Vijay Mallya on RCB Sale: इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2026) सीजन की शुरूआत 28 मार्च से होने वाली है. इस बीच रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) की बिक्री हो गई है. इसके साथ ही आरसीबी को नए मालिक मिल गए हैं. जानकारी के अनुसार, आईपीएल की सबसे बड़ी ब्रांड वैल्यू वाली फ्रेंचाइजी RCB को 4 मशहूर कंपनियों के एक कॉन्सोर्टियम ने 1.78 बिलियन डॉलर यानि करीब 16,600 करोड़ रुपये की कीमत पर खरीद लिया है.
बेंगलुरु को खरीदने वाली 4 कंपनियों में भारत का मशहूर बिजनेस समूह आदित्य बिड़ला ग्रुप सबसे प्रमुख है. इस तरह ये IPL इतिहास की सबसे महंगी टीम बन गई है.
विजय माल्या ने क्या कहा?
आरसीबी की बिक्री के बाद आरसीबी के पुराने मालिक विजय माल्या की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखते हुए लिखा कि मैं आरसीबी के नए मालिकों को तहे दिल से बधाई देना चाहूंगा. मैं उन्हें इस सबसे कीमती आईपीएल फ़्रैंचाइज़ी के लिए शुभकामनाएं देता हूं और ईश्वर से उनके लिए सफलता की कामना करता हूं. इसके अलावा, उन्होंने इस पोस्ट में लिखा कि जब मैंने 2008 में इस फ़्रैंचाइज़ी को 450 करोड़ रुपये में खरीदा था, तो ज़्यादातर लोगों ने मेरा मज़ाक उड़ाया था और मेरे इस निवेश को सिर्फ़ दिखावा बताया था.
I would like to heartily congratulate the new owners of RCB. I wish them the very best and Godspeed with the most valuable IPL franchise. When I bought the franchise in 2008 for INR 450 crores, most people laughed at me and criticised my investment as a vanity project. Behind my…
— Vijay Mallya (@TheVijayMallya) March 26, 2026
क्यों रखा टीम का नाम आरसीबी?
मेरे इस तथाकथित पागलपन के पीछे Royal Challenge ब्रांड को खड़ा करने का मकसद था, और इसीलिए मैंने इस फ़्रैंचाइज़ी का नाम आरसीबी रखा. यह देखकर मुझे बेहद खुशी हो रही है कि मेरा 450 करोड़ रुपये का निवेश बढ़कर 16,500 करोड़ रुपये हो गया है. आरसीबी हमेशा मेरे डीएनए का हिस्सा रहेगी; इससे जुड़ी मेरी यादें कभी मिट नहीं सकतीं. खासकर युवा विराट कोहली को टीम में शामिल करने की याद, जो आज दुनिया के बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं. आरसीबी के उन सभी प्रशंसकों का मैं तहे दिल से शुक्रिया अदा करता हूं, जो मेरे कार्यकाल के दौरान और उसके बाद भी टीम से जुड़े रहे; कृपया आप सभी आरसीबी यानी ‘बेंगलुरु के शेर’ का इसी तरह समर्थन करते रहें.