हाल ही में समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने दावा किया कि अतिक्रमण के आरोप में सहारनपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर के अंदर स्थित एक मस्जिद को पुलिस द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद उन्हें उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया था.
सहारनपुर में मस्जिद ध्वस्त होने के बाद सपा सांसद ने किया नजरबंदी का दावा
समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन ने शनिवार को दावा किया कि सहारनपुर जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय परिसर के भीतर स्थित एक मस्जिद को रात भर चले अभियान में ध्वस्त किए जाने के बाद उन्हें कैराना स्थित उनके आवास पर नजरबंद कर दिया गया है.
बता दें कि यह विध्वंस नगर मजिस्ट्रेट के उस आदेश के बाद हुआ जिसमें इमारत को अवैध और सरकारी भूमि पर अतिक्रमण घोषित किया गया था और उस पर कब्जा करने वालों पर लगभग 6.41 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था.
कैराना लोकसभा क्षेत्र की प्रतिनिधि हसन ने बताया कि जब वह विध्वंस के मुद्दे पर अधिकारियों से मिलने और क्षेत्र के लोगों की चिंताओं को उठाने के लिए सहारनपुर जाने की तैयारी कर रही थीं, तभी उनके आवास पर भारी संख्या में पुलिस बल पहुंच गया. गौरतलब है कि सहारनपुर जिला कैराना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है. हसन ने कहा, “मुझे कल रात सहारनपुर जाने से रोकने के लिए, मेरे कैराना स्थित आवास पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था और मुझे घर में नजरबंद कर दिया गया था.”
32 वर्षीय सांसद ने सवाल उठाया कि क्या निर्वाचित प्रतिनिधि के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र के लोगों से संबंधित मुद्दों पर अधिकारियों से मिलना अपराध बन गया है. उन्होंने कहा, “लोकतंत्र में, जन प्रतिनिधियों को जनता की आवाज उठाने के लिए चुना जाता है. मुझे रोककर उस आवाज को दबाया नहीं जा सकता.”
मस्जिद विध्वंस और हसन की नजरबंदी पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने अस्पष्ट प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “सद्भाव बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और साथ ही उसकी उपलब्धि भी है.” समाजवादी पार्टी ने भाजपा सरकार पर हसन को सहारनपुर जाने से रोकने का आरोप लगाया ताकि वह मस्जिद विध्वंस का मुद्दा न उठा सकें.
बजरंग दल के पूर्व प्रांतीय समन्वयक विकास त्यागी की शिकायत के बाद मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया, जिन्होंने आरोप लगाया था कि सहारनपुर में डीएम कार्यालय परिसर के अंदर मस्जिद का अवैध रूप से निर्माण किया गया था. शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया था कि परिसर का उपयोग व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा रहा था, जिसमें एक डाकघर और बाहरी लोगों को किराए पर दिए गए कमरे शामिल थे, और मस्जिद समिति किराया वसूल रही थी. सुनवाई के बाद, नगर मजिस्ट्रेट कुलदीप सिंह ने इमारत को तुरंत गिराने का आदेश दिया. प्रशासन ने कहा कि यह कार्रवाई आवश्यक थी क्योंकि अतिक्रमण और वहां होने वाली गतिविधियों से सरकारी कार्यालय की सुरक्षा और गोपनीयता खतरे में पड़ गई थी.
अखिलेश यादव के बाद, बसपा प्रमुख मायावती ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मस्जिदों और अन्य धार्मिक स्थलों को अवैध घोषित किए जाने के बाद जल्दबाजी में किए गए विध्वंस की आलोचना की, जिसमें सहारनपुर की मस्जिद भी शामिल है. एक्स पर एक लंबी पोस्ट में, उन्होंने ऐसे कार्यों को गलत बताया और मांग की कि विध्वंस को तुरंत रोका जाए, साथ ही कहा कि ऐसे विवादों को हल करने और नकारात्मक परिणामों से बचने के लिए वैकल्पिक तरीकों की खोज की जानी चाहिए. मायावती ने कहा कि एक संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष सरकार का यह दायित्व है कि वह सभी धर्मों के लोगों और उनके पूजा स्थलों के लिए समान सम्मान और संरक्षण सुनिश्चित करे.
उन्होंने उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना आरोपियों के घरों को ध्वस्त किए जाने पर भी चिंता व्यक्त की और कहा कि सामूहिक दंड और किसी आरोपी के खिलाफ कार्रवाई के नाम पर पूरे परिवारों को बेदखल करना लोगों को परेशान कर रहा है. मायावती ने “कानून द्वारा कानून का शासन” स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया और सरकार तथा न्यायालयों से ऐसे मामलों की सावधानीपूर्वक जांच करने की अपील की। उन्होंने सभी पक्षों से सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने का भी आग्रह किया.
Bigg Boss Promo:अब बिग बॉस ने एक कंटेस्टेंट का प्रोमो रिलीज किया है. जिसे देख…
सूरत (गुजरात), 5 सितंबर: ‘सार्वजनिक एजुकेशन सोसाइटी’ के कुशल प्रबंधन द्वारा स्थापित सार्वजनिक यूनिवर्सिटी, इस…
Saharanpur Mosque Demolition: सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर में बनी मस्जिद पर शनिवार तड़के कोर्ट के आदेश…
बेंगलुरु में कथित तौर पर एक महिला का अपहरण कर उसके साथ मारपीट की गई,…
UP T20 League Final Weather Forecast:कल टी20 लीग 2026 का फाइनल मैच मेरठ और लखनऊ…
Yuzvendra Chahal bowled Ben Stokes: आईपीएल के बाद अब काउंटी चैंपियनशिप में युजवेंद्र चहल की…