Sadhivi Aashta Gopal biography: यह तो आम और सामान्य जानकारी है कि अधिक चाय पीने से एसिडिटी, पेट में गैस, अनिद्रा (नींद न आना) जैसी समस्याएं होती है और यह वैज्ञानिक रूप से सत्य है. डॉक्टरों का भी मानना है कि चाय के फायदे तो कम ही हैं, लेकिन नुकसान बहुत ज्यादा हैं.चाय पीने के बाद कई लोग तो बेचैन भी हो जाते हैं. ज्यादातर डॉक्टरों का कहना है कि खाली पेट चाय पीने से अल्सर का खतरा रहता है. इसके अलावा आयरन की कमी से एनीमिया की समस्या हो सकती है. चाय के सेवन से 90 प्रतिशत लोगों को गैस और कब्ज हो सकती है. पाचन तंत्र भी दिक्कत करता है. इन सबसे नुकसान के बीच साध्वी कपिला गोपाल सरस्वती (इंजीनियर कंप्यूटर साइंस) ने अलग ही तर्क देकर सोशल मीडिया पर सुर्खियां बंटोरी हैं. उन्होंने कहा कि नशा चाय का भी हानिकारक है, इसे छोड़ देना चाहिए.
सिरदर्द होने दें ना पिएं चाय
उन्होंने यह भी तर्क दिया कि अगर 100 करोड़ लोग चाय छोड़ दें तो 500 करोड़ रुपये बचाकर भारत की 4 करोड़ गायों का भरण पोषण कर सकते हैं.साध्वी ने व्यास पीठ में कहा कि यह बोलने में उन्हें डर या संकोच नहीं है और चाय पीने वालों और गौ-हत्यारों में कोई अंतर नहीं है. उन्होंने आगे कहा कि अगर चाय न पीने से सिर दर्द होता है तो होने दें, उनका मानना है कि फिर भी चाय नहीं पीनी चाहिए.
गाय के गोबर में करीब 50 प्रतिशत ऑक्सीजन
साध्वी ने कहा कि गौ माता के गोबर में भी लक्ष्मी का वास है. उन्होंने बताया कि गोबर में 48.6 प्रतिशत ऑक्सीजन होती है. हमीरगढ़ रोड स्थित रामधाम की गौशाला में गो चिकित्सा पर दो दिवसीय सत्संग के दूसरे दिन शुक्रवार (10 अप्रैल, 2026) को उन्होंने कहा कि हमें अनिवार्य रूप से गौ माता की सेवा गौशाला जाकर करनी चाहिए. उन्होंने लोगों को सलाह दी है कि गाय को पहले रोटी दो बाद में आप खुद खाओ तो खुशहाली लौट आएगी. गौमाता को सुखी रखकर ही हम लक्ष्मी को प्राप्त कर सकेंगे.
साध्वी श्रद्धा गोपाल ने दावा किया कि चाय पीने वाले गाय के हत्यारे हैं। उन्होंने हिंदुओं से चाय न पीने की अपील की ताकि संस्कृति की रक्षा हो सके। बयान सोशल मीडिया पर जोरदार चर्चा का विषय बन गया है।#haridwar #uttrakhand #SadhviShraddhaGopal#ChaiCowKiller#TeaBanHindu#GauHatya pic.twitter.com/SOu117Tzj0
— Live Viral Breaking News (@LVBNewsOfficial) April 11, 2026
क्या है असली नाम
साध्वी श्रद्धा गोपाल सरस्वती का मूल नाम महिमा शर्मा है और वह राजस्थान के बांसवाड़ा के बडोदिया की रहने वाली हैं. उनका जन्म 7 जून 1995 को हुआ था साध्वी ने कला में स्नातक (BA) और शिक्षा स्नातक (B.Ed) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा उन्होंने चेन्नई से ‘पंचगव्य थेरेपी’ में मास्टर डिग्री (M.D.) भी ली है. दरअसल, वीडियो में उन्हें यह कहते हुए सुना गया कि जो लोग चाय पीते हैं, वे “असली गौ-हत्यारे” हैं, क्योंकि वे गायों की उपेक्षा कर चाय पीते हैं. कथावाचक कपिला गोपाल सरस्वती यहीं पर नहीं रुकीं और उन्होंने तो यहां तक कह दिया कि जो लोग भी दूध की चाय पीते हैं वो गाय के हत्यारे हैं. इस पर अब सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है. एक यूजर का कहना है कि ये क्या बकवास है किस लेवल का ज्ञान बांट रहीं हैं. साध्वी कपिला ने कहा कि गाय का हिंदू धर्म, संस्कृति और संस्कृति में अहम योगदान है. वह हमेशा से पूजनीय रही हैं.
यह भी जानें
जन्म: 7 जून 1995 को जन्मी महिमा शर्मा शुरुआत से ही पढ़ाई में टॉपर रही हैं.
नाम : हल्दीघाटी में स्वामी जगदीश गोपाल जी महाराज की शिष्या साध्वी आस्था गोपाल को दीदी के नाम से भी जाना जाता है.
कथा: वह भगवद्कथा के अलावा भगवान देवनारायण कथा और नानीबाई का मायरा की कथा करती हैं. कब से हुई शुरुआत: मूल रूप से महाराष्ट्र की रहने वाली साध्वी आस्था गोपाल दीदी कम्प्यूटर इंजीनियरिंग में बीटेक की डिग्रीधारी है.
माता-पिता: पिता पेशे से टीचर पुरुषोत्तम सेवक, जबकि मां जयमाला शर्मा भी टीचर ही थीं.
कब ली दीक्षा: महिमा शर्मा ने सिर्फ 20 साल की उम्र में साध्वी के रूप में दीक्षा ग्रहण की.
कौन थे गुरु: संत जगदीश गोपाल महाराज से गुरु दीक्षा लेकर वे महिमा से आस्था गोपाल दीदी बन गईं. महिमा को दीक्षा लेते देख माता-पिता और भाई बहन रो पड़े.