पुणे: महाराष्ट्र के पुणे जिले के अंबेगांव पुलिस स्टेशन क्षेत्र में 6 मार्च की देर रात करीब 2 से 3 बजे के बीच एक शर्मनाक घटना घटी. खुद को गोरक्षक बताने वाले कुछ लोगों ने भैंसों से लदा एक ट्रक रोक लिया और चालक के साथ मारपीट की.
आरोप है कि ये तथाकथित गोरक्षकों ने उन्होंने चालक को जबरन गोबर भी खिलाया. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई शुरू की.
घटना का पूरा विवरण
ट्रक में भैंसें लदी हुई थीं, जिसे देखकर गोरक्षकों ने चालक पर पशु तस्करी का आरोप लगाया. वीडियो में साफ दिख रहा है कि चालक को घसीटा गया, उसके साथ दुर्व्यवहार किया गया और गोबर खाने के लिए मजबूर किया गया. चालक डर के मारे चुप रहा. यह पूरी घटना पुलिस स्टेशन के नजदीकी इलाके में हुई. किसी ने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. वीडियो वायरल होते ही लोगों में भारी आक्रोश फैल गया. सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने सवाल उठाए कि पुलिस स्टेशन के पास ऐसी घटना होने पर तत्काल कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
पुलिस कार्रवाई और आरोपी
मामला वायरल होते ही पुलिस ने वीडियो के आधार पर मामला दर्ज किया. ट्रक चालक के खिलाफ पशु तस्करी के आरोप में भी केस दर्ज हुआ है. वहीं, मारपीट और जबरन गोबर खिलाने के आरोप में विपाशा मणिकम (तृतीयपंथी), हेमंत गायकवाड और विराज सोले के खिलाफ धार्मिक भावनाएं आहत करने तथा आपत्तिजनक कृत्य की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया. विपाशा मणिकम और हेमंत गायकवाड को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि विराज सोले की तलाश जारी है. अंबेगांव पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है.
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. लोग गोरक्षा के नाम पर कानून हाथ में लेने की प्रवृत्ति की निंदा कर रहे हैं. कई यूजर्स ने इसे “इंसानों पर अत्याचार” बताया और दोषियों के खिलाफ सख्त सजा की मांग की. वहीं कुछ ने राजनीतिक दलों पर भी सवाल उठाए कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं.