Delhi Police Raid: सेंट्रल दिल्ली से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है. जहां अजमेरी गेट के पास एस.एन मार्ग पर एक तंग कोठे में दिल्ली पुलिस की टीम ने जब छापा मारा तो एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया. इस स्थान से 8 महिलाओं का रेस्क्यू किया गया है. इन 8 महिलाओं में एक 17 साल की लड़की भी शामिल थीं. जो पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं. बताया जा रहा है कि जब पुलिस की टीम ने पहली मंजिल पर छापा मारा तो उसे एक छिपे हुए कमरे में एक लड़की मिली. यह कमरा एक अलमारी जैसी दिखने वाली तंग जगह के अंदर छिपा था. जो असल में छोटे-छोटे समूह का एक समूह था.
पुलिस की जानकारी के मुताबिक लड़की को लड़की को पश्चिम बंगाल से आलिया नाम की एक महिला ने बहला-फुसलाकर यहां लाया था. बाद में उस महिला ने लड़की को एक जोड़े कुमारी और उसके पति राहुल के हवाले कर दिया.
आरोपी जोड़ा हुआ फरार
इस जोड़े पर यह गैर-कानूनी धंधा चलाने का आरोप है. आरोप है कि इस किशोरी को ज़बरदस्ती जिस्मफरोशी के धंधे में धकेला गया. यह जोड़ा फिलहाल फरार है. दो आदमी, 36 साल का गोपी राम परिहार और 41 साल का लुमा कांत पांडे, जो दोनों नेपाल के डांग ज़िले के रहने वाले हैं, कथित तौर पर इस जगह पर मैनेजर के तौर पर काम कर रहे थे. पुलिस ने बताया कि वे पैसों के लेन-देन का हिसाब-किताब रखते थे और ग्राहकों को अंदर आने का इंतज़ाम करते थे. उन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है.
बचाव दल के सदस्यों ने क्या कहा?
बचाव दल के सदस्यों ने टाइम्स ऑफ इंडिया को जानकारी देते हुए बताया कि इमारत के बाहर एक पेड़ के पास लगी एक घंटी का इस्तेमाल कथित तौर पर एक ‘अलर्ट सिस्टम’ के तौर पर किया जाता था, ताकि अंदर मौजूद लोगों को खतरे की चेतावनी दी जा सके. NGO ‘सहयोग केयर फॉर यू’ के बचाव दल के सदस्यों में से एक फिरदौस ने बताया कि हम कई घंटों से वहां तैनात थे और नज़र रखे हुए थे. जैसे ही हमने अंदर घुसने की कोशिश की, किसी ने घंटी बजा दी.
कोने-कोने की ली गई तलाशी
वहां अफरा-तफरी मच गई और ग्राहक तेज़ी से नीचे की तरफ भागने लगे, लेकिन हमने उन्हें वहीं रोक लिया. तभी हमने ऊपर जाकर हर कोने-कोने की तलाशी लेने का फैसला किया. जब ग्राहक और कर्मचारी भागने की कोशिश कर रहे थे, तो उन्हें सीढ़ियों पर ही रोक लिया गया. इसके बाद, बचाव दल ने उस पूरी जगह की अच्छी तरह से तलाशी ली. जांच करने वालों को अंदर से कई विस्तृत रिकॉर्ड भी मिले, जिनमें ऐसे रजिस्टर भी शामिल थे जिनमें यह दर्ज था कि किस महिला के हिस्से में कितने ग्राहक आए थे. उन्होंने आगे कहा कि ये एक टोकन सिस्टम से जुड़े थे, जिसमें पैसे की कीमत वाले रंगीन टोकन जारी किए जाते थे और बाद में उन्हें मैनेजरों से बदला जाता था.
डीसीपी ने क्या कहा?
डीसीपी (सेंट्रल) रोहित राजबीर सिंह ने कहा कि जगह से मिले सबूतों में करीब 2 लाख रुपये कैश, 118 US डॉलर, विदेशी करेंसी के नोट, 33 ग्राम गांजा, इस्तेमाल किए हुए कंडोम, सीमेन के दाग लगे होने का शक वाला जालीदार कपड़ा, लेन-देन की पर्चियां, दवाएं, आठ डायरियां, रंगीन टोकन, दो चाकू और बीयर की 264 बोतलें और 478 कैन शामिल थे. BNS, यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, अनैतिक व्यापार (रोकथाम) अधिनियम, NDPS अधिनियम और आबकारी अधिनियम के तहत कई FIR दर्ज की गई हैं.
कितनी महिलाओं को किया गया रेस्क्यू
पुलिस ने बताया कि उस जगह से बचाई गई आठ महिलाओं में 17 साल की एक लड़की भी शामिल थी. बाकी महिलाएं, जिनकी उम्र 18 से 36 साल के बीच है, पश्चिम बंगाल, असम, उत्तर प्रदेश और नेपाल की रहने वाली हैं.