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IND vs PAK: भारत-पाकिस्तान के बीच ‘नो हैंडशेक’, तो रोहित शर्मा ने वसीम अकरम को क्यों लगाया गले? वीडियो वायरल

IND vs PAK: भारत और पाकिस्तान के मैच से पहले रोहित शर्मा और वसीम अकरम एक दूसरे से गले मिलते दिखाई दिए. इसको लेकर सोशल मीडिया पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं. देखें वीडियो...

Rohit Sharma and Wasim Akram: भारत और पाकिस्तान के बीच 15 फरवरी को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में टी20 वर्ल्ड कप का मैच खेला गया. इस मुकाबले में भारत ने पाकिस्तान को 61 रनों से हरा दिया. इसी के साथ भारत ने टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान के खिलाफ (IND vs PAK) अपना रिकॉर्ड 8-1 का कर लिया है. इस मुकाबले में भारत के किसी भी खिलाड़ी ने पाकिस्तानी टीम से हाथ नहीं मिला. यहां तक कि टॉस के दौरान भी कप्तान सूर्यकुमार यादव ने पाकिस्तान के कप्तान सलमान आगा से हाथ नहीं मिलाया. यह कंट्रोवर्सी पिछले साल एशिया कप से ही चली आ रही है. हालांकि इसी मैच से पहले कुछ ऐसा हुआ, जिससे सोशल मीडिया पर खलबली मच गई. दरअसल, भारत के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वे पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर वसीम अकरम से हाथ मिलाते और गले मिलते दिखाई दे रहे हैं. यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, जिस पर कई लोगों ने सवाल खड़े कर दिए हैं. इसको लेकर सोशल मीडिया पर फैंस के बीच बहस चल रही है.

रोहित शर्मा ने वसीम अकरम से क्यों मिलाया हाथ?

दरअसल, ICC ने भारतीय टीम के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को टी20 वर्ल्ड कप 2026 का ब्रांड एंबेसडर बनाया है. इसी सिलसिले में वह अक्सर टूर्नामेंट के मैचों में दिखाई देते हैं. वहीं, पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर वसीम अकरम ICC की कमेंट्री टीम में शामिल हैं. भारत-पाकिस्तान मैच से पहले ICC ने रोहित शर्मा और वसीम अकरम को टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी ले जाने की जिम्मेदारी दी थी. इस दौरान रोहित और वसीम अकरम एक-दूसरे से हाथ मिलाते और गले मिलते नजर आए. ऐसे में सोशल मीडिया पर कुछ लोगों ने सवाल किया कि क्या सिर्फ मैच खेलने वाले खिलाड़ियों पर ही नो हैंडशेक की पॉलिसी लागू होगी. हालांकि बहुत से लोग रोहित शर्मा को डिफेंड भी करते नजर आए. उनका कहना है कि रोहित शर्मा ICC के ब्रांड एंबेसडर के तौर पर अपना काम कर रहे हैं.

क्यों शुरु हुआ ‘नो हैंडशेक’ विवाद?

बता दें कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ पिछले साल नो हैंडशेक की रणनीति अपनाई. पिछले साल जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, जिसके बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर चलाया था. इस ऑपरेशन में भारतीय सेना ने पाकिस्तान के आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था. फिर कुछ समय बाद दुबई में एशिया कप खेला गया. इस दौरान एशिया कप खेलने के लिए गई सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम ने पाकिस्तानी टीम के हाथ न मिलाने का फैसला लिया. पाकिस्तान के खिलाड़ियों और अधिकारियों ने कई बार खेल भावना का हवाला देते हुए हाथ मिलाने की बात की, लेकिन भारत अपनी रणनीति पर टिका रहा. पाकिस्तान के खिलाफ नो हैंडशेक पॉलिसी सिर्फ भारत की सीनियर टीम तक सीमित नहीं है. सीनियर टीम के अलावा अंडर-19 टीम, इंडिया ए टीम और महिला टीम भी पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ हैंडशेक नहीं करते हैं.

Ankush Upadhyay

अंकुश उपाध्याय युवा पत्रकार हैं. उन्होंने चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी (CCS) से अपनी पत्रकारिता की पढ़ाई की है. फिलहाल वह इंडिया न्यूज डिजिटल के साथ जुड़कर स्पोर्ट्स के लिए लेखन का काम कर रहे हैं. इससे पहले वह हरिभूमि डिजिटल डिपार्टमेंट में बतौर लेखक अपनी सेवाएं दे चुके हैं.

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