Kainchi Dham Traffic: नीम करोली बाबा के जीवन पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के बीच उत्तराखंड के कैंची धाम में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. वीकेंड पर हल्द्वानी-कैंची धाम मार्ग, भीमताल और भवाली की सड़कों पर लंबा जाम लग रहा है और 2-3 घंटे का सफर कई लोगों को 10 से 12 घंटे तक में पूरा करना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि फिल्म के बाद नीम करोली बाबा को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है, हालांकि बढ़ती भीड़ के पीछे सिर्फ फिल्म को एकमात्र कारण नहीं माना जा सकता.
हनुमान अंश’ की सफलता का कैंची धाम पर असर
Kainchi Dham Traffic: फिल्म ‘हनुमान अंश’ की बॉक्स ऑफिस सफलता का असर अब सिनेमाघरों से बाहर भी दिखाई देने लगा है. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम, जो नीम करोली बाबा से जुड़ा प्रमुख आध्यात्मिक स्थल है, वहां वीकेंड पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है. बढ़ती भीड़ का असर आसपास की सड़कों पर भी पड़ा और हल्द्वानी-कैंची धाम मार्ग के साथ नैनीताल और अल्मोड़ा की ओर जाने वाले रास्तों पर लंबा जाम लग गया. सामान्य तौर पर 2 से 3 घंटे में पूरी होने वाली यात्राओं में कई लोगों को 10 से 12 घंटे तक लग गए.
वीकेंड के दौरान हल्द्वानी से कैंची धाम और आगे नैनीताल-अल्मोड़ा जाने वाले मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं. भीमताल, भवाली और गरमपानी के आसपास संकरी सड़कों पर कारें, बसें और दोपहिया वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए. क्षेत्र के वीडियो में कैंची धाम के आसपास बड़ी संख्या में श्रद्धालु और सड़क पर फंसे वाहन दिखाई दे रहे हैं. बढ़ती भीड़ ने सिर्फ घूमने या दर्शन के लिए आने वाले लोगों की परेशानी नहीं बढ़ाई, बल्कि स्थानीय लोगों और रोजाना इन रास्तों का इस्तेमाल करने वालों की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं.
एक रिपोर्ट में एक यात्री ने बताया कि वह अपनी 72 वर्षीय मां और 80 वर्षीय एक रिश्तेदार के साथ दोपहर करीब 12 बजे हल्द्वानी से अल्मोड़ा के लिए निकले थे. लेकिन गरमपानी पहुंचने में ही रात के करीब 11:30 बज गए. जिस रास्ते को आमतौर पर करीब 2 घंटे में तय किया जा सकता है, उसे पूरा करने में 11 घंटे से ज्यादा समय लग गया. जाम का असर एंबुलेंस, स्कूली बच्चों, बुजुर्ग यात्रियों और जरूरी सामान ले जाने वाले वाहनों पर भी पड़ने की जानकारी सामने आई है. स्थानीय लोगों के लिए अब वीकेंड पर इन रास्तों से निकलना पहले से अलग चुनौती बनता जा रहा है.
कैंची धाम और आसपास का मार्ग पहाड़ों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण रास्ता है. इसी मार्ग से दवाइयां, किराना और रोजमर्रा की जरूरत का अन्य सामान भी पहाड़ी इलाकों तक पहुंचता है. ऐसे में ट्रैफिक जाम का असर केवल श्रद्धालुओं और पर्यटकों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि स्थानीय जीवन पर भी पड़ता है. कुछ स्थानीय लोग भीड़ से बचने के लिए सुबह 5 बजे से पहले घर से निकलने या दूसरे रास्तों का इस्तेमाल करने की कोशिश कर रहे हैं.
भीड़ बढ़ने के बाद प्रशासन ने रविवार को ट्रैफिक को नियंत्रित करने के लिए विशेष इंतजाम किए. बाहरी इलाकों से आने वाले दोपहिया वाहनों को कैंची धाम की ओर जाने से रोका गया. पहाड़ की ओर जाने वाले कुछ यातायात को काठगोदाम-भीमताल मार्ग से डायवर्ट किया गया. इसके अलावा ज्योलिकोट हाईवे पर एकतरफा यातायात व्यवस्था लागू की गई. भीमताल विकास भवन और भवाली सैनिटोरियम के आसपास बने पार्किंग क्षेत्रों से शटल सेवा भी बढ़ाई गई, ताकि श्रद्धालु अपने वाहन आगे ले जाने के बजाय निर्धारित स्थानों पर पार्क कर सकें. इसके बावजूद श्रद्धालुओं की भारी संख्या के कारण सड़क पर दबाव बना रहा.
कैंची धाम में पहले रोजाना करीब 4,000 से 5,000 श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान लगाया जाता था. अब कुछ दिनों में यह संख्या 6,000 से ऊपर पहुंचने की बात सामने आई है. वहीं वीकेंड पर 15,000 से 20,000 या उससे ज्यादा लोगों के पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. कुछ रिपोर्टों में इससे भी अधिक भीड़ का दावा किया गया है. बढ़ते फुटफॉल के कारण आश्रम और आसपास के इलाके में प्रवेश और निकास व्यवस्था को कड़ा किया गया है. बैरिकेडिंग बढ़ाई गई है और स्वयंसेवक भीड़ को नियंत्रित करने में मदद कर रहे हैं.
स्थानीय लोगों और मंदिर से जुड़े लोगों के हवाले से यह बात सामने आई है कि फिल्म की चर्चा के बाद नीम करोली बाबा में लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है. माना जा रहा है कि कुछ श्रद्धालु फिल्म देखने या उसके बारे में सुनने के बाद कैंची धाम पहुंच रहे हैं. हालांकि भीड़ बढ़ने के पीछे केवल फिल्म ही एकमात्र कारण है, यह निश्चित रूप से कहना मुश्किल है. कैंची धाम पहले से ही देशभर में प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल रहा है और यहां श्रद्धालुओं की संख्या समय-समय पर बढ़ती रही है. फिलहाल इतना जरूर है कि ‘हनुमान अंश’ की लोकप्रियता के साथ नीम करोली बाबा और उनसे जुड़े तीर्थस्थलों की चर्चा तेज हुई है और इसका असर कैंची धाम की सड़कों तक दिखाई देने लगा है. सिनेमा में दिखाई गई कहानी ने दर्शकों की रुचि बढ़ाई, वहीं अब उसी रुचि का असर उत्तराखंड के इस प्रसिद्ध आध्यात्मिक स्थल पर उमड़ रही भीड़ के रूप में नजर आ रहा है.
PAK vs ENG ODI Match: इंग्लैंड के खिलाफ जीत के साथ पाकिस्तान टीम ने टूर्नामेंट…
Jhansi eunuch dispute: उत्तर प्रदेश के झांसी में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच…
Kanpur woman murder case: कानपुर के स्वर्ण जयंती विहार में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रही…
Karan Wahi Uditi Singh breakup: टीवी एक्टर करण वाही ने सिद्धार्थ कन्नन के शो में…
Hyderabad egg throwing incident: तेलंगाना के हैदराबाद के पुराने शहर के संतोशनगर में दुर्गा माता…
India vs Zimbabwe Women ODI: वडोदरा में खेले जा रहे दूसरे वनडे में भारतीय महिला…