Rajasthan News: राजस्थान की राजधानी जयपुर स्थित हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (HJU) के दीक्षांत समारोह में डिग्री वितरण को लेकर बड़ा विवाद हो गया, जिसमें छात्रों के साथ व्यवहार, उनकी गरिमा और सम्मान को लेकर भी सवाल उठे.
इसी दौरान छात्रा सारा इस्माइल का एक तीखा और निडर बयान वायरल हो गया और पूरे मामले को और ज्यादा चर्चा में ला दिया. इस दीक्षांत समारोह में राजस्थान के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवा भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे.
दीक्षांत समारोह में क्यों हुआ विवाद?
यह दीक्षांत समारोह राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर (RIC) के ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया था, जिसमें करीब 275 छात्र–छात्राएं डिग्री लेने के लिए उत्साह के साथ पहुंचे थे. राजस्थान के राज्यपाल और चांसलर हरिभाऊ बागडे इस समारोह के मुख्य अतिथि थे, जबकि राज्य के उपमुख्यमंत्री प्रेम चंद बैरवाविशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे.
कार्यक्रम के दौरान भाषण लंबे चलने के बाद घोषणा की गयी कि केवल 10 गोल्ड मेडलिस्ट छात्रों को मंच से डिग्री दी जाएगी. बाकी छात्रों को मंच पर बुलाया ही नहीं गया और उन्हें बाद में पैकेट में डिग्री जारी करने की घोषणा की जाएगी. इस पर छात्र नाराज हो गए और नाराज छात्रों ने नारेबाजी करके विरोध शुरू कर दिया, जिससे माहौल गर्माने लगा. छात्रों ने हजारों रुपये खर्च करके समारोह के लिए नए कपड़े बनवाए थे और अपने परिवार के साथ इस खास दिन को यादगार बनाने आए थे. छात्रों का आरोप है कि अगर सभी को मंच से डिग्री नहीं देनी थी, तो पहले ही साफ कर देना चाहिए था.
सारा इस्माइल का बयान हुआ वायरल
जब विरोध तेज होने लगा, तो यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उपमुख्यमंत्री बैरवा को दोबारा मंच पर बुलाया और फिर छात्रों को एक‑एक करके डिग्री देने की व्यवस्था की गई. इसी दौरान जब सारा इस्माइल नाम की एक छात्रा को डिग्री लेने के लिए बुलाया गया, तो उन्होंने गुस्से में कहा, “हरिदेव जोशी यूनिवर्सिटी की बेइज्जती करके इज्जत देने का बहुत‑बहुत शुक्रिया!” इस दौरान उन्होंने अपने हाथ भी झटक दिए, जो उनके तीखे तंज और असंतुष्ट भाव दोनों को साफ दिखाता है. इस करीब 15 सेकंड के वीडियो से उनका यह बयान तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोग इसे छात्रों के साथ हो रही अनदेखी और संस्थान की नीतियों पर तंज के रूप में देख रहे हैं.
सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया
यह वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. लोग कमेंट में यूनिवर्सिटी के व्यवहार की आलोचना कर रहे हैं. इसके साथ ही सारा के बयां को लेकर काफी लोग तारीफ़ कर रहे हैं और इसे वास्तविक अभिव्यक्ति की आजादी का दर्जा दे रहे हैं. फिलहाल, यह मामला विश्वविद्यालय की कार्यशैली और आयोजन व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर रहा है.