Delhi Jal Board: दिल्ली में जिस तरह से बिजली के लिए मैसेज आता है, ठीक वैसे ही अब दिल्ली जल बोर्ड का भी मैसेज आएगा. दिल्ली जल बोर्ड बिजली कंपनियों की तर्ज पर उपभोक्ताओं के लिए SMS ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रहा है.
दिल्ली जल बोर्ड
Delhi Jal Board: दिल्ली में अगर आपके इलाके में पानी की सप्लाई बंद होने वाली है या पाइपलाइन की मरम्मत के कारण जलापूर्ति प्रभावित होने वाली है, तो अब इसकी जानकारी आपको पहले ही मोबाइल पर मिल सकती है. दिल्ली जल बोर्ड बिजली कंपनियों की तर्ज पर उपभोक्ताओं के लिए SMS ब्रॉडकास्ट सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रहा है. इस सुविधा के तहत पानी और सीवर से जुड़े जरूरी अपडेट सीधे लोगों के मोबाइल फोन पर भेजे जाएंगे. शुरुआत में लगभग 20 लाख उपभोक्ताओं को इस सेवा से जोड़ा जाएगा.
जल बोर्ड के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है कि SMS के जरिए उपभोक्ताओं को पानी और सीवर से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां दी जाएंगी. इनमें पानी की सप्लाई बंद होने की सूचना, पाइपलाइन में खराबी, नियोजित या अचानक होने वाले मेंटेनेंस कार्य और मरम्मत के बाद पानी की सप्लाई दोबारा शुरू होने की जानकारी भी दी जाएगी. बता दें कि फिलहाल बिजली वितरण कंपनियां अपने उपभोक्ताओं को बिजली कटौती और बिल समेत कई अपडेट देते हैं. ये अपडेट मैसेज और व्हॉट्सएप के जरिए देती हैं. अब इसी व्यवस्था को जल बोर्ड भी अपनाने की तैयारी कर रहा है.
अधिकारियों का कहना है कि कई बार पानी से जुड़ी जानकारी समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पाती. ऐसे में उपभोक्ता जानकारी लेने या शिकायत दर्ज कराने के लिए जल बोर्ड की 1916 हेल्पलाइन पर संपर्क करते हैं. SMS सेवा शुरू होने से लोगों को जरूरी जानकारी पहले ही मिल सकेगी और हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों का दबाव भी कम होने की उम्मीद है. इस सेवा को शुरू करने के लिए जल्द ही एक निजी एजेंसी को नियुक्ति किया जाएगा. दिल्ली जल बोर्ड इस सुविधा को अगले एक से डेढ़ महीने में शुरू कर सकती है. ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी होने के बाद जल बोर्ड के उपभोक्ताओं की संख्या करीब 60 से 62 लाख तक पहुंचने की उम्मीद है. इसके बाद SMS सेवा का दायरा भी बढ़ाया जाएगा.
वहीं, भूजल के अवैध इस्तेमाल के मामले में भी जल बोर्ड ने कार्रवाई तेज कर दी है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त रुख के बाद पहाड़गंज और आसपास के इलाकों में होटल और गेस्ट हाउस के बोरवेल की जांच की जा रही है. जल बोर्ड ने NGT को बताया कि चिन्हित 555 होटल और गेस्ट हाउस में से 432 ने अपने बोरवेल पर डिजिटल वॉटर मीटर या पीजोमीटर लगा लिए हैं. वहीं, नियमों का पालन नहीं करने वाले 123 होटलों के बोरवेल सील करने की तैयारी है.
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