Who Is Laxman Sivaramakrishnan: भारत के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने कमेंट्री से संन्यास लेने का फैसला किया है. उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए इसकी जानकारी दी. लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का कहना है कि पिछले 23 सालों से कमेंट्री पैनल में उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. ऐसे में उनके बयान से क्रिकेट जगत में खलबली मच गई है. जानें कौन हैं लक्ष्मण शिवरामकृष्णन...
कौन हैं भारत के पूर्व दिग्गज क्रिकेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन?
Who Is Laxman Sivaramakrishnan: भारत के पूर्व क्रिकेटर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने शुक्रवार (20 मार्च) को कमेंट्री से रिटायरमेंट लेने का एलान कर दिया. उन्होंने इस फैसले के पीछे चौंकाने वाली वजह बताई, जिससे भारतीय क्रिकेट में बवाल मच गया. दरअसल, लक्ष्मण शिवरामकृष्णन लंबे समय से बीसीसीआई के लिए कमेंट्री कर रहे हैं. अब अचानक से उन्होंने बीसीसीआई पर रंगभेद का आरोप लगाकर कमेंट्री छोड़ने का एलान कर दिया है. उनका कहना है कि टॉस और पोस्ट मैच प्रजेंटेशन से उन्हें दूर रखा जाता है, जबकि नए कमेंटेटर को इन सभी चीजों के लिए मौका दिया जाता है. शिवरामकृष्णन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, ‘मैं बीसीसीआई के लिए कमेंट्री से रिटायर हो रहा हूं. मुझे 23 सालों से टॉस और प्रजेंटेशन के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया, जबकि नए लोग आकर पिच रिपोर्ट, टॉस प्रजेंटेशन की भूमिका निभा रहे हैं. (रवि शास्त्री) जब कोच थे, तब भी ऐसा हो रहा था. ऐसे में आपको क्या लगता है कि क्या कारण हो सकता है.’ पूर्व दिग्गज के इस बयान से क्रिकेट जगत में खलबली मची हुई है.
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन भारतीय टीम के पूर्व दिग्गज लेग स्पिनर हैं. 80 के दशक में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने अपनी जादुई स्पिन गेंदबाजी से सभी को हैरान कर दिया था. उन्होंने घरेलू क्रिकेट के एक मैच में सिर्फ 2 रन देकर 7 विकेट चटकाए थे, जिसके बाद सभी लोगों को ध्यान उन पर गया. इसके बाद भारतीय टीम में उन्हें मौका दिया गया. साल 1983 में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया. भारतीय टीम के खिलाड़ी उन्हें प्यार से शिवा कहकर बुलाते थे. फिर साल 1984 में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन के करियर में सबसे यादगार पल आया. उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ एक ही टेस्ट में 12 विकेट लिए, जिससे भारत ने अंग्रेजों को बुरी तरह हरा दिया. सिर्फ इतना ही नहीं, अगले साल यानी 1985 में लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने ऑस्ट्रेलिया में आयोजित वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ क्रिकेट में भारत की जीत में अहम भूमिका निभाई. उन्होंने उस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाए और भारत को चैंपियन बनाया.
पूर्व दिग्गज स्पिनर लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का करियर ज्यादा बड़ा नहीं रहा. उन्होंने भारत के लिए सिर्फ 9 टेस्ट मैच खेले, जिसमें 26 विकेट चटकाए. इसके अलावा शिवरामकृष्णन ने वनडे क्रिकेट में कुल 16 मुकाबले खेले, जिसमें 15 विकेट अपने नाम किए.
लक्ष्मण शिवरामकृष्णन ने साल 1987 में क्रिकेट से रिटायरमेंट लेने का एलान कर दिया. इसके बाद वे कमेंट्री से जुड़े. पिछले 23 सालों लक्ष्मण शिवरामकृष्णन बीसीसीआई के कमेंट्री पैनल का हिस्सा रहे. उनके पास खेल की तकनीकी जानकारी से लेकर बारीकी समझ है, जो उन्हें बाकी कमेंटेटरों से अलग बनाती है. हालांकि अब उन्होंने कमेंट्री छोड़ने का भी एलान कर दिया है. लक्ष्मण शिवरामकृष्णन का कहना है कि पिछले 23 सालों से उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है. उनका कहना है बीसीसीआई ने जानबूझकर उन्हें टॉस और पोस्ट मैच प्रजेंटेशन से दूर रखा है. उन्होंने इशारों में बताया कि उनके साथ रंगभेद किया गया है. उनके इस बयान को लेकर क्रिकेट जगत में सनसनी फैल गई है. हालांकि अभी तक इस पर बीसीसीआई की ओर से कोई बयान सामने नहीं आया है.
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