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कर्फ्यू से कानून के राज तक, विधानसभा में विपक्ष पर गरजे सीएम योगी, 9 साल में बदला यूपी का चेहरा

यूपी बजट सत्र 2026: सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में कहा कि यह पिछले नौ साल अपराध और अराजकता से अनुशासन तक का सफर रहा है.

UP Budget Session 2026: उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव की चर्चा में कहा कि यह पिछले नौ साल अपराध और अराजकता से अनुशासन तक का सफर रहा है. यह कर्फ्यू से कानून के राज तक, दंगों से जश्न तक, समस्याओं से समाधान तक और अविश्वास से विश्वास तक का सफर रहा है. अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने उत्तर प्रदेश की उपलब्धियों, पॉलिसी में बदलाव और भविष्य की दिशा का पूरा ब्यौरा पेश किया. उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि उत्तर प्रदेश अब डर का नहीं, बल्कि विश्वास और विकास का प्रदेश है. अपराध और अराजकता से अनुशासन तक का सफर सिर्फ़ एडमिनिस्ट्रेटिव बदलावों का नतीजा नहीं है, बल्कि विज़न और पॉलिसी कमिटमेंट का भी नतीजा है. राजनीतिक मतभेद लोकतंत्र का हिस्सा हैं, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सबकी ज़िम्मेदारी है.

सदन में भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों का व्यवहार नहीं था ठीक

मुख्यमंत्री ने कहा कि साल की शुरुआत में राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं का ऑफिशियल डॉक्यूमेंट होता है. सदन में भाषण के दौरान विपक्षी सदस्यों का व्यवहार अनुचित था. विपक्ष के नेता से सवाल करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा शायद इसीलिए आप सदन में नहीं आए, क्योंकि समाजवादी पार्टी के सदस्य आपके कंट्रोल से बाहर हो गए होंगे. इसी व्यवहार की वजह से बेटियां डर गई थीं और बिजनेसमैन ने अपने बिजनेस बंद कर दिए थे. मुख्यमंत्री ने विपक्ष की आलोचना करते हुए गालिब का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि गालिब ने कहा था मैं पूरी ज़िंदगी यही गलती करता रहा, धूल मेरे चेहरे पर थी, फिर भी मैं आईना साफ करता रहा. समाजवादी पार्टी और मुख्य विपक्षी पार्टियों के इस व्यवहार से पूरा सदन दुखी था.

'परसेप्शन' और कानून व्यवस्था पर ज़ोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की इमेज अचानक खराब नहीं हुई, बल्कि सालों की अव्यवस्था और क्राइम से प्रभावित हुई. बेटियां डरी हुई थीं, बिजनेसमैन अपने बिजनेस बंद करने को मजबूर थे, और दंगे और कर्फ्यू आम बात थी. 2017 से राज्य में ज़ीरो टॉलरेंस पॉलिसी लागू की गई है. 2017 से पहले पॉलिसी में लापरवाही और एडमिनिस्ट्रेटिव ढिलाई का माहौल था, जबकि अब कानून का राज स्थापित हो गया है. 2017 से राज्य में कोई सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ है और डर-मुक्त माहौल बना है.

राज्यपाल के भाषण का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की कोशिशों से 6 करोड़ से ज़्यादा लोग मल्टीडाइमेंशनल गरीबी से बाहर निकले हैं. यह डेटा नीति आयोग पर आधारित है. उन्होंने साफ़ किया कि गरीबी से बाहर निकलने का मतलब यह नहीं है कि बेनिफिशियरी दूसरी स्कीमों से वंचित रह जाएँगे. राशन, हेल्थ, घर, पेंशन और दूसरे फ़ायदे मिलते रहेंगे. प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हर गरीब को पक्का घर दिया जा रहा है. आयुष्मान भारत योजना के तहत ₹5 लाख तक का हेल्थ इंश्योरेंस दिया जा रहा है. मुफ़्त राशन मिलना जारी है. बुज़ुर्गों, बेसहारा और दिव्यांगों को ₹12,000 सालाना पेंशन दी जा रही है. इन स्कीमों का मकसद समाज के आखिरी आदमी तक विकास का फ़ायदा पहुँचाना है.

पुलिस सुधार और मॉडर्न सिक्योरिटी सिस्टम

मुख्यमंत्री ने कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किए गए सुधारों का भी ज़िक्र किया. उन्होंने कहा कि पुलिस फोर्स में बड़े पैमाने पर भर्ती हुई है. पुलिस फोर्स में महिलाओं की संख्या आज 10,000 से बढ़कर 44,000 हो गई है. 2017 से पहले हमारी ट्रेनिंग कैपेसिटी 3,000 भी नहीं थी. आज हालत यह है कि हाल ही में 60,200 से ज़्यादा पुलिसवालों की भर्ती हुई है, जिसमें सभी चुने गए कैंडिडेट्स को राज्य में ही ट्रेनिंग दी जा रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि साइबर क्राइम से निपटने के लिए सभी 75 जिलों में साइबर पुलिस स्टेशन बनाए गए हैं, साथ ही राज्य के हर पुलिस स्टेशन में साइबर हेल्प डेस्क भी हैं. फोरेंसिक साइंस इकोसिस्टम को मजबूत किया गया है, जिससे जांच का प्रोसेस ज़्यादा साइंटिफिक और असरदार हो गया है.

