सिक्किम [भारत], 11 मई: भारत में उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आज के समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि…
सिक्किम [भारत], 11 मई: भारत में उच्च शिक्षा का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। आज के समय में केवल डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि छात्रों के पास व्यावहारिक कौशल और उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप ज्ञान होना भी जरूरी है। इसी बदलती आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए MIT यूनिवर्सिटी सिक्किम ने BVoc, MVoc और DVoc जैसे स्किल-आधारित और रोजगारोन्मुखी कार्यक्रम शुरू किए हैं।
इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ ऐसे कौशल प्रदान करना है, जो उन्हें नौकरी और स्वरोजगार दोनों के लिए तैयार कर सकें। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुरूप तैयार किए गए ये पाठ्यक्रम छात्रों को उद्योग जगत की वास्तविक जरूरतों से जोड़ने का प्रयास करते हैं।
पिछले कुछ वर्षों में रोजगार बाजार में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। कंपनियां अब केवल शैक्षणिक योग्यता नहीं, बल्कि कार्य करने की क्षमता, तकनीकी कौशल और व्यावहारिक अनुभव को भी महत्व दे रही हैं। इसी कारण Vocational Education छात्रों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। यह शिक्षा मॉडल छात्रों को पढ़ाई के दौरान ही उद्योगों से जुड़ने और वास्तविक कार्य वातावरण को समझने का अवसर देता है।
MIT यूनिवर्सिटी सिक्किम के BVoc कार्यक्रम में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, क्लाउड कंप्यूटिंग और बिजनेस एनालिटिक्स जैसे आधुनिक और तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान की जा रही है।
MVoc पाठ्यक्रम उन स्नातक विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है जो किसी विशेष क्षेत्र में उन्नत कौशल विकसित करना चाहते हैं। इसमें शामिल प्रमुख विषय हैं:
एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी
फूड प्रोसेसिंग टेक्नोलॉजी
डेयरी टेक्नोलॉजी
फिशरीज
हॉर्टिकल्चर
कंप्यूटर एवं आईटी
DVoc विशेष रूप से 10वीं, 12वीं और ITI पास विद्यार्थियों के लिए तैयार किया गया है। यह कार्यक्रम कम समय में कौशल विकास और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पर केंद्रित है, जिससे छात्र जल्दी करियर की शुरुआत कर सकें।
विश्वविद्यालय के अनुसार सभी Vocational कार्यक्रमों में इंडस्ट्री इंटर्नशिप, लाइव प्रोजेक्ट्स, कॉर्पोरेट ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल लर्निंग को महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। छात्रों को उद्योग विशेषज्ञों के साथ काम करने और वास्तविक परियोजनाओं का अनुभव प्राप्त करने का अवसर मिलता है।
इसके अलावा विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट और करियर सपोर्ट सिस्टम छात्रों को रोजगार के अवसरों, करियर मार्गदर्शन और प्रोफेशनल विकास में सहायता प्रदान करता है।
AI, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग, एग्री-टेक और फूड टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में बढ़ती मांग को देखते हुए स्किल-आधारित शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि BVoc, MVoc और DVoc जैसे कार्यक्रम छात्रों को रोजगार बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देने के साथ-साथ भविष्य के करियर अवसरों के लिए भी तैयार कर सकते हैं।
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