Indore Ger Holi: इंदौर समेत पूरे मालवा इलाके में होली का जश्न चल रहा है. रंगपंचमी की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. इंदौर में पिछले 75 सालों से हर रंगपंचमी के मौके पर गेर का त्योहार मनाया जाता रहा है.
इंदौर गेर रंगपंचमी की तैयारिया तेज
Indore Ger Holi: इंदौर समेत पूरे मालवा इलाके में होली का जश्न चल रहा है. रंगपंचमी की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. इंदौर में पिछले 75 सालों से हर रंगपंचमी के मौके पर गेर का त्योहार मनाया जाता रहा है. इंदौर के गोराकुंड से लोग राजवाड़ा पर गेर मनाने के लिए इकट्ठा होते हैं. आस-पास के ज़िलों से भी बड़ी संख्या में लोग इसे देखने आते हैं.
देश के कोने-कोने से लोग गेर का मज़ा लेने आते हैं. देश ही नहीं बल्कि विदेशी टूरिस्ट भी गेर देखने यहां पर आते हैं और सेलीब्रेट करते हैं. यह त्योहार 8 मार्च को रविवार के दिन मनाया जाएगा. इंदौर का गेर विदेशियों में भी जमकर छाया हुआ है. इंदौर की सड़कों पर सिर्फ लोग ही लोग नजर आते हैं. जनता रोडों पर पट पड़ती है. दुकानें बंद हो जाती है. लाखों लोग एकसाथ इसका जश्न मनाती रही है.
इंदौर जिला प्रशासन ने विदेशी टूरिस्ट को रंगपंचमी जुलूस देखने और करने में आसानी के लिए कई इंतज़ाम किए हैं. इंदौर में राजवाड़ा और गौरकुंड बिल्डिंग की छतों पर विदेशी टूरिस्ट और देश भर से आने वाले विज़िटर्स के बैठने का इंतजाम किया गया है. बैठने का इंतजाम करने के लिए लोगों से संपर्क किया जा रहा है. टिकट भी ऑनलाइन बुक किए जा रहे हैं. हालांकि, लोगों और अधिकारियों ने टिकट बुकिंग कन्फ़र्म नहीं की है.
इंदौर में सामाजिक संगठन गोरा कुंड से राजवाड़ा तक रंग-बिरंगे गेर जुलूस निकालते हैं. गेर संस्कृति का इतिहास 75 साल से भी ज़्यादा पुराना है. इंदौर में गेर जुलूस सबसे पहले टोरी कॉर्नर से एक गाड़ी पर शुरू हुआ था. धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ता गया. आज, गेर जुलूस में बड़ी-बड़ी झांकियां, पानी के टैंकर और दूसरे मॉडर्न उपकरण शामिल होते हैं. अभी, इंदौर में पांच मशहूर गेर जुलूस निकाले जाते हैं, जिनमें टोरी कॉर्नर गेर, मोरल क्लब गेर और हिंदू रक्षक संगठन की फाग यात्रा शामिल हैं.
गेर त्योहार को भारतीय संस्कृति के रूप में विश्व स्तर पर पहचान दिलाने के लिए यूनेस्कों में शामिल करने की डिमांड बढ़ रही है ताकि भारतीय संस्कृति के हिस्से के तौर पर इसकी पहचान बन सके. पूर्व कलेक्टरों ने भी गेर को यूनेस्को में शामिल कराने की कोशिश की है. इस बार इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने एक बार फिर गेर को यूनेस्कों में शामिल करने की मांग की. इंदौर की मशहूर गेर ने देश ही नहीं बल्कि विदेशों में भी अपनी एक खास पहचान बना ली है. मोरल क्लब के अभिमन्यु मिश्रा के अनुसार, गैर की शुरुआत हमारे पूर्वजों के द्वारा की गई थी. यदि जिला प्रशासन प्रयास करे तो गेर को यूनेस्कों में शामिल किया जा सकता है.
गेर फेस्टिवल इतने भव्य तरीके से मनाया जाता है कि इस दौरान आसमान में रंग-बिरंगे कलर के बादल छाए रहते हैं. इन खूबसूरत नज़ारों का मजा लेने के लिए शहर के लोग ऊंची इमारतों की छतें बुक कर सकेंगे और अपने परिवार के साथ इस इवेंट का मज़ा ले सकेंगे. एडमिनिस्ट्रेशन ने पिछले साल भी यह इंतज़ाम किया था और यह बहुत सफल रहा था. करीब 100 मीटर तक रंग उड़ाने वाली रंग मिसाइलें भी तैयार हो रही हैं.
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