Madhya Pradesh News: राजनीति और कानून के गलियारों से आज एक बड़ी खबर सामने आई है. मध्य प्रदेश के दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती की मुश्किलें बढ़ गई हैं. दिल्ली की एक विशेष अदालत ने करीब ढाई दशक पुराने धोखाधड़ी के एक मामले में उन्हें दोषी करार देते हुए तिहाड़ जेल भेज दिया है
क्या है पूरा मामला?
यह कहानी साल 1998 की है जब राजेंद्र भारती जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक, दतिया के अध्यक्ष हुआ करते थे. आरोप है कि उस दौरान उन्होंने अपनी माताजी (स्व. सावित्री देवी) के नाम पर 10 लाख रुपये की एक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) कराई थी. उस वक्त इस एफडी पर ब्याज दर 13.5% वार्षिक थी और इसकी अवधि महज 3 साल तय की गई थी.
कैसे हुई गड़बड़ी?
अदालत में जो तथ्य सामने आए, वे चौंकाने वाले हैं. जांच में पाया गया कि पद का दुरुपयोग करते हुए इस एफडी के साथ दो बड़े स्तर पर हेरफेर की गई. नियम ताक पर रखकर 3 साल की इस एफडी को बढ़ाकर 15 साल कर दिया गया. बैंकिंग नियमों के अनुसार, एफडी का मूलधन और ब्याज मैच्योरिटी पर मिलता है. लेकिन आरोप है कि भारती ने अध्यक्ष रहते हुए हर साल इसका ब्याज अलग से निकलवाया जो पूरी तरह नियमों के खिलाफ था.
ग्वालियर से दिल्ली तक का कानूनी सफर
यह मामला शुरुआत में ग्वालियर की एमपी-एमएलए कोर्ट में चल रहा था. हालांकि राजेंद्र भारती की ही एक याचिका पर इस केस को दिल्ली ट्रांसफर किया गया था. बैंक कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज हुई इस एफआईआर ने 25 साल बाद यह निर्णायक मोड़ लिया है.
अदालत का कड़ा रुख
दिल्ली सेशन कोर्ट ने इसे गंभीर धोखाधड़ी माना है. IPC की धारा 420 के तहत उन्हें दोषी पाते हुए कोर्ट ने तुरंत हिरासत में लेने के निर्देश दिए. फिलहाल राजेंद्र भारती को दिल्ली की तिहाड़ जेल भेज दिया गया है. विधायक को कितने साल की जेल होगी या कितना जुर्माना लगेगा, इस पर अदालत कल अपना फैसला सुनाएगी. मध्य प्रदेश की राजनीति के लिहाज से यह घटनाक्रम काफी अहम माना जा रहा है.
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