बीमार से विकास की ओर बढ़ता उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब बीमार राज्य की इमेज से बाहर आ गया है. पहली बार सदन में इकोनॉमिक सर्वे को सिस्टमैटिक तरीके से पेश किया गया, जो आइडिया से सिस्टम और सिस्टम से डेवलपमेंट के सफर का प्रतीक है. उन्होंने बताया कि राज्य अविश्वास से आत्मविश्वास की ओर बढ़ रहा है. पहले अशांति की खबरें हेडलाइन बनती थीं, लेकिन अब इन्वेस्टमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर और सोशल वेलफेयर की खबरें ज़्यादा प्रमुखता से सामने आ रही हैं.

आज उत्तर प्रदेश ट्रिपल T का संगम बनकर उभरा

मुख्यमंत्री ने कहा कि करीब नौ साल का सफर अपराध और अराजकता से अनुशासन, कर्फ्यू से कानून के राज, दंगों से जश्न, समस्याओं से समाधान और अविश्वास से आत्मविश्वास का सफर रहा है. यह सफर सिर्फ सत्ता की दौड़ नहीं है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार सदन में राज्य का इकोनॉमिक सर्वे पेश किया गया. सरकार ने अपनी उपलब्धियों को ज़ोरदार तरीके से पेश किया. इकोनॉमिक सर्वे इस नई यात्रा का प्रतीक है, विचारों से सिस्टम तक और सिस्टम से विकास तक, जिसे उत्तर प्रदेश के लोग जी रहे हैं. वे इसे अपने व्यवहार में देख रहे हैं और यह एक नए युग की शुरुआत है जिसका उत्तर प्रदेश के हर निवासी को इंतज़ार था. पहले, सबसे बड़ी आबादी वाला राज्य अपनी पहचान के लिए संघर्ष करता था और उसे शक की नज़र से देखा जाता था. उत्तर प्रदेश के युवाओं के सामने पहचान का संकट था. अगर किसी राज्य को केंद्र सरकार की योजनाओं के लिए रुकावट माना जाता था, तो वह उत्तर प्रदेश था. आज उत्तर प्रदेश ने इससे उबरकर खुद को विकास की दिशा तय करने वाले अग्रणी राज्यों में से एक के रूप में स्थापित किया है.

UP अब भारत का ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश देश की टॉप तीन अर्थव्यवस्थाओं में से एक है. अब उत्तर प्रदेश को कोई बीमारू नहीं कहता. उत्तर प्रदेश अब भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ी सफलता की कहानी बन गया है. यह भारत को ग्रोथ के एक लीडिंग इंजन के तौर पर लीड कर रहा है. 2017 से पहले मौजूद पॉलिसी की उदासीनता, एडमिनिस्ट्रेटिव ढिलाई और विकास-विरोधी सोच को पार करते हुए, राज्य ने पिछले नौ सालों में अनुशासन, मजबूत लीडरशिप और एक साफ गवर्नेंस विजन के जरिए विकास को नए सिरे से परिभाषित किया है. यह इस इकोनॉमिक सर्वे का नतीजा है. सरकार की वेलफेयर स्कीमों के जरिए किए जा रहे काम, पैदा हुए रोजगार, इन्वेस्टमेंट का विस्तार और सोशल सिक्योरिटी के जरिए बिना किसी भेदभाव के राज्य के हर नागरिक को मजबूत बनाने के लिए उठाए गए अहम कदम, ये सब अब दिख रहे हैं.

CM ने सार्थक बहस को डेमोक्रेसी की ताकत बताया

मुख्यमंत्री ने कहा कि गवर्नर के एड्रेस पर चर्चा में कुल 92 सदस्यों ने हिस्सा लिया, जिसमें रूलिंग पार्टी के 60 और अपोज़िशन के 32 सदस्य शामिल थे. इसे संविधान की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए उन्होंने कहा कि लेजिस्लेचर के प्लेटफॉर्म से साल की शुरुआत करना डेमोक्रेटिक परंपरा का एक अहम हिस्सा है. अपोज़िशन ने अपने विचार रखे, रूलिंग पार्टी ने अपने विचार रखे, लेकिन सभी ने चर्चा में हिस्सा लिया, यह एक हेल्दी डेमोक्रेसी की निशानी है. मुख्यमंत्री ने खास तौर पर पार्टी नेताओं की भूमिका की तारीफ़ की और चर्चा की गरिमा बनाए रखने के लिए सभी सम्मानित सदस्यों को बधाई दी.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024.

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