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हारने वाले के निकलवा लिए जाते थे जैवलरी, हर महीने होती थी लाखों की कमाई; IPL सट्टेबाजी रैकेट का खुलासा

UP IPL Betting: पुलिस आईपीएल और क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वालों पर खुफिया तरीके से नजर रख रही है. इस बीच बुधवार रात सर्च वारंट के आधार पर दिल्ली गेट थाना इंचार्ज ईश्वर सिंह की टीम ने गूलर रोड, गली नंबर 1 में रहने वाले विपिन वार्ष्णेय के घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया. उसकी पैंट की जेब से एक डायरी और दो पर्चियां मिलीं, जिन पर कुछ लोगों के नाम, कुछ पैसे और क्रिकेट से जुड़ी जानकारी लिखी थी.

UP IPL Betting: बुधवार रात दिल्ली गेट पुलिस ने विपिन वार्ष्णेय को गिरफ्तार किया, जो ऑनलाइन ऐप्स के जरिए IPL और दूसरे क्रिकेट लीग मैचों पर सट्टा लगवाता था. आरोपी करीब पांच साल से एक्टिव है और उसे चार महीने पहले भी गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से ₹1.74 लाख कैश के अलावा जुए में लोगों द्वारा हारे गए जेवरात बरामद हुए हैं, जिसमें 23 अंगूठियां और एक मांग टीका शामिल है. कई घंटों की पूछताछ के बाद पुलिस ने आरोपी को जेल भेज दिया. पूछताछ में एक और आरोपी का नाम पता चला, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है.

पुलिस आईपीