Noida Engineer Yuvraj Mehta Death Case: ग्रेटर नोएडा में गड्ढे में डूबने से इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई थी. अब इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT जांच के आदेश दिए हैं और 5 दिन में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है.
yuvraj mehta death case
Yuvraj Mehta Death Latest News: ग्रेटर नोएडा में नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र के सेक्टर 150/151 मोड़ पर एक तेज रफ्तार कार नाले की बाउंड्री तोड़कर मॉल के पानी से भरे बेसमेंट में जा गिरी. जिसके बाद इंजीनियर युवराज मेहता की मौत हो गई. अब इस मामले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने SIT जांच के आदेश दिए हैं. इसके अलावा, जानकारी सामने आ रही है कि SIT ने नोएडा प्राधिकरण कार्यालय में समीक्षा बैठक कर घटनास्थल का निरीक्षण किया. सीएम योगी ने SIT को 5 दिनों में विस्तृत रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है. इस घटना के बाद सीएम योगी काफी सख्त नजर आ रहे हैं.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि कुछ दिन पहले युवराज मेहता की कार फिसलकर एक अंडर-कंस्ट्रक्शन बिल्डर साइट के पानी भरे बेसमेंट में गिर गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी.
इस घटना ने इलाके में सड़क सुरक्षा उपायों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT ने बुधवार को नोएडा अथॉरिटी के ऑफिस में एक रिव्यू मीटिंग की. मीटिंग के बाद अधिकारियों ने दुर्घटना स्थल का भी दौरा किया. योगी सरकार ने SIT को पूरे मामले की जांच करने और अगले पांच दिनों के भीतर एक डिटेल्ड रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया है.
सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में रियल एस्टेट कंपनियों (एम्सुद विज़टाउन प्राइवेट लिमिटेड और लोटस ग्रीन) के खिलाफ पहले ही मामला दर्ज किया जा चुका है और कंपनी के मालिक अभय कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया है. अब तक की जांच में बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर कमी पाई गई है. प्रशासन ने इस मामले में नोएडा अथॉरिटी के एक जूनियर इंजीनियर को भी सस्पेंड कर दिया है. इसके अलावा, अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं.
घटना के बाद दुर्घटना स्थल और आसपास के अन्य खतरनाक गड्ढों के चारों ओर पक्के बैरिकेड लगाए गए हैं. चेतावनी के संकेत, रिफ्लेक्टिव मार्कर और उचित रोशनी भी लगाई गई है. भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने ये कदम उठाए हैं. इसके अलावा, नोएडा में सभी अंडर-कंस्ट्रक्शन और अधूरे साइटों का 24×7 सुरक्षा ऑडिट किया गया है. प्रशासन ने साफ कर दिया है कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली किसी भी साइट के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.
इस घटना से सबक लेते हुए प्रशासन ने एक व्हाट्सएप और हेल्पलाइन नंबर जारी किया है. आप 9205559204 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं. इसके अलावा, नागरिक खतरनाक जगहों की तस्वीरें और लोकेशन इस नंबर पर भेज सकेंगे. महत्वपूर्ण बात यह है कि नए आदेश में 24 घंटे के भीतर जांच और कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है. SDRF, NDRF और फायर डिपार्टमेंट के साथ बेहतर तालमेल पर जोर दिया गया है.
सभी राहत और बचाव इकाइयों को विशेष ट्रेनिंग लेने का निर्देश दिया गया है. इमरजेंसी के दौरान तेज और प्रभावी बचाव अभियान पर ध्यान केंद्रित किया गया है. इसके अलावा, प्रशासन ने जनता से अपील की है कि असुरक्षित जगहों की तुरंत रिपोर्ट करें; अगर आपको खुले गड्ढे या टूटे बैरिकेड दिखते हैं, तो आप हेल्पलाइन पर शिकायत कर सकते हैं. इंसानी जिंदगी की सुरक्षा सबसे जरूरी है – लापरवाही के लिए ज़ीरो-टॉलरेंस पॉलिसी होगी. ज़िम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और भविष्य में दुर्घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाए जाएंगे, इसका आश्वासन दिया जाता है.
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