U19 World Cup Final: भारत ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर छठी बार अंडर-19 वर्ल्ड कप का खिताब जीत लिया है और यह संभव हो पाया है वैभव सूर्यवंशी की 175 रनों की विशाल पारी की वजह से, भारत ने सूर्यवंशी की वजह से 411 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया जिसे इंग्लैंड के बल्लेबाज आसानी से चेज नहीं कर पाए. नतीजतन, इंग्लैंड 311 रनों के स्कोर पर सिमट गई. वैभव सूर्यवंशी ने अपनी इस शानदार पारी में 15 चौक्के और उतने ही छक्के जड़े. वैभव ने सिर्फ फाइनल में ही नहीं बल्कि इस पुरे टूर्नामेंट में अपनी बल्लेबाजी से निरंतरता दिखाई है और आज इसी का इनाम मिला है कि उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ के ख़िताब से नवाजा गया है. अब जब भारत अंडर-19 वर्ल्ड चैम्पियन बन चुका है तो आइये जानते हैं वैभव ने इस पल को लेकर क्या कहा?
वैभव ने इस जीत पर क्या कहा?
वैभव ने मैच के बाद कहा “मैं बता नहीं सकता कि मुझे कैसा लग रहा है, लेकिन जिस तरह से हम सब पिछले 7-8 महीनों से कड़ी मेहनत कर रहे हैं और हमारा सपोर्ट स्टाफ जो लंबे समय से हमारे साथ है और हमेशा यह पक्का करता है कि हम ठीक हैं, मैं यह अवॉर्ड उन्हें डेडिकेट करना चाहता हूं. हम ज़्यादा प्रेशर नहीं ले रहे थे. हमने बस सोचा कि हमने टूर्नामेंट में जैसा अच्छा प्रदर्शन किया है, हम उसी प्रोसेस को फॉलो करेंगे और अपना नेचुरल गेम खेलेंगे. तैयारी सिर्फ़ एशिया कप के दौरान ही नहीं, बल्कि पिछले 8-9 महीनों से अच्छी रही है और सिर्फ़ खिलाड़ियों को पता है कि हमने उस दौरान कितनी कड़ी मेहनत की है. मुझे अपनी स्किल्स पर भरोसा था कि मैं बड़े मैचों में योगदान दे सकता हूं और आज ऐसा हुआ.’
वैभव की रिकॉर्ड पारी
वैभव सूर्यवंशी की पारी की बात करें तो बिहार के 14 वर्षीय इस खिलाडी ने अंडर 19 वर्ल्ड कप फाइनल में 175 रनों शानदार पारी खेली. वैभव ने इंग्लैंड के गेंदबाजों को जमकर ‘धोया’. 14 वर्षीय इस युवा खिलाड़ी ने महज 80 गेंदों में 15 चौके और 15 छक्के की बदौलत 175 रनों का विशाल स्कोर बनाया. 14 साल के वैभव सूर्यवंशी अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल के इतिहास में सबसे तेज़ी से शतक बनाने वाले बल्लेबाज़ बन गए हैं. यह अंडर-19 वर्ल्ड कप के इतिहास में कुल मिलाकर दूसरा सबसे तेज़ शतक भी है. वर्ल्ड कप में सबसे तेज़ शतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड ऑस्ट्रेलिया के विल मलाजुक के नाम है, लेकिन फाइनल में सबसे तेज़ शतक का वर्ल्ड रिकॉर्ड अब सूर्यवंशी के नाम हो गया है. वह अंडर-19 वर्ल्ड कप फाइनल में शतक बनाने वाले सिर्फ़ तीसरे भारतीय बल्लेबाज़ हैं. उनसे पहले उन्मुक्त चंद (2012) और मनजोत कालरा (2018) यह कारनामा कर चुके हैं.