Land Donated For Mosque: पंडित की फैमिली ने गांव मं मस्जिद नहीं होने के बाद जमीन दान दी. पंजाब के शाही इमाम ने उद्घाटन के दौरान कहा कि यह भाईचारे की मिसाल है और नफरत फैलाने वालों की हार.
मस्जिद निर्माण के लिए भूमि दान
Land Donated For Mosque: भारत को गंगा जमुनी तहजीब की मिशाल के तौर पर यूं ही नहीं जाना जाता, बल्कि यहां पर इसके कई नमूने देखने को मिलते हैं. भारत देश विविधताओं से भरा है. यहां पर हर धर्म, भाषा और अनेक सामाजिक भिन्नता के लोग आपस में मिलजुल कर रहते हैं. पंजाब राज्य के संगरूर जिला के गांव पुन्नेवाल में एक ऐसा ही मामला देखने को मिला.
यहां के एक हिंदू पंडित परिवार ने हिंदू-मुसलमान भाईचारे को बढ़ावा देने के लिए मस्जिद बनाने के लिए जमीन दान कर दी. मस्जिद बनकर तैयार हो जाने के बाद उसका उद्घाटन पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने किया.
पंडित जसपाल राम व पंडित विजय कुमार ने बताया कि उनका परिवार खेती-किसानी से जुड़ा है. उन्होंने बताया कि गांव में मुस्लिम फैमिली भी रहती हैं लेकिन उनके पास नमाज अदा करने के लिए मस्जिद नहीं है. गांव के मुसलमान नमाज पढ़ने के लिए दूसरे गांव जाते थे. इसलिए उनके परिवार ने यह निर्णय लिया कि वह अपनी जायदाद से 5 मरला जमीन मस्जिद के नाम दान करेंग. उन्हें और ग्रामीणों को इस बात की खुशी है कि मस्जिद बनकर तैयार हो गई है. पंडित की फैमिली ने खुद ग्रामीणों से चंदा जोड़कर मस्जिद की इमारत बनवाई. इस मस्जिद में दो कमरे व एक बरामदा है. उद्घाटन के लिए गांव में पधारे शाही इमाम का सरपंच गोबिंद सिंह खंगुड़ा ने स्वागत किया.
जानकारी के तौर पर बता दें कि गांव पुन्नेवाल में लगभग 2500 की जनसंख्या है. इसमें तकरीबन 30 मुस्लिम परिवार रहते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गांव में गुरुघर व मंदिर तो पहले से हैं, लेकिन मुसलमानों के लिए मस्जिद की कमी थी. गांव के हिंदू परिवार को यह कमी खल रही थी और इसी को देखते हुए उन्होंने 2 सितंबर 2023 को मस्जिद के लिए पांच मरले भूमि दान की थी. मस्जिद के लिए नींव का पत्थर 25 अगस्त 2024 को रखा गया. फिर इसके निर्माण कार्य के लिए पंचायत की मदद से गांव के लोगों ने रकम जुटाई. और फिर 8 फरवरी 2026 को मस्जिद का उद्घाटन धूमधाम से किया गया और पहली नमाज अदा की गई.
गांव के निवासी अश्वनी कुमार के अलावा अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उनके गांव में सही एक साथ प्रेम से रहते हैं और यहां कोई जातिवाद नहीं है. गांव के लोग एक-दूसरे की मदद के लिए हमेशा खड़े रहते हैं. यह गांव परिवार की भांति रहता है. इस कार्यक्रम के बाद शाही इमाम ने मस्जिद के लिए जमीन देने वाले पंडित परिवार को सम्मानित भी किया.
पंजाब के शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि पंजाब की जमीन पर नफरत के लिए कोई स्थान नहीं है. मस्जिद के उद्घाटन पर शाही ने कहा कि पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के समय से ही यहां पर भाईचारा रहा है. पंजाब में मुस्लिम-हिंदू मिलकर अपने सिख भाइयों के साथ मिलजुल कर रहते आए हैं. पंजाब से इस भाईचारे को सीख पूरे देश को सीखनी चाहिए.
गांव के सरपंच गोबिंद सिंह खंगूडा ने कहा कि गांव वालों ने मस्जिद न होने का मसला उठाया था. फिर, इस मसले पर पंचायत ने विचार विमर्श किया. इसके बाद गांव के ही ब्राह्मण परिवार से दो भाईयों जसपाल राम व विजय कुमार ने अपनी 5 मरला जमीन मस्जिद के लिए दान कर दी. और इस तरह मुस्लिम भाईचारे को तोहफा दिया गया. इससे गांव के मुसलमान भाई लोगों को नमाज के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा. इस अनोखी मिसाल की हर जगह तारीफ हो रही है.
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