Hansraj College Suspend Students: दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में प्रशासन ने 30 छात्रों को निलंबित कर दिया. जिसमें छात्र संघ के 4 पदाधिकारी भी शामिल हैं. इन सभी लोगों पर संस्थान को बदनाम करने के लिए अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप है.
हंसराज कॉलेज ने 30 छात्रों को किया निलंबित
Hansraj College Suspend Students: दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज में तब तनाव बढ़ गया, जब प्रशासन ने लगभग 30 छात्रों को निलंबित कर दिया. इनमें छात्र संघ के चार पदाधिकारी भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि इन सभी लोगों पर सोशल मीडिया पर संस्थान को बदनाम करने से लेकर अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करने तक के आरोप लगाए गए हैं.
ये नोटिस 20 से 25 अप्रैल के बीच जारी किए गए थे. ये नोटिस 8 और 9 अप्रैल को कॉलेज के सालाना फेस्ट के दौरान कथित हिंसा और दुर्व्यवहार की घटनाओं के बाद जारी किए गए.
25 अप्रैल के एक नोटिस में कॉलेज प्रशासन ने कहा कि संघ के पदाधिकारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है और उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है. निलंबित किए गए लोगों में हंसराज कॉलेज छात्र संघ के 2025-26 के लिए चुने गए चार प्रतिनिधि शामिल हैं. नोटिस के अनुसार, छात्रों को निलंबन की अवधि के दौरान कॉलेज परिसर में प्रवेश करने से रोक दिया गया है, हालांकि इनलोगों को परीक्षा और आंतरिक मूल्यांकन में शामिल होने की इजाजत होगी.
निलंबित छात्रों को कितने दिनों तक निलंबित रखा जाएगा. इसकी जानकारी अभी स्पष्ट नहीं है. जारी किए गए आदेश को अंतरिम बताया गया है और यह अगले आदेश तक प्रभावी रहेगा. 20 अप्रैल को जारी किया गया पहला नोटिस सिर्फ एक छात्र के खिलाफ था. इसमें कहा गया था कि छात्र अनुशासनहीनता के कृत्यों में शामिल पाया गया था, जिसमें संस्थान को बदनाम करना और शिक्षण तथा गैर-शिक्षण कर्मचारियों के खिलाफ अपमानजनक भाषा का इस्तेमाल करना शामिल था.
यह भी पढ़ें :-
दूसरे नोटिस में 14 छात्रों के नाम थे, जिन पर सालाना फेस्ट के दौरान अनुशासनहीनता, शारीरिक हिंसा और परिसर की व्यवस्था में बाधा डालने” के कृत्यों में कथित रूप से शामिल होने का आरोप था. इस कार्रवाई की दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DUSU) ने कड़ी आलोचना की है. DUSU ने इसे “छात्र लोकतंत्र पर एक बेशर्मी भरा हमला और प्रशासनिक शक्ति का सरासर दुरुपयोग” बताया है.
इस पूरे मामले पर दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ अध्यक्ष आर्यमन साई का बयान सामने आया है. जिसमें उन्होंने कहा है कि ये वही प्रतिनिधि हैं जो छात्रों के अधिकारों के लिए लड़ते हुए दिनों तक धरने पर बैठते हैं तो आखिर उनका अपराध क्या है? सच बोलना? प्रशासनिक विफलताओं को उजागर करना? छात्र नेतृत्व को कुचलने के प्रयास का आरोप लगाते हुए साई ने आगे कहा कि चुनी हुई आवाजों को चुप कराना शासन नहीं है, यह डर है और उन्होंने निलंबन को तत्काल और बिना शर्त रद्द करने की मांग की. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि परिसर असहमति, संवाद और जवाबदेही के लिए होते हैं, न कि सत्तावादी दमन के लिए. छात्रों को डराया-धमकाया नहीं जाएगा. छात्रों को चुप नहीं कराया जाएगा.
Mushfiqur Rahim Century: पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट मैच में बांग्लादेश के दिग्गज बल्लेबाज मुशफिकुर…
CM Yogi on Namaz: सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में सार्वजनिक…
Bhuvneshwar Kumar IPL 2026: आरसीबी के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार आईपीएल 2026 में 24 विकेट…
Hardoi Viral Video: सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी तेजी से वायरल हो रहा है.…
Viral Video: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर रेलवे स्टेशन से सनसनीखेज मामला…
इंटरनेट पर एक भैंस का नाम बदलकर 'डोनाल्ड ट्रंप' रख दिया गया है, क्योंकि उसकी…