Parliament March Pellet Gun Firing: NEET पेपर लीक के विरोध में पार्लियामेंट मार्च के दौरान स्टूडेंट्स पर कथित तौर पर पेलेट गन से फायरिंग के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है. शुरू में जो आरोप-प्रत्यारोप का मामला था, अब सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की इंटरनल जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं.
छात्रों पर पैलेट गन चलाने वाले RAF जवान की पहचान
Parliament March CRPF Investigation: NEET पेपर लीक के विरोध में पार्लियामेंट मार्च के दौरान स्टूडेंट्स पर कथित तौर पर पेलेट गन से फायरिंग के मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है. शुरू में जो आरोप-प्रत्यारोप का मामला था, अब सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) की इंटरनल जांच में कई अहम बातें सामने आई हैं.
जांच टीम ने उस रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के जवान की पहचान कर ली है जिसने विरोध के दौरान पेलेट गन से फायरिंग की थी. शुरुआती जांच में पता चला है कि कुल सात राउंड फायरिंग हुई, जिनमें से पांच प्रदर्शनकारियों को लगीं. यह खुलासा ऐसे समय में हुआ है जब विपक्ष इस घटना को लेकर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठा रहा है.
CRPF सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला है कि जिस जवान की बात हो रही है, उसने कुल सात राउंड फायरिंग की. इनमें से पांच राउंड प्रदर्शनकारियों को लगीं, जबकि दो जमीन पर लगीं. सभी फायरिंग कनॉट प्लेस इलाके में हुई. जांच टीम अब उन हालात और जगहों की जांच कर रही है जहां पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया था. CRPF की इंटरनल जांच टीम पूरी घटना की डिटेल में जांच कर रही है. जांच रिपोर्ट अगले हफ्ते आने की उम्मीद है. रिपोर्ट के आधार पर इसमें शामिल जवानों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी.
मॉनसून सत्र के पहले दिन 20 जुलाई को स्टूडेंट ऑर्गनाइज़ेशन ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग करते हुए पार्लियामेंट तक मार्च किया. जब प्रोटेस्ट के दौरान हिंसा हुई, तो पुलिस ने टियर गैस छोड़ी और लाठीचार्ज किया. स्टूडेंट्स ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ पेलेट गन का भी इस्तेमाल किया गया, इस आरोप से दिल्ली पुलिस ने इनकार किया है.
घटना के बाद, खबरें आईं कि कम से कम चार प्रदर्शनकारी पैलेट से घायल हुए हैं. सफदरजंग हॉस्पिटल में भर्ती एक घायल व्यक्ति की मेडिकल जांच में पैलेट से चोट लगने की पुष्टि हुई. इसके बाद, विपक्ष ने संसद और पब्लिक फोरम पर इस मुद्दे को ज़ोर-शोर से उठाया और सुरक्षा बलों की कार्रवाई पर सवाल उठाए.
इस घटना के बाद, RAF इंस्पेक्टर जनरल सीमा धुंधिया की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल मीटिंग हुई. मीटिंग में दिल्ली में प्रोजेक्टाइल एक्शन गन (PAGs), एंटी-रॉयट गन (ARFs), इलेक्ट्रिक शॉक वेपन और इलेक्ट्रिक शील्ड के इस्तेमाल और जारी करने पर अगले नोटिस तक रोक लगाने के निर्देश दिए गए. मीटिंग में जंतर-मंतर और संसद मार्च के दौरान बल प्रयोग पर भी नाराज़गी जताई गई, और कहा गया कि वे तय स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के खिलाफ थे.
PM Kisan 24th Installment: पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार कर…
India vs West Indies series cancelled: भारत और वेस्टइंडीज के बीच बेंगलुरु के एम. चिन्नास्वामी…
Kolkata Durga Puja accident: दुर्गा पूजा की सप्तमी की शाम कोलकाता के चोरबागान सार्वजनीन पूजा…
When is Sharad Purnima: शरद पूर्णिमा 2026 में 25 अक्टूबर, रविवार को मनाई जाएगी. द्रिक…
Imran Khan FRRO notic: आमिर खान के भांजे और अभिनेता इमरान खान ने FRRO के…
Madhuri Dixit Wedding Anniversary: माधुरी दीक्षित और डॉ. श्रीराम नेने की शादी को 27 साल…