<
Categories: दिल्ली

दिल्ली में आग से बचाव के नियम हुए सख्त, अब हर इमारत में 6 मीटर का रास्ता जरूरी, फायर लिफ्ट से स्मोक सिस्टम तक नए नियम

Delhi Fire Safety Rules 2026: दिल्ली में आग की घटनाओं के बीच सरकार ने इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था के नियम सख्त कर दिए हैं. नए नियमों के तहत दमकल की पहुंच के लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा रास्ता, फायर और स्मोक बैरियर, अलार्म सिस्टम, फायर पंप, अलग पानी का भंडारण और ऊंची इमारतों में फायर लिफ्ट जैसे इंतजाम अनिवार्य किए गए हैं. संशोधित नियम 28 अगस्त को अधिसूचित किए गए हैं.

Delhi Fire Safety Rules 2026: दिल्ली में लगातार सामने आ रही आग की घटनाओं के बीच सरकार ने इमारतों की अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नियमों को और सख्त कर दिया है. उपराज्यपाल की मंजूरी के बाद दिल्ली सरकार के गृह विभाग ने दिल्ली अग्निशमन सेवा (संशोधन) नियम, 2026 को अधिसूचित कर दिया है. नए नियमों का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के साथ-साथ दमकल की गाड़ियों और अग्निशमन कर्मियों की इमारत तक आसान पहुंच सुनिश्चित करना है. संशोधित नियमों में भवनों की ऊंचाई और उनके इस्तेमाल के आधार पर अग्नि सुरक्षा के अलग-अलग मानक तय किए गए हैं. अब इमारतों में आग और धुएं को फैलने से रोकने से लेकर आपात स्थिति में निकासी और अग्निशमन कर्मियों के लिए सुरक्षित रास्ते तक कई व्यवस्थाओं को अनिवार्य किया गया है.

दमकल की गाड़ी के लिए 6 मीटर चौड़ा रास्ता जरूरी

नए नियमों के तहत इमारतों के परिसर तक दमकल की गाड़ियों की पहुंच के लिए कम से कम छह मीटर चौड़ा रास्ता उपलब्ध कराना होगा. इससे आग लगने की स्थिति में फायर ब्रिगेड को घटनास्थल तक पहुंचने में परेशानी न हो. इसके साथ ही आग और धुएं को एक हिस्से से दूसरे हिस्से में फैलने से रोकने के लिए फायर और स्मोक बैरियर, फायर चेक दरवाजे और स्मोक मैनेजमेंट सिस्टम जैसी व्यवस्थाएं भी करनी होंगी. संशोधित व्यवस्था में सभी इमारतों के लिए एक जैसे सुरक्षा इंतजाम नहीं होंगे. भवन की ऊंचाई और उसके इस्तेमाल के आधार पर अग्नि सुरक्षा के मानक तय किए जाएंगे. जिन भवनों के लिए संशोधित यूनिफाइड बिल्डिंग बायलाज-2016 में कोई विशेष अग्नि सुरक्षा प्रावधान नहीं है, वहां दिल्ली अग्निशमन सेवा के निदेशक जरूरत के मुताबिक अतिरिक्त सुरक्षा इंतजाम करने का निर्देश दे सकेंगे.

18 तरह के अग्नि सुरक्षा उपाय किए गए शामिल

संशोधित नियमों में कुल 18 श्रेणियों के अग्नि सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं. इनमें फायर एक्सटिंग्विशर से लेकर ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन और अलार्म सिस्टम तक कई व्यवस्थाएं शामिल हैं. आवश्यकता के अनुसार इमारतों में ऑटोमैटिक स्प्रिंकलर और फायर सप्रेशन सिस्टम भी लगाना होगा. इसके अलावा फर्स्ट-एड होज रील और पब्लिक एड्रेस एवं वॉयस इवैक्यूएशन सिस्टम जैसी सुविधाएं भी सुरक्षा व्यवस्था का हिस्सा होंगी.

पानी से लेकर फायर पंप तक की अलग व्यवस्था

नई अग्नि सुरक्षा व्यवस्था में इमारतों के भीतर आंतरिक हाइड्रेंट और वेट राइजर की व्यवस्था भी शामिल है. साथ ही फायर पंप हाउस और अग्निशमन के लिए अलग पानी का भंडारण करना होगा. अग्निशमन कर्मियों के लिए इमारत के भीतर सुरक्षित पहुंच का प्रबंध भी जरूरी होगा, ताकि आपात स्थिति में वे तेजी से प्रभावित हिस्से तक पहुंच सकें और राहत-बचाव अभियान चलाया जा सके.

