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AI समिट विवाद: कौन हैं उदय भानु चिब, क्या है आरोप? जानिए उनका राजनीतिक सफर और पूरा प्रोफाइल

AI Summit controversy: AI समिट में शर्टलेस विरोध प्रदर्शन के मामले में उदय भानु चिब को कोर्ट ने चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है. जानें कौन हैं उदय भानु चिब, उनका राजनीतिक सफर और उन पर दर्ज धाराओं का पूरा रिपोर्ट.

AI समिट में यूथ कांग्रेस द्वारा किए गए शर्टलेस(बिना शर्ट) विरोध प्रदर्शन के मामले में कोर्ट ने उदय भानु चिब को चार दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है. इस मामले में राहुल गांधी ने गिरफ्तार किए गए यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को ‘बब्बर शेर’ बताया है. इस मामले में मामले में कुल गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या आठ हो गई है.

कौन हैं उदय भानु चिब?

वर्तमान में उदय भानू चिब भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. और युवाओं, किसानों और महिलाओं के मुद्दे पर अपनी आवाज उठाते हैं. इससे पहले वह युवा कांग्रेस महासचिव और NSUI के महासचिव भी रह चुके हैं. उनको जम्मू-कश्मीर भारतीय युवा कांग्रेस और NSUI के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष पद की भी जिम्मेदारी मिल चुकी है.

उदय भानु चिब कहां के रहने वाले हैं?

उदय भानु चिब जम्मू के पलौड़ा के रहने वाले हैं. वे राजनीतिक रूप से सक्रिय परिवार से आते हैं. वे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरि सिंह चिब के पुत्र हैं, जो जम्मू और कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के उपाध्यक्ष रह चुके हैं. चिब राजपूत समुदाय से है.

उदय भानु चिब कहां तक पढ़े हैं?

उदय भानु चिब ने पुणे विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग स्नातक की पढ़ाई की हैं. उन्होंने हिमाचल प्रदेश के अरनी विश्वविद्यालय से एमबीए भी किया हुआ है. कांग्रेस पार्टी में उनका लगातार विकास हुआ है. उनके करियर में एक महत्वपूर्ण टर्निंग प्वाइंट तब आया जब उनको जम्मू और कश्मीर प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष पद पर नियुक्त किया गया. इस दौरान उन्होंने स्थानीय समस्याओं को सुलझाने के लिए युवाओं को संगठित और सक्रिय करने का काम किया.

क्या मामला दर्ज है?

उदय भानु चिब पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है. इसमें आपराधिक साजिश के लिए धारा 61(2) और लोक सेवक को कर्तव्य से रोकने के लिए स्वेच्छा से चोट या गंभीर चोट पहुंचाने के लिए धारा 121(1) शामिल है.

अन्य अन्य आरोपों में

  • धारा 132 के तहत लोक सेवक को कर्तव्य निर्वहन से रोकने के लिए हमला या आपराधिक बल का प्रयोग शामिल है
  • 195(1) के तहत दंगा दमन के दौरान लोक सेवक पर हमला या बाधा डालना शामिल है
  • 221 के तहत लोक सेवक को लोक कार्यों के निर्वहन में बाधा डालना है
  • 223(ए) के तहत लोक सेवक के आदेशों की अवज्ञा करना
  • 190 के तहत गैरकानूनी सभा के सदस्यों द्वारा अपराध करना
  • 197 के तहत राष्ट्रीय एकता के लिए हानिकारक आरोप लगाना
  • 3(5) के तहत सामान्य इरादे का आरोप लगाना है.

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