Bagesevania Gang rape Case: मध्य प्रदेश के भोपाल के बागसेवनिया में एक नाबालिग लड़की के साथ गैंगरेप ने हर किसी को हैरान कर दिया है. इस घटना में पीड़ित लड़की की बड़ी बहन की सहेलियां शामिल है, जिनके कारण लड़की के साथ ये कांड हुआ. हालांकि, पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है.
लेकिन, इस घटना के बाद अब मन में सवाल उठता है कि क्या अब कोई लड़की किसी लड़की पर भी भरोसा कर सकती है.जब एक लड़की दूसरी लड़की को ही जाल में फंसाए और उनके साथ ऐसा गंदा काम होने दे तो लोग किस पर भरोसा करें. ऐसे में चलिए विस्तार से जानें कि आखिर पूरा मामला क्या है.
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय पीड़िता छिंदवाड़ा ज़िले की रहने वाली है. वह 12वीं कक्षा की परीक्षा पूरी करने के बाद कॉलेज में दाखिला लेना चाहती थी. पीड़िता की बड़ी बहन की सहेली, मोनिका इंदोरिया, पहले से ही पीड़िता से परिचित थी. मोनिका, जो मूल रूप से छिंदवाड़ा की रहने वाली है और उसकी सहेली, रेणुका बुनकर, भोपाल के विद्या नगर इलाके में एक किराए के फ़्लैट में रहती हैं. मोनिका काफ़ी समय से सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के ज़रिए पीड़िता के संपर्क में थी; दोनों अक्सर फ़ोन पर भी बात करती थीं.
नौकरी और कॉलेज में दाखिले के लिए पीड़िता को भोपाल बुलाया
हाल ही में, मोनिका ने पीड़िता को नौकरी और कॉलेज में दाखिला दिलाने में मदद करने का वादा करके भोपाल बुलाया था. 18 मार्च को पीड़िता भोपाल पहुंची, जहां मोनिका उसे विद्या नगर स्थित अपने फ़्लैट पर ले गई और अपनी सहेली, रेणुका से मिलवाया. जब पीड़िता नहा रही थी, तभी मोनिका ने अपने दो पुरुष दोस्तों निखिल सिंह और अतुल मेडेकर को फ़्लैट पर बुला लिया. ये दोनों आरोपी रात करीब 8:00 बजे वहां पहुंचे.
जबरदस्ती पिलाई नीट शराब
आरोप है कि मोनिका इंदोरिया, निखिल सिंह और अतुल मेडेकर ने ज़बरदस्ती पीड़िता को नीट शराब पिलाई, जिससे वह बुरी तरह नशे में धुत होकर बेहोश हो गई. इसके बाद, रात करीब 9:00 बजे, पुरुष आरोपियों ने उसके साथ बारी- बारी से गैंगरेप किया, जबकि मोनिका और रेणुका ने इस अपराध को अंजाम देने में उनकी सक्रिय रूप से मदद की और उनका साथ दिया.
पीड़िता के अनुसार, उसे इस बात का एहसास था कि उसके साथ ज़्यादती हो रही है; हालांकि, नशे की हालत में होने के कारण वह विरोध करने या अपना बचाव करने में असमर्थ थी. अगली सुबह, होश में आने पर, पीड़िता चुपचाप बिना किसी को बताए फ्लैट से निकल गई और छिंदवाड़ा लौट आई. कुछ दिनों बाद, जब उसकी तबीयत बिगड़ने लगी, तो उसने अपनी मां को सारी बात बताई और पूरी घटना का ज़िक्र किया.
मां को सुनाई आपबीती
इसके बाद, 27 मार्च को वह अपनी मां के साथ भोपाल पहुंची. बागसेवनिया पुलिस स्टेशन में एक शिकायत दर्ज की गई. जांच के बाद, पुलिस ने मोनिका इंदोरिया और रेणुका बुनकर को हिरासत में ले लिया. उनसे मिली जानकारी के आधार पर, निखिल सिंह (32) और अतुल मेडेकर (30) जो दोनों बालाघाट के रहने वाले हैं को भी गिरफ़्तार कर लिया गया.
पुलिस ने आरोपियों को गिरफ़्तार किया
बागसेवनिया पुलिस स्टेशन के स्टेशन इंचार्ज अमित सोनी ने बताया कि महिला आरोपियों ने जांच में सहयोग किया है, जबकि निखिल और अतुल पर बलात्कार का आरोप है.