Bhagalpur LPG Cylinder Crisis: भागलपुर प्रशासन ने हाल ही में सख्त निर्देश जारी किया कि जिले में शादी-ब्याह या भोज आयोजनों के लिए घरेलू एलपीजी सिलेंडर का उपयोग पूरी तरह वर्जित कर दिया गया है. इन कार्यक्रमों में अब उपयोग के लिए कामर्शियल (व्यावसायिक) गैस सिलेंडर (जिसे आमतौर पर नीले रंग में जाना जाता है) लेना अनिवार्य कर दिया गया है.
भागलपुर प्रशासन का कहना है कि ये निर्देश राज्य सरकार द्वारा जारी किये गए हैं, जिसे जिला प्रशासन द्वारा लागू कराया जा रहा है. यह निर्णय घरेलू गैस की किल्लत और उसके दुरुपयोग व कालाबाजारी रोकने के उद्देश्य से लिया गया है.
SDO को देना होगा आवेदन
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की एक नई अधिसूचना के अनुसार, जिस घर में विवाह आयोजन होना है, वहां घरेलू LPG से भोज बनाने पर प्रतिबंध लगाया गया है. इसके बजाय, शादी वाले घर के प्रबंधक को अपने क्षेत्र के अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) को एक औपचारिक आवेदन देना होगा, जिसमें शादी का कार्ड और इस बात का उल्लेख करना होगा कि कार्यक्रम में लगभग कितने मेहमान होंगे और कुल कितने कमर्शियल सिलेंडरों की आवश्यकता है. SDO इन जानकारियों के आधार पर गैस कंपनी को निर्देश देंगे कि जरूरत अनुसार कमर्शियल गैस की आपूर्ति की जाए, ताकि आपूर्ति और मांग के बीच संतुलन बना रहे.
केटरर्स के लिए भी अधिसूचना जारी
साथ ही, राज्य सरकार ने कैटरर्स (खाना पकाने वाले) के लिए भी नया फ्रेम बनाया है. अब होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और कैटरिंग व्यवसायों जैसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए कामर्शियल गैस कनेक्शन रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया गया है. गैस कंपनियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे 5-7 दिनों के भीतर ऐसे प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन पूरा कर दें, ताकि उन्हें नियमित रूप से कमर्शियल गैस उपलब्ध रहे. इस नियम का उल्लंघन करने वाले या घरेलू गैस सिलेंडर का व्यावसायिक उपयोग करने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की बात कही गई है.
प्रशासन के अनुसार यह प्रक्रिया इसलिए बनाई गई है कि शादी जैसी मांगलिक गतिविधियों के लिए LPG गैस की किल्लत न हो और घरेलू उपयोगकर्ताओं के लिए घरेलू सिलेंडर भी उपलब्ध रहें. इस तरह से बिहार सरकार ने शादियों के सीज़न में न केवल घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरत को सुरक्षित रखने का ध्यान रखा है, बल्कि नियमबद्ध और पारदर्शी गैस वितरण व्यवस्था को भी मजबूत करने की कोशिश की है.