नई दिल्ली. पारस डोगरा के उलझने के बाद केवी अनीश चर्चा में आ गए हैं. अनीष भारतीय घरेलू क्रिकेट में तेजी से उभरते हुए युवा बल्लेबाजों में से एक हैं. 14 जून 2001 को बेंगलुरु में जन्मे अनीश ने उम्र-स्तरीय टूर्नामेंटों में लगातार शानदार प्रदर्शन करके अपनी पहचान बनाई. वह दाएं हाथ के ओपनिंग बल्लेबाज हैं, जो क्लासिकल तकनीक और आक्रामक शॉट्स का बेहतरीन संतुलन रखते हैं. यही वजह है कि वह लाल गेंद और सफेद गेंद दोनों प्रारूपों में प्रभावी नजर आते हैं.
अनीश पहली बार सुर्खियों में तब आए जब उन्होंने अंडर-19 कूच बिहार ट्रॉफी में एक ही सीजन में 1,000 से अधिक रन बनाए. उनकी सबसे बड़ी खासियत यह रही कि वह अच्छी शुरुआत को बड़े शतक में बदलना जानते हैं. इस प्रदर्शन ने उन्हें सीनियर स्तर पर जगह दिलाने में अहम भूमिका निभाई. इसके बाद उन्हें कर्नाटक की रणजी टीम में मौका मिला. कर्नाटक जैसी मजबूत टीम, जिसने राहुल द्रविड़ और अनिल कुंबले जैसे दिग्गज खिलाड़ी दिए हैं, उसमें जगह बनाना आसान नहीं होता. अनीश ने मेहनत और निरंतर प्रदर्शन के दम पर अपनी पहचान मजबूत की.
उन्हें आगे बढ़ने का बड़ा मौका तब मिला जब केकेआर ने उन्हें आईपीएल में अपनी टीम में शामिल किया. भले ही उन्हें ज्यादा मैच खेलने का मौका नहीं मिला, लेकिन अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ अभ्यास और बड़े मंच का अनुभव उनके विकास में सहायक रहा. 24 वर्ष की उम्र में केवी अनीश भविष्य के लिए एक मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं. यदि वह घरेलू क्रिकेट में निरंतर अच्छा प्रदर्शन जारी रखते हैं, तो उन्हें आगे और बड़े मौके मिल सकते हैं.
पारस डोगरा से बढ़ा विवाद
केवी अनीश और पारस डोगरा के बीच यह मामला मैदान पर हुई बहस से जुड़ा बताया गया, जो मैच के दौरान बढ़ते तनाव का नतीजा था. दोनों खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे थे, और मुकाबला काफी प्रतिस्पर्धी माहौल में खेला जा रहा था. रिपोर्ट्स के अनुसार, बल्लेबाजी के दौरान किसी टिप्पणी या अपील को लेकर दोनों खिलाड़ियों के बीच कहासुनी शुरू हुई फिर पारस ने उन्हें धक्का मारा.