Jaipal Punia Murder Case Update: साल 2022 में बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष और नमक कारोबारी जयपाल पूनिया पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी. इस हत्याकांड को दो आरोपी को कोर्ट ने बरी कर दिया है.
Jaipal Punia Murder Case: डीडवाना-कुचामन जिले के नावां क्षेत्र में सनसनी फैला देने वाले बहुचर्चित बीजेपी नेता जयपाल पूनिया हत्याकांड में आखिरकार करीब चार साल बाद न्यायालय का फैसला आ गया है. एडीजे न्यायाधीश सुंदरलाल खारोल ने इस चर्चित मामले में 11 में से 9 आरोपियों को दोषी ठहराया है, जबकि 2 आरोपियों को बरी कर दिया गया है. दोषी ठहराए गए सभी आरोपियों को सजा कल शनिवार को सुनाई जाएगी.
इससे पहले प्रदेश की विभिन्न जेलों से सभी 11 आरोपियों को कुचामन न्यायालय लाया गया. फैसला सुनाए जाने के दौरान न्यायालय परिसर पुलिस छावनी की तरह नजर आया और भारी पुलिस जाब्ता तैनात रहा.
जानकारी के मुताबिक, यह मामला 14 मई 2022 का है, जब नावां सिटी के तहसील रोड स्थित रेलवे फाटक के पास बीजेपी किसान मोर्चा के अध्यक्ष और नमक कारोबारी जयपाल पूनिया पर दिनदहाड़े ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार 4-5 हमलावर बोलेरो गाड़ी में सवार होकर आए और कार में बैठे किसान मोर्चा अध्यक्ष पूनिया पर अंधाधुंध गोलियां बरसा दीं. गंभीर रूप से घायल पूनिया को इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई. इस वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी और मामला राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चाओं में रहा.
पुलिस ने गहन जांच करते हुए नावां विधानसभा से तात्कालीन कांग्रेस विधायक महेंद्र चौधरी के भाई मोती सिंह चौधरी सहित कुल 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया था. लंबे समय तक चली सुनवाई, गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आज अपना निर्णय सुनाया.
अपर लोक अभियोजक मनीष शर्मा ने बताया कि न्यायालय ने साक्ष्यों को पर्याप्त मानते हुए 9 आरोपियों को दोषी करार दिया है, फैसले के बाद जयपाल पूनिया की पत्नी सरिता पूनिया ने भावुक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका और भगवान पर पूरा भरोसा था और आज उन्हें न्याय मिल गया है. उन्होंने उम्मीद जताई कि दोषियों को कड़ी सजा मिलेगी.
वहीं अधिवक्ता बोदूराम चौधरी ने बताया कि मामले से जुड़े दो आरोपियों हनुमान राम और कुलदीप को बरी किया गया है. और 9 पर दोष सिद्ध हुए है. दोषी ठहराए गए आरोपियों में मोती सिंह चौधरी, रणजीत, फिरोज खान, संदीप, तेजपाल, राजेश, कृष्ण कुमार, हारून और राजेश शामिल हैं. उन्होंने कहा कि अदालत का यह फैसला लंबे संघर्ष के बाद आया है.
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