST

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नई दिल्ली. ट्रेलब्लेज़र्स कॉन्क्लेव में इस बार कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की. कार्यक्रम में गौतम गंभीर, रविचंद्रन अश्विन, हरभजन सिंह, ज़हीर खान, मिताली राज, झूलन गोस्वामी और नीरज चोपड़ा जैसे दिग्गज शामिल रहे. हालांकि, इस सेशन के बीच एक ऐसा सत्र भी रहा, जिसने अपनी अलग पहचान बनाई. इससमें प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दिनशॉ पारदीवाला भी शामिल थे. जिन्होंने साल 2022 में ऋषभ पंत के एक्सीडेंट के बाद उनका इलाज किया था.

इस सत्र के दौरान डॉ. पारदीवाला ने भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की रिकवरी से जुड़ा एक भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह नहीं था कि पंत दोबारा क्रिकेट खेल पाएंगे या नहीं, बल्कि यह था कि क्या वह फिर से चल पाएंगे या नहीं. डॉ. पारदीवाला ने कहा, “यह सवाल ऋषभ पंत की मां ने मुझसे पूछा था. उन्होंने पूछा था कि क्या उनका बेटा शादी के सात फेरे लेते समय चल पाएगा. मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह न केवल चलेंगे, बल्कि जल्द ही मैदान पर भी वापसी करेंगे.”

पारदीवाला ने निभाया कर्तव्य

उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही उन्होंने यह बात कही, पंत, जो उस समय तक शांत थे, खड़े हुए और पूछा कि वह कब फिर से क्रिकेट खेल सकेंगे. डॉ. पारदीवाला के अनुसार, उस समय किसी निश्चित समयसीमा का अनुमान लगाना संभव नहीं था, लेकिन एक डॉक्टर के तौर पर उनका कर्तव्य था कि वह अपने मरीज और उसके परिवार को भरोसा और हिम्मत दें. उन्होंने यह भी बताया कि पंत का मामला कोई अपवाद नहीं है. मीराबाई चानू, विनेश फोगाट जैसे कई अन्य खिलाड़ियों की रिकवरी में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

अनुभव बेहद जरूरी

इस सत्र ने यह स्पष्ट कर दिया कि खेल जगत में केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि उनके पीछे काम करने वाले विशेषज्ञ भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. डॉ. पारदीवाला की कहानियां महज किस्से नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन के संघर्ष और जीत की मिसाल हैं. ट्रेलब्लेज़र्स कॉन्क्लेव का यह सेशन न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसे आयोजन केवल सितारों की मौजूदगी से नहीं, बल्कि उनके अनुभवों और कहानियों से खास बनते हैं.

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नई दिल्ली. ट्रेलब्लेज़र्स कॉन्क्लेव में इस बार कई बड़ी हस्तियों ने शिरकत की. कार्यक्रम में गौतम गंभीर, रविचंद्रन अश्विन, हरभजन सिंह, ज़हीर खान, मिताली राज, झूलन गोस्वामी और नीरज चोपड़ा जैसे दिग्गज शामिल रहे. हालांकि, इस सेशन के बीच एक ऐसा सत्र भी रहा, जिसने अपनी अलग पहचान बनाई. इससमें प्रसिद्ध ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. दिनशॉ पारदीवाला भी शामिल थे. जिन्होंने साल 2022 में ऋषभ पंत के एक्सीडेंट के बाद उनका इलाज किया था.

इस सत्र के दौरान डॉ. पारदीवाला ने भारतीय क्रिकेटर ऋषभ पंत की रिकवरी से जुड़ा एक भावुक और प्रेरणादायक किस्सा साझा किया. उन्होंने बताया कि दुर्घटना के बाद सबसे बड़ा सवाल यह नहीं था कि पंत दोबारा क्रिकेट खेल पाएंगे या नहीं, बल्कि यह था कि क्या वह फिर से चल पाएंगे या नहीं. डॉ. पारदीवाला ने कहा, “यह सवाल ऋषभ पंत की मां ने मुझसे पूछा था. उन्होंने पूछा था कि क्या उनका बेटा शादी के सात फेरे लेते समय चल पाएगा. मैंने उन्हें भरोसा दिलाया कि वह न केवल चलेंगे, बल्कि जल्द ही मैदान पर भी वापसी करेंगे.”

पारदीवाला ने निभाया कर्तव्य

उन्होंने आगे बताया कि जैसे ही उन्होंने यह बात कही, पंत, जो उस समय तक शांत थे, खड़े हुए और पूछा कि वह कब फिर से क्रिकेट खेल सकेंगे. डॉ. पारदीवाला के अनुसार, उस समय किसी निश्चित समयसीमा का अनुमान लगाना संभव नहीं था, लेकिन एक डॉक्टर के तौर पर उनका कर्तव्य था कि वह अपने मरीज और उसके परिवार को भरोसा और हिम्मत दें. उन्होंने यह भी बताया कि पंत का मामला कोई अपवाद नहीं है. मीराबाई चानू, विनेश फोगाट जैसे कई अन्य खिलाड़ियों की रिकवरी में भी उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है.

अनुभव बेहद जरूरी

इस सत्र ने यह स्पष्ट कर दिया कि खेल जगत में केवल खिलाड़ी ही नहीं, बल्कि उनके पीछे काम करने वाले विशेषज्ञ भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं. डॉ. पारदीवाला की कहानियां महज किस्से नहीं, बल्कि वास्तविक जीवन के संघर्ष और जीत की मिसाल हैं. ट्रेलब्लेज़र्स कॉन्क्लेव का यह सेशन न केवल प्रेरणादायक रहा, बल्कि यह भी दिखाता है कि ऐसे आयोजन केवल सितारों की मौजूदगी से नहीं, बल्कि उनके अनुभवों और कहानियों से खास बनते हैं.

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