Delhi Water Supply: दिल्ली जल बोर्ड ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को घोषणा करते हुए कहा कि 20 और 21 मार्च को दिल्ली के कुछ इलाकों जैसे शालीमार बाग के कुछ इलाके, नरेला में सेक्टर ए-6 और रोहिणी सेक्टर 7 और 8 में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी.
दिल्ली के कुछ इलाकों में 20 और 21 मार्च को पानी की सप्लाई बाधित रहेगी.
Delhi Water Supply Disrupted: दिल्ली जल बोर्ड ने आज यानी गुरुवार (19 मार्च, 2026) को घोषणा करते हुए बताया कि 20 मार्च और 21 मार्च को दिल्ली के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी. बोर्ड ने बताया कि सप्लाई में यह रुकावट अंडरग्राउंड रिज़र्वॉयर (UGRs) और बूस्टर पंपिंग स्टेशनों (BPSs) की सालाना सफाई और फ्लशिंग की वजह से है.
शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को एएफ ब्लॉक (शालीमार बाग), बीसी ब्लॉक (शालीमार बाग), सेक्टर A-6 (पॉकेट 11 और 13) और नरेला में सेक्टर A-6 (पॉकेट 5), साथ ही रोहिणी सेक्टर 7 और 8 में पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी. तो वहीं, शनिवार (21 मार्च, 2026) को शालीमार बाग के BB (पश्चिम) ब्लॉक और BG-1 ब्लॉक में पानी की सप्लाई नहीं होगी.
इसके अलावा, दिल्ली जल बोर्ड ने प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सलाह दी है कि वे अपनी ज़रूरतों को पूरा करने के लिए पहले से ही पर्याप्त मात्रा में पानी जमा कर लें.दिल्ली जल बोर्ड ने असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है और नागरिकों से सहयोग की अपील की है.
किसी भी आपात स्थिति में दिल्ली जल बोर्ड के कंट्रोल रूम 1916 पर संपर्क करके पानी के टैंकर मंगवाए जा सकते हैं. इसके अलावा, इन आपातकालीन नंबरों के माध्यम से भी मदद मांगी जा सकती है. अगर किसी भी व्यक्ति को मदद की जरूरत हो तो आप अशोक विहार जल आपातकालीन सेवा 011-24306089 पर, पश्चिम विहार जल आपातकालीन सेवा 011-25274679, 25275259, 25275260 पर, पंजाबी बाग जल आपातकालीन सेवा 011-25223658 पर; और होलांबी जल आपातकालीन सेवा 011-27700789, 27700474 पर संपर्क कर सकते हैं.
अब आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर ये यूजीआर और बीपीएस क्या होते हैं. जिसकी वजह से पानी की सप्लाई बाधित हुई है. तो आपकी सभी शंकाओं को दूर करते हुए बता दें कि यूजीआर (भूमिगत जलाशयों) और बीपीएस (बूस्टर पंपिंग स्टेशनों) एक ऐसी प्रक्रिया है. जिसके माध्यम से नियमित रखरखाव किया जाता है. जिसका एकमात्र मकसद पानी की गुणवत्ता और सप्लाई सिस्टम को बेहतर बनाना होता है. इस प्रक्रिया के तहत भूमिगत जलाशयों और पंपिंग सिस्टम से जमा हुई गंदगी, गाद और दूसरी तरह की गंदगियों को साफ किया जाता है. पानी में बैक्टीरिया और अन्य प्रदूषकों के पनपने की संभावना को खत्म करने के उद्देश्य से हर साल एक रखरखाव प्रक्रिया की जाती है.
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