Charlie Chaplin 2: मुंगेर के टेटिया बंबर गांव के निवासी राजन कुमार को लोग अब 'चार्ली चैपलिन-2' के नाम से जानते हैं. वो 26 साल से मूक अभिनय शो कर रहे हैं. 5000 से अधिक शो कर चुके राजन ने गिनीज और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी नाम दर्ज कराया है.
बिहार के चार्ली चैप्लिन
मुंगेर जिले के छोटे से गांव टेटिया बंबर में रहने वाले राजन कुमार ने बचपन में ही ठान लिया था कि वे ऐसा काम करेंगे जिससे हर चेहरे पर मुस्कान आए. बचपन से ही उन्हें चार्ली चैपलिन बेहद पसंद थे और फिर वो उन्हीं के नक्शेकदम पर चल पड़े. बिना एक शब्द बोले, सिर्फ हाव-भाव और अभिनय से ही वो दर्शकों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर देते हैं.
आज देश-विदेश में लोग उन्हें ‘चार्ली चैपलिन-2’ के रूप में पहचानते हैं. साल 2000 में उन्होंने लोगों को हंसाने के लिए मूक अभिनय करना शुरू किया था. इन 26 सालों में उन्होंने 5,375 से अधिक लाइव शो किये और एक अनोखा रिकॉर्ड बना लिया.
राजन कुमार के अलग अंदाज ने उन्हें गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड और लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में जगह दिलाई. वे बिना एक भी शब्द बोले लोगों को ठहाके लगाने पर मजबूर कर देते हैं. राजन का मानना है कि मूक अभिनय सिर्फ हंसी का माध्यम नहीं है बल्कि यह तनाव को दूर करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.
जब राजन ने ये शो करना शुरू किया तो परिवार वाले उनके समर्थन में नहीं थे. उनके घरवाले चाहते थे कि वो डॉक्टर बनकर नाम कमाएं, लेकिन राजन तो बचपन से ही अपना मन बना चुके थे. अपने इस पैशन को दिशा देने के लिए उन्होंने 1995 में दिल्ली स्थित राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय और पुणे के फिल्म संस्थान से प्रशिक्षण लिया. इसके बाद उन्होंने अपने प्रेरणास्रोत और महान कलाकार चार्ली चैपलिन की शैली पर मूक अभिनय की दुनिया में कदम रखा.
राजन कुमार ने अमेरिका, लंदन, जापान, हांगकांग और चीन जैसे देशों में अपने मूक अभिनय के शो किए हैं. विदेशों में लोग उनकी इस कला के दीवाने हैं. जून में वे चीन की मकाउ यूनिवर्सिटी में भी प्रस्तुति देंगे. जापान के टोकियो विश्वविद्यालय की प्रो. शाउनी उनकी बड़ी फैन हैं. वो बताती हैं कि जब भी उन्हें स्ट्रेस होता है तो वो राजन से वीडियो कॉल पर बात कर लेती हैं, जिसके बाद उन्हें अच्छा महसूस होने लगता है.
राजन ने कई फिल्मों में भी काम किया है. ‘नमस्ते बिहार’, ‘शहर मसीहा नहीं’ और ‘लहरिया कट’ सहित लगभग 11 फिल्मों में उन्होंने अभिनय का प्रदर्शन किया है. राजन को कई राष्ट्रीय-अंतर्राष्टीय पुरस्कार भी मिल चुके हैं. 1998 में भारत सरकार के सांस्कृतिक मंत्रालय द्वारा उन्हें छऊ नृत्य के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया था. 26 जनवरी, 2025 को गणतंत्र दिवस परेड में उन्हें वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष ‘जय हो’ कविता प्रस्तुत करने का अवसर भी मिला.
Odisha News: ओडिशा के नयागढ़ जिले से एक बेहद गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया…
IPL 2026 के करो या मरो के मैच में दिल्ली कैपिटल्स ने प्लेइंग-XI में 5…
राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिस पर 50 हजार का…
Ulhasnagar News: उल्हासनगर के शाहद ईस्ट ईलाके में रिलायंस डिजिटल के सामने एक चलती टोयोटा…
German Model Lizlaz Video: जर्मन मॉडल और इंफ्लुएंसर लिजलाज ने एक इंटरव्यू में बताया कि…
Punjab BJP Office Attack: तरनतारन में सोमवार दिनदहाड़े बीजोपी दफ़्तर पर हमला हुआ. इस घटना…