Saharsa News: सरकारी स्कूल के मिड-डे मील में सांप मिलने के कारण बच्चों की तबीयत खराब होने लगी. बच्चों ने बताया कि हमने खाने के बर्तन में सांप देखा था और हमने इसकी शिकायत अपने शिक्षक से की थी. लेकिन उस खाने को फेंकने की बजाय बच्चों को परोस दिया गया.
Bihar News: बिहार के सहरसा जिले के महिषी प्रखंड में एक सरकारी स्कूल का सनसनीखेज़ मामला सामने आया है. जिसके अन्तर्गत 250 से अधिक बच्चे विषाक्त मिड-डे मील खाने के बाद तबीयत खराब होने की शिकायत करने लगे. मिड-डे मील खाने के बाद अचानक बच्चों की तबीयत बिगड़ने लगी. बच्चों को उल्टी, पेट दर्द और घबराहट बेचैनी होने की शिकायत मिली, जिसके तुरंत बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती करना पड़ा. बच्चों ने अभिभावको को जानकारी दी कि खाने के बर्तन में सांप मिला था. इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल है.
सरकारी स्कूल के मिड-डे मील में सांप मिलने के कारण बच्चों की तबीयत खराब होने लगी. बच्चों ने बताया कि हमने खाने के बर्तन में सांप देखा था, और हमने इसकी शिकायत अपने शिक्षक से की थी. लेकिन उस खाने को फेंकने की बजाय बच्चों को परोस दिया गया, जिसके बाद के हालात जगजाहिर है. बड़ा सवाल यह है कि सरकारी स्कूलों का यह रवैया बच्चों के जान के साथ खिलवाड़ मात्र है. क्या प्रशासनिक अधिकारी के बच्चे इस तरह का भोजन खाएंगे? अगर नहीं, तो फिर गरीब का बच्चा क्यों इसे खाने के लिए मजबूर है? 250 से अधिक बच्चे जहरीला भोजन करने से अस्पताल में भर्ती है, जिसकी जिम्मेवारी अभी तक किसी के द्वारा नहीं ली गई है.
अभिभावकों ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस तरह की लापरवाही बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ है, जिसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. 250 से अधिक बच्चे अस्पताल में भर्ती है, जिनकी हालत अभी भी स्थिर बना हुई हैं. इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में रोष और डर का माहौल बना हुआ है. अभिभावकों ने बताया कि इस तरह की लापरवाही पहले भी सामने आई थी, लेकिन उस समय मामला इतना गंभीर नहीं था, अभिभावकों ने स्कूल शिक्षकों को भी आड़े हाथ लिया और कहा कि शिक्षक अगर बच्चों की जिम्मेवारी नहीं लेंगे तो इस तरह की घटना होती रहेगी.
घटना की जानकारी मिलते ही बच्चों के अभिभावक बड़ी संख्या में विद्यालय पहुंच गए और जमकर तोड़फोड़ और हंगामा किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले को शांत कराया और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया. इसके बावजूद कुछ अभिभावक शांत होते नजर नहीं आए और तुरंत कार्रवाई की मांग की, जानकारी के अनुसार 115 बच्चों की स्थिति अभी भी नाजुक बनी हुई है,
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी दीपेश कुमार, पुलिस अधीक्षक हिमांशु और सिविल सर्जन सहित कई वरिष्ट अधिकारी मौके पर पहुंचे. साथ ही सदर अस्पताल में चिकित्सकों की टीम और बड़ी संख्या में पुलिस बल भी विद्यालय और अस्पताल में तैनात किया गया. ताकि किसी प्रकार की हिंसा को बढ़ावा न मिलें.
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