हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने एक बुजुर्ग नागरिक द्वारा उठाई गई गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आयोग के समक्ष श्री अमर सिंह मुरवाला निवासी जिला पानीपत द्वारा दायर संयुक्त शिकायत में तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया गया, जिनमें पारिवारिक पहचान पत्र (PPP) की मनमानी रद्दीकरण, आवास योजना से वंचित करना और वृद्धाश्रम में अमानवीय स्थिति में रहने की विवशता शामिल है।
India News (इंडिया न्यूज), Haryana Human Rights Commission Strict : हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने एक बुजुर्ग नागरिक द्वारा उठाई गई गंभीर शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए प्रशासनिक तंत्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। आयोग के समक्ष श्री अमर सिंह मुरवाला निवासी जिला पानीपत द्वारा दायर संयुक्त शिकायत में तीन प्रमुख मुद्दों को उठाया गया, जिनमें पारिवारिक पहचान पत्र (PPP) की मनमानी रद्दीकरण, आवास योजना से वंचित करना और वृद्धाश्रम में अमानवीय स्थिति में रहने की विवशता शामिल है।
शिकायतकर्ता अमर सिंह, एक वरिष्ठ नागरिक और अंत्योदय श्रेणी के सत्यापित लाभार्थी हैं। उन्होंने बताया कि उनका PPP बगैर किसी पूर्व सूचना, जांच या सुनवाई के निष्क्रिय कर दिया गया, जिससे उन्हें अंत्योदय अन्न योजना, वृद्धावस्था पेंशन जैसी कई जरूरी योजनाओं से वंचित होना पड़ा।
शिकायत में कहा गया कि वह भूमिहीन, निराश्रित और सामाजिक-आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इसके बावजूद मुख्यमंत्री आवास योजना (MMAY) के अंतर्गत 100 वर्ग गज का प्लॉट या वैकल्पिक आवास सहायता नहीं दी गई।
शिकायतकर्ता वर्तमान में रेडक्रॉस द्वारा संचालित वृद्धाश्रम, वार्ड नं. 11, पानीपत में रह रहे हैं, जहाँ की स्थिति अत्यंत गंदी और अस्वास्थ्यकर बताई गई है।
आयोग के माननीय अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने इसे “गंभीर प्रशासनिक विफलता और संवेदनहीनता” करार दिया और इसे अनुच्छेद 21 के तहत गरिमामय जीवन के अधिकार, वरिष्ठ नागरिक अधिनियम, 2007 के तहत दायित्वों की अनदेखी बताया। आयोग ने इसे एक “यांत्रिक, अपारदर्शी और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही” का मामला माना।
1. परिवार पहचान पत्र की जांच कर पुनः सक्रिय किया जाए।
2. निष्क्रियकरण की विस्तृत रिपोर्ट, सुधारात्मक कदम और रोकथाम उपाय प्रस्तुत किए जाएं।
3. हरियाणा सरकार का ‘Housing for All’ विभाग शिकायतकर्ता की पात्रता की दोबारा जांच करे।
4. पात्र पाए जाने पर उचित आवास या 100 वर्ग गज का प्लॉट आवंटित किया जाए।
5. नगरपालिका आयुक्त और जिला रेडक्रॉस सचिव संयुक्त निरीक्षण करें।
6. दो सप्ताह के भीतर सफाई, फॉगिंग और पेस्ट कंट्रोल सुनिश्चित करें।
7. अनुपालन रिपोर्ट अगली सुनवाई से पहले प्रस्तुत करें।
प्रोटोकॉल, सूचना व् जनसम्पर्क अधिकारी डॉक्टर पुनीत अरोड़ा ने बताया कि श्री अमर सिंह मुरवाला की शिकायत के सभी मुद्दों को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने आयुक्त एवं सचिव, नागरिक संसाधन सूचना विभाग (CRID), आयुक्त एवं सचिव, ‘Housing for All’ विभाग, उपायुक्त, पानीपत, अतिरिक्त उपायुक्त, पानीपत, आयुक्त, नगर निगम, पानीपत, सचिव, जिला रेडक्रॉस सोसायटी, पानीपत, प्रबंधक, वृद्धाश्रम, रेडक्रॉस भवन, वार्ड नं. 11, पानीपत को नोटिस जारी कर “Action Taken Reports” (कार्यवाही रिपोर्ट) तलब की हैं। अगली सुनवाई की तिथि 15 अक्टूबर 2025 तय की गई है।
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