Rahul Dravid: वैभव सूर्यवंशी ने 175 रन ठोककर गदर तो मचा दिया, पर उनके फैंस के लिए एक बुरी खबर है! आखिर क्यों वो अगला अंडर 19 वर्ल्ड कप नहीं खेल पाएंगे? क्या है वो नियम और राहुल द्रविड़ से कनेक्शन...
वैभव नहीं खेल सकते अगला अंडर-19 वर्ल्ड कप!
Vaibhav Suryavanshi U19 World Cup: बिहार के 14 साल के वैभव सूर्यवंशी अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रनों शानदार पारी की वजह से एक बार फिर से सुर्ख़ियों में हैं. वैभव ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को जमकर ‘धोया’. 14 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी ने महज 80 गेंदों में 15 चौके और 15 छक्के की बदौलत 175 रनों का विशाल स्कोर बनाया. जिसे देखकर हर कोई हैरान है. वैभव ने कम उम्र में ही बड़ी-बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं. साल 2025 सूर्यवंशी के लिए जितना अच्छा रहा है. साल 2026 की शुरुआत भी उतनी ही अच्छी रही है. उन्होंने पिछले साल IPL, विजय हजारे ट्रॉफी, सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी, इमर्जिंग एशिया कप और अंडर-19 एशिया कप सहित हर टूर्नामेंट में अपनी छाप छोड़ी और अब अंडर 19 वर्ल्ड कप के फाइनल में भी ग़दर मचा दिया हालाँकि वैभव के फैंस के लिए ये कुछ अच्छी खबर नहीं होगी जो आप यहां पढ़ने जा रहे हैं. क्योंकि वैभव अगला अंडर-19 वर्ल्ड कप नहीं खेल पाएंगे, जी हाँ आप सही पढ़ रहे हैं. क्यों और कैसे इस बीच राहुल द्रविड़ कैसे आ गए और अब सीनियर टीम में वैभव को कब खेलने का मौका मिलेगा, आज मैं आपको हर एक पॉइंट बड़े ही आसान शब्दों में समझाने वाली हूं.
दरसल 2016 में, BCCI ने फैसला किया था कि कोई भी खिलाड़ी एक से ज़्यादा अंडर-19 वर्ल्ड कप में हिस्सा नहीं लेगा. इसका मकसद टैलेंट पूल को बढ़ाना और ज़्यादा से ज़्यादा युवा खिलाड़ियों को इंटरनेशनल जूनियर लेवल पर मौका देना था. इस पॉलिसी की वजह से, वाशिंगटन सुंदर और महिपाल लोमरोर उम्र के हिसाब से एलिजिबल होने के बावजूद 2018 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में नहीं खेल पाए थे. इस नियम के लागू होने से पहले, रवींद्र जडेजा और रिकी भुई जैसे दिग्गजों ने दो अंडर-19 वर्ल्ड कप खेले थे.
दरसल जब राहुल द्रविड़ इंडियन U19 और इंडिया A टीमों के हेड कोच थे, तो उन्होंने 2016 में BCCI के साथ मिलकर एक पॉलिसी लागू की थी. इस नियम के अनुसार, एक खिलाड़ी अपने जीवनकाल में सिर्फ़ एक U19 वर्ल्ड कप में हिस्सा ले सकता है. यह नियम वाशिंगटन सुंदर और महिपाल लोमरोर जैसे खिलाड़ियों पर भी लागू हुआ था. द्रविड़ के साथ अन्य लोगों का मानना था कि U19 लेवल पर बार-बार उन्हीं खिलाड़ियों को खिलाने से नए टैलेंट को मौके नहीं मिल पाते. वह चाहते थे कि खिलाड़ी एक वर्ल्ड कप खेलने के बाद जूनियर लेवल से आगे बढ़ें और डोमेस्टिक (रणजी/सैयद मुश्ताक) या सीनियर टीम क्रिकेट के लिए तैयारी करें.
कई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जुलाई 2026 में जब भारतीय टीम श्रीलंका का दौरा करेगी, तो वहां व्हाइट-बॉल सीरीज (T20I या ODI) में वैभव सूर्यवंशी को मौका दिया जा सकता है. क्योंकि ICC के नियम के अनुसार कोई भी प्लेयर 15 साल की उम्र में सीनियर टीम में खेलने के लिए एलिजिबल हो जाता है चूंकि तब तक वैभव 15 साल के हो जाएंगे, ऐसे में ICC के नियमों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के लिए पात्र होंगे और चयनकर्ता उन्हें भविष्य के सितारे के रूप में वहां आजमा सकते हैं.
छक्कों का रिकॉर्ड: वैभव सूर्यवंशी ने अंडर-19 वर्ल्ड कप के एक ही एडिशन में सबसे ज़्यादा छक्के लगाने का रिकॉर्ड बनाया है. वैभव ने 14.1वें ओवर में स्पिनर फरहान अहमद की गेंद पर लॉन्ग-ऑफ के ऊपर छक्का लगाकर डेवाल्ड ब्रेविस का रिकॉर्ड तोड़ दिया. साउथ अफ्रीका के डेवाल्ड ब्रेविस, जिन्हें “बेबी एबी” के नाम से जाना जाता है, ने 2022 के अंडर-19 वर्ल्ड कप में छह मैचों में 20 छक्के लगाए थे. लेकिन वैभव ने 30* छक्के लगाकर उनका रिकॉर्ड तोड़ दिया.
रनों का रिकॉर्ड: अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 में सबसे ज्यादा रन(439) बनाने के मामले में वैभव दूसरे स्थान पर पहुंच गए हैं. पहले स्थान पर इंग्लैंड के बेन मेस 444 रनों के साथ पहले स्थान पर हैं. वैभव 6 रन और बना लेते तो बेन मेस का रिकॉर्ड भी तोड़ देते और पहले स्थान पर पहुंच जाते.
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