UP IPS Transfer: उत्तर प्रदेश के बदायूं में डबल मर्डर के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार हरकत में आ गई है. बताया जा रहा है कि बदायूं के एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह को जिले में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है और उन्हें एसपी (लॉजिस्टिक्स) की जिम्मेदारी सौंपी गई है.
उत्तर प्रदेश के बदायूं में डबल मर्डर के बाद बदायूं एसएसपी ब्रजेश कुमार सिंह का ट्रांसफर कर दिया गया है.
UP IPS Transfer: उत्तर प्रदेश में सीएम योगी ने पुलिस विभाग में बड़ा फेरबदल किया है. उत्तर प्रदेश के बदायूं में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद जिले के एसएसपी ब्रजेश कुमार सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है. इसके अलावा, 7 आईपीएस अधिकारियों का तबादला भी किया गया है. जिसमें 4 जिलों के एसपी भी शामिल है. इससे पहले शुक्रवार को ही उत्तर प्रदेश सरकार ने सात आईएएस और चार पीसीएस अधिकारियों का तबादला किया था.
जारी किए गए तबादला आदेशों में बदायूं के एसएसपी डॉ. ब्रजेश कुमार सिंह को जिले में उनके कर्तव्यों से मुक्त कर दिया गया है और उन्हें एसपी (लॉजिस्टिक्स) की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इस कदम को दोहरे हत्याकांड के बाद की गई दंडात्मक कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है.
बदायूं में एक सनसनीखेज दोहरा हत्याकांड हुआ था, जिसमें HPCL के CBG प्लांट के DGM सुधीर गुप्ता और डिप्टी मैनेजर हर्षित मिश्रा की जान चली गई थी. साथ ही शुक्रवार को ही पुलिस की हत्या के मुख्य आरोपी अजय प्रताप के साथ मुठभेड़ हो गई. जानकारी के अनुसार, पुलिस शुक्रवार तड़के अजय प्रताप को अपराध में इस्तेमाल की गई देसी पिस्तौल (तमंचा) बरामद करने के लिए बाहर ले जा रही थी. इस ऑपरेशन के दौरान उसने अपनी छिपाई हुई एक भरी हुई पिस्तौल से पुलिस टीम पर गोली चला दी.
इसके बाद हुई जवाबी फायरिंग में आरोपी के दोनों पैरों में गोली लग गई. इस बीच, मुठभेड़ के दौरान एक कांस्टेबल भी घायल हो गया. आरोपी और कांस्टेबल दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है.
गुरुवार (12 मार्च, 2026) को सुधीर गुप्ता (HPCL DGM) और हर्षित मिश्रा (डिप्टी मैनेजर) की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. बताया जा रहा है कि हत्यारा अजय प्रताप सिंह एक कॉन्ट्रैक्ट वर्कर (वेंडर) था, जिसे पहले प्लांट से बर्खास्त कर दिया गया था. प्लांट की कड़ी सुरक्षा घेराबंदी को तोड़ते हुए सिंह जबरन अंदर घुस आया और उन दोनों अधिकारियों पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं, जब वे एक मीटिंग में शामिल हो रहे थे. सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा दोनों की मौके पर ही मौत हो गई.
इसके अलावा, यह बात भी गौर करने लायक है कि इस घटना की जानकारी बदायूं के एसएसपी को मुंबई स्थित HPCL मुख्यालय से दी गई थी, जबकि यह अपराध उनके ही अधिकार क्षेत्र में हुआ था, फिर भी बदायूं पुलिस बल कथित तौर पर इस घटना से पूरी तरह बेखबर रहा. यह मामला आखिरकार राज्य प्रशासन तक पहुंच गया और बिगड़ती कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर विपक्षी दलों द्वारा उठाए गए सवालों के बाद बदायूं के SSP को उनके पद से हटा दिया गया.
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