निकासी के रास्तों पर साफ दिखाई देंगे संकेत

आग लगने की स्थिति में लोगों को बाहर निकलने में परेशानी न हो, इसके लिए निकासी के रास्तों पर स्पष्ट संकेतक लगाने होंगे. इनमें फ्लोर नंबर और रिफ्लेक्टिव टेप जैसे इंतजाम शामिल हैं. इसका उद्देश्य धुआं भरने या बिजली चले जाने जैसी स्थिति में भी लोगों को बाहर निकलने का रास्ता आसानी से दिखाई देना है. ऊंची इमारतों के लिए नियमों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की गई है. ऐसे भवनों में जरूरत के मुताबिक फायर टावर और फायर लिफ्ट की व्यवस्था करनी होगी. इसके अलावा महत्वपूर्ण अग्नि सुरक्षा प्रणालियों के लिए आपातकालीन बिजली की व्यवस्था भी अनिवार्य होगी. इसमें फायर पंप, स्मोक वेंटिंग सिस्टम, इमरजेंसी लाइटिंग और फायर अलार्म सिस्टम शामिल हैं.

फायर कंट्रोल रूम से होगी लगातार निगरानी

नए सुरक्षा ढांचे में फायर चेक फ्लोर, रिफ्यूज एरिया और लगातार निगरानी वाले फायर कंट्रोल रूम को भी शामिल किया गया है. इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य आग लगने की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना और आग पर नियंत्रण के लिए निगरानी को मजबूत करना है. गृह विभाग की ओर से संशोधित नियमों को 28 अगस्त को अधिसूचित किया गया. ये प्रावधान दिल्ली विकास प्राधिकरण द्वारा संशोधित यूनिफाइड बिल्डिंग बायलाज-2016 की अधिसूचना के साथ लागू होंगे. नियम लागू होने के समय जो आवेदन पहले से लंबित होंगे, उनका निपटारा पुराने प्रावधानों के अनुसार किया जाएगा. संशोधन के तहत दिल्ली अग्निशमन सेवा नियमों से भारत की राष्ट्रीय भवन संहिता से संबंधित शब्दावली भी हटा दी गई है. नए प्रावधानों के लागू होने के बाद दिल्ली की इमारतों में आग से बचाव और आपातकालीन निकासी की व्यवस्था के लिए एक अधिक विस्तृत सुरक्षा ढांचा प्रभावी होगा.

sharma ranjana

Share
Published by
sharma ranjana

Recent Posts

Samsung की खुली पोल! सामान बेचकर ग्राहकों को समझा ‘कचरा’, पीड़ित यूजर ने निकाली भड़ास!

Samsung TV Issue: सैमसंग की आफ्टर-सेल्स सर्विस का स्तर दिन-ब-दिन खराब होता जा रहा है…

Last Updated: September 19, 2026 21:32:05 IST

बिहार में खुलेगा देश का पहला ‘ऑल-विमेन’ यूनिवर्सिटी, 1 करोड़ महिलाओं को सीधा रोजगार, PhD के लिए मिलेगी स्टाइपेंड; CM ने खोला खजाना!

बिहार में महिलाओं के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं. नौकरियों से लेकर स्कॉलरशिप…

Last Updated: September 19, 2026 20:26:46 IST

UP में कई IPS अफसरों का ट्रांसफर, चारू निगम को PAC गाजियाबाद की जिम्मेदारी, देखें पूरी ट्रांसफर लिस्ट

Uttar Pradesh IPS Transfer: उत्तर प्रदेश में पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल करते हुए शासन…

Last Updated: September 19, 2026 20:18:42 IST

Shani Dhaiya Remedy: शनि की साढ़ेसाती-ढैय्या में सिर्फ पूजा नहीं, इन आदतों को बदलना भी माना जाता है जरूरी

Shani Dhaiya Remedy: ज्योतिष में शनि को कर्म और न्याय का कारक माना जाता है.…

Last Updated: September 19, 2026 20:19:38 IST

Ranveer-Deepika second child: दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह दूसरी बार बने माता-पिता, सोशल मीडिया पर शेयर की खुशखबरी

Ranveer-Deepika second child: दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह के फैंस के लिए बेहद खुशखबरी सामने…

Last Updated: September 19, 2026 19:39:55 IST