Barangaon Panchayat elections: राजस्थान के नागौर जिले के बरणगांव में सरपंच पद के लिए सात महिला प्रत्याशी मैदान में हैं. इनमें सांसद हनुमान बेनीवाल के परिवार से जुड़ीं दो सगी बहनें मीरा बेनीवाल और राजबाला बेनीवाल भी शामिल हैं. गांव और आसपास के क्षेत्रों के कुल 2,970 मतदाताओं के फैसले से तय होगा कि सरपंच की कुर्सी किसे मिलेगी.
एक ही परिवार की दो बहनें लड़ रहीं सरपंच का चुनाव
Barangaon Panchayat elections: राजस्थान के नागौर जिले में सांसद और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल के पैतृक गांव बरणगांव का पंचायत चुनाव चर्चा में है. यहां सरपंच पद के लिए सात महिला प्रत्याशी मैदान में हैं, लेकिन सबसे ज्यादा ध्यान एक ही परिवार की दो सगी बहनों पर है. सांसद के बड़े भाई स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल की पत्नी मीरा बेनीवाल और दूसरे बड़े भाई प्रेमसुख बेनीवाल की पत्नी राजबाला बेनीवाल एक दूसरे के सामने चुनाव लड़ रही हैं. ऐसे में गांव की सरपंच की कुर्सी को लेकर मुकाबला दिलचस्प हो गया है.
बरणगांव में सरपंच पद के लिए कुल सात महिला उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रही हैं. इनमें मीरा बेनीवाल और राजबाला बेनीवाल की दावेदारी सबसे ज्यादा चर्चा में है. दोनों सगी बहनें हैं और बेनीवाल परिवार से संबंध रखती हैं. एक ही परिवार की दो महिलाओं के चुनाव मैदान में होने से ग्रामीणों की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मतदाता किस पर भरोसा जताते हैं.
मीरा बेनीवाल के पति स्वर्गीय रामप्रसाद बेनीवाल गांव की राजनीति में सक्रिय रहे थे. वह करीब 25 साल पहले बरणगांव के सरपंच रह चुके थे. अब उनकी पत्नी सरपंच पद के लिए चुनाव लड़ रही हैं, ऐसे में रामप्रसाद बेनीवाल की पुरानी राजनीतिक भूमिका भी चर्चा में है. दूसरी ओर, राजबाला बेनीवाल भी अपनी दावेदारी के साथ मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की कोशिश में हैं.
बरणगांव और उससे जुड़े बूढ़ी व अर्जुनपुरा क्षेत्र को मिलाकर बताए गए आंकड़ों के मुताबिक, यहां कुल 2,970 मतदाता हैं. सरपंच पद की सातों महिला प्रत्याशियों के सामने इनका विश्वास जीतने की चुनौती है. गांव की बुनियादी समस्याएं, विकास और स्थानीय जरूरतें भी चुनाव में अहम भूमिका निभा सकती हैं. हालांकि, मुकाबले की चर्चा मीरा और राजबाला के बीच ज्यादा है, लेकिन चुनाव में अन्य पांच प्रत्याशियों की दावेदारी को भी नजरअंदाज नहीं किया जा सकता.
बरणगांव के चुनाव के बीच मीरा बेनीवाल और सांसद हनुमान बेनीवाल के बीच लंबे समय से मतभेद होने की बात भी चर्चा में है. पिछले विधानसभा चुनाव में मीरा बेनीवाल की बेटी डॉ. अनीता बेनीवाल ने हनुमान बेनीवाल के खिलाफ चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा. वहीं, हनुमान बेनीवाल की पत्नी कनिका बेनीवाल खींवसर विधानसभा उपचुनाव में हार गई थीं.
इस चुनाव को लेकर यह सवाल भी उठ रहा है कि सांसद हनुमान बेनीवाल किसी प्रत्याशी के समर्थन में सामने आएंगे या दूरी बनाए रखेंगे. फिलहाल, उनके रुख को लेकर किसी स्पष्ट समर्थन की पुष्टि नहीं है. ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने के बजाय उनके रुख का इंतजार करना जरूरी है. आखिरकार, बरणगांव की सरपंच की कुर्सी किसे मिलेगी, इसका फैसला मतदाता करेंगे.
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