Uttarakhand News: उत्तराखंड के ऋषिकेश में निर्माणाधीन बजरंग सेतु के फुटपाथ पर लगे कांचों में बार‑बार दरारें आने की खबर से स्थानीय लोगों और प्रशासन में चिंता बढ़ गई है. इस पुल का अभी औपचारिक उद्घाटन भी नहीं हुआ है और इसके कांच वाले पैदल रास्ते में तीसरी बार दरार या टूटने की घटना सामने आ चुकी है, जिससे इसकी गुणवत्ता और सुरक्षा दोनों पर सवाल उठ रहे हैं.
बजरंग सेतु लगभग 132.30 मीटर लंबा और 5 मीटर चौड़ा पुल है जो टिहरी और पौड़ी जनपद को जोड़ने के लिए बनाया जा रहा है. यह पुल लक्ष्मण झूला के विकल्प के रूप में बनाया जा रहा है, जिसे बने हुए करीब 92 वर्ष हो चुके हैं.
उद्घाटन के पहले कई बार दरक गया पुल
बजरंग सेतु के दोनों किनारों पर लगभग डेढ़-डेढ़ मीटर चौड़े कांच वाले फुटपाथ बनाए गए हैं, जिनमें लगभग 65 मिलीमीटर मोटाई का ट्रांसपेरेंट कांच लगाया गया है. इस कांच के जरिए नीचे से तेज धारा में बहती गंगा को पैदल चलते हुए देखा जा सकता है, जो इस पुल की एक खास विशेषता है. हालांकि, निर्माण पूरा होने से पहले ही इन कांच फुटपाथों में जगह‑जगह चटखे और दरारें आने की स्थिति बार‑बार दोहराई गई है. हाल ही में एक बार फिर पुल के कांच में कई जगह दरारें देखी गईं, जिसके बाद प्रशासन ने सुरक्षाकारणों के चलते फुटपाथ वाले दोनों किनारों से लोगों की पैदल आवाजाही रोक दी.
गठित हुई जांच टीम
इस घटना के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक आंतरिक जांच टीम गठित कर दी है, जो कांच के निर्माण मानकों, फिटिंग और पुल की संरचना को जांच रही है. PWD के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि इस्तेमाल किया गया कांच गुणवत्ता वाला “टफन ग्लास” है, जिसमें 12 मिमी की पांच लेयर होती हैं और ऐसा कांच आमतौर पर बहुत मजबूत माना जाता है. उनका कहना है कि आमतौर पर कांच के चटकने पर भी लोगों को कोई हानि नहीं होगी. पुल पर CCTV कैमरे लगाए जा रहे हैं और पूरी तरह से जांच होने के बाद ही लोगों को इस सेतु से आवाजाही की इजाजत मिलेगी.