अगर आप घूमने का प्लान बना रहे हैं और स्नो फॉल देखना चाहते हैं, तो हम आपको बेस्ट प्लेस बताने वाले हैं, जहां 26 मार्च से मौसम बदलने वाला है और स्नो फॉल भी होने वाला है. इससे आपके ट्रिप का मज़ा दोगुना हो सकता है.
हिमाचल प्रदेश में बर्फबारी
Himachal Pradesh: गर्मी का मौसम आ गया है और लोग घूमने का प्लान बना रहे हैं. अगर आप भी अपने वीकेंड पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो हम आपको ऐसी जगह बताने वाले हैं, जहां स्नो फॉल होने वाला है और आपकी ट्रिप में चार चांद लग सकते हैं. दरअसल हम हिमाचल की बात कर रहे हैं. हिमाचल प्रदेश एक बार फिर बदलते मौसम के दौर में प्रवेश कर रहा है. मार्च के आखिर में आने वाला यह नया दौर अक्सर अनिश्चितता और तैयारियों का मिला-जुला रूप लेकर आता है, जिसमें स्थानीय अधिकारी, निवासी और पर्यटक सभी आसमान पर थोड़ी ज़्यादा बारीकी से नजर रखते हैं. हिमाचल प्रदेश के लिए जारी ताजा पूर्वानुमान में, मौसम अधिकारियों ने बारिश, बर्फबारी, गरज और तेज हवाओं की चेतावनी दी है. आने वाले दिनों में मौसम में एक जबरदस्त बदलाव देखने को मिल सकता है, खासकर ऊंचे इलाकों और कुछ चुनिंदा जिलों में, आइए जानते हैं कि कहां-कहां बर्फबारी होने लगी है.
26 मार्च से एक बार फिर हिमाचल प्रदेश अस्थिर मौसम का सामना करने के लिए तैयार है. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में बारिश, बर्फबारी, गरज, बिजली कड़कने और तेज हवाएं चलने की चेतावनी जारी की है. राज्य में पहले ही कांगड़ा, मंडी, कुल्लू और चंबा के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया जा चुका है. उम्मीद है कि 26 मार्च से बारिश और बर्फबारी का सिलसिला शुरू हो सकता है और ये महीने के आखिर तक जारी रहेगा.
IMD के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के कारण मौसम बदल रहा है. जैसे-जैसे पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिमी भारत की ओर बढ़ेगा, मौसम और भी ज़्यादा सक्रिय हो सकता है. हिमाचल के कुछ स्थानों पर हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है. साथ ही ये जानकारी भी दी गई है कि के कई हिस्सों में 28 मार्च तक बर्फबारी और बारिश जारी रह सकती है. वहीं कुछ पूर्वानुमानों में बताया गया है कि बारिश और बर्फबारी का दौर मार्च के आखिरी दिनों तक भी पहुंच सकता है.
‘द ट्रिब्यून’ की रिपोर्ट के अनुसार, 26 मार्च को कुल्लू, कांगड़ा, मंडी और चंबा जिलों में बिजली की कड़कड़ाहट के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. कुछ जगहों पर बर्फबारी हो सकती है. तापमान में भी उतार-चढ़ाव हो सकता है. न्यूनतम तापमान ज़्यादातर स्थिर रह सकता है या उसमें हल्की बढ़ोतरी हो सकती है. इस मौसम चक्र के दौरान अधिकतम तापमान में लगभग 2°C से 5°C तक की बढ़ोतरी हो सकती है.
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