भारतीय जनता पार्टी, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने आज एक वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए घोषणा की कि ओबीसी मोर्चा आगामी 31 अगस्त को ‘मुक्ति दिवस’ के रूप में पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित करेगा। डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि वर्ष 1952 में तत्कालीन सरकार द्वारा विमुक्त, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु समाजों को अंग्रेजों द्वारा थोपी गई ‘अपराधी जनजाति अधिनियम’ से मुक्त किया गया था। इसी ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 31 अगस्त को ‘मुक्ति दिवस’ मनाया जाता है।
India News (इंडिया न्यूज), MP Dr K Laxman : भारतीय जनता पार्टी, ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद डॉ. के. लक्ष्मण ने आज एक वर्चुअल बैठक को संबोधित करते हुए घोषणा की कि ओबीसी मोर्चा आगामी 31 अगस्त को ‘मुक्ति दिवस’ के रूप में पूरे देश में कार्यक्रम आयोजित करेगा। डॉ. लक्ष्मण ने कहा कि वर्ष 1952 में तत्कालीन सरकार द्वारा विमुक्त, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु समाजों को अंग्रेजों द्वारा थोपी गई ‘अपराधी जनजाति अधिनियम’ से मुक्त किया गया था। इसी ऐतिहासिक क्षण की स्मृति में प्रत्येक वर्ष 31 अगस्त को ‘मुक्ति दिवस’ मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि यह समाज लंबे समय तक सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक रूप से उपेक्षित रहा है। कांग्रेस और अन्य दलों ने इन्हें केवल वोट बैंक समझा और कोई ठोस कदम नहीं उठाए। इसके विपरीत भाजपा सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उनकी पीड़ा को समझा और ठोस कार्य किया। डॉ लक्ष्मण ने बताया कि जनवरी 2015 में ईदाते आयोग का गठन हुआ, जिसने 2018 में अपनी रिपोर्ट सौंपी और उसकी सिफारिश पर विमुक्त घुमंतु एवं अर्ध घुमंतु कल्याण एवं विकास बोर्ड बनाया गया।
डॉ लक्ष्मण ने बताया कि भाजपा सरकार ने ही सीड (SEED) योजना शुरू की जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका और आवास के क्षेत्र में ठोस खत्म उठाए गए। उन्होंने कहा इस योजना के अंतर्गत हजारों परिवारों को शिक्षा एवं स्वास्थ्य लाभ मिला और 3700 से अधिक महिला स्वयं सहायता समूह गठित हुए जिनमें लगभग 47000 महिलाएं आजीविका से जुड़ी।
डॉ लक्ष्मण ने बताया 11 अगस्त 2025 को मैंने राज्यसभा में विमुक्त घुमंतू एवं अर्ध घुमंतु समुदाय के मुद्दों को विस्तार से रखा है। मैंने जनगणना में उनके लिए अलग से कलम जोड़ने और राष्ट्रीय स्तर पर स्थाई आयोग के गठन की सिफारिश की है। उन्होंने बताया कि यह समुदाय आज भी शिक्षा और विकास में एससी, एसटी, ओबीसी की अन्य जातियों से 100 वर्ष पीछे है। केवल 6 राज्य डी एन टी, एन टी,एस एन टी प्रमाण पत्र जारी कर रहे हैं और वह भी अत्यंत कठिन प्रक्रियाओं से। अब समय आ गया है कि इन समुदायों के लिए राष्ट्रीय स्तर पर स्थाई आयोग बने और जनगणना में अलग कॉलम जोड़कर इनकी वास्तविक जनसंख्या की पहचान हो।
डॉ. लक्ष्मण ने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे 31 अगस्त को ‘मुक्ति दिवस’ के अवसर पर समाज के बीच जाकर उनके योगदान को रेखांकित करें, और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी लोगों तक पहुँचाएँ। उन्होंने कहा कि भाजपा और ओबीसी मोर्चा का संकल्प है कि “सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास” की भावना के साथ विमुक्त, घुमंतु और अर्ध-घुमंतु समाजों को मुख्यधारा में लाया जाए। ओबीसी मोर्चा द्वारा इस अवसर पर देशभर में संगोष्ठियों, सम्मान कार्यक्रमों, जनसभाओं और समाज संवाद का आयोजन किया जाएगा।
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