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बहादुरगढ़ और दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़, सैंकड़ों गाड़ियां डूबी, कामकाज ठप, सेना ने संभाला मोर्चा, जवान कर रहे तटबंध की मरम्मत

इन दिनों मौसम की मार कहो या कुदरत का कहर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। पहाड़ों से लेकर मैदान तक हर तरफ तेज बरसात और बाढ़ का कहर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बात हरियाणा की करें तो बाढ़ के प्रकोप से ये भी नहीं बच पाया और नदियों के तेज बहाव और कहीं-कहीं ड्रेन्स टूटने की वजह से संबंधित गांवों में पानी भर गया, फैसले बर्बाद हो गई। हाल ही में मुंगेशपुर ड्रेन टूटने से बहादुरगढ़ और दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

India News (इंडिया न्यूज), Flood In Bahadurgarh : इन दिनों मौसम की मार कहो या कुदरत का कहर चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ है। पहाड़ों से लेकर मैदान तक हर तरफ तेज बरसात और बाढ़ का कहर लोगों के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। बात हरियाणा की करें तो बाढ़ के प्रकोप से ये भी नहीं बच पाया और नदियों के तेज बहाव और कहीं-कहीं ड्रेन्स टूटने की वजह से संबंधित गांवों में पानी भर गया, फैसले बर्बाद हो गई। हाल ही में मुंगेशपुर ड्रेन टूटने से बहादुरगढ़ और दिल्ली के कई इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है।

फैक्ट्रियों में भी कामकाज पूरी तरह से बंद

हालांकि हालात से निपटने के लिए सेना की डोट डिवीजन हिसार से 80 से अधिक जवानों को बुलाया गया है, तो वहीं जवानों के साथ-साथ SDRF की टीम भी राहत और बचाव कार्यों में जुटी हुई है। बता दें कि इस ड्रेन के टूटने से औद्योगिक क्षेत्र, छोटूराम नगर और विवेकानंद नगर जलमग्न हो गया है, यहां 4 से 5 फीट तक पानी जमा है। दूसरी तरफ बहादुरगढ़ औद्योगिक क्षेत्र की फैक्ट्रियों में भी कामकाज पूरी तरह से बंद है। वहीं बताया जा रहा है कि मारुति के स्टॉक यार्ड में 150 से भी ज्यादा गाड़ियां पानी में डूब चुकी हैं। गौरतलब है कि मुंगेशपुर ड्रेन के पास 12 से 15 फीट चौड़ा कटाव होने के कारण पानी खेतों और रिहायशी क्षेत्रों में घुस कर तबाही मचा रहा है।

कटाव को बंद करने की कवायद शुरू

इसी बीच सेना ने 8 नाव और एसडीआरएफ ने 4 नावों की मदद से कटाव को बंद करने की कवायद शुरू कर दी है। पानी के तेज गति के बहाव को रोकने के लिए तटबंध की मरम्मत का काम जारी है। उम्मीद जताई जा रही है कि कटाव को जल्द बंद कर पानी के बहाव को नियंत्रित किया जा सकेगा, जिससे लोगों को राहत मिलेगी।

खाने-पीने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग ने संभाली रखी

वहीं मौके पर तैनात सिंचाई विभाग के एक्सईएन ईशान सिवाच लगातार मरम्मत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। कर्मचारियों के लिए सेना ने मेडिकल कैंप लगाया है, वहीं खाने-पीने की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग ने संभाली रखी है। प्रशासन ने छोटूराम नगर और विवेकानंद नगर के प्रभावित लोगों के लिए एसडीएम कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित किया है। 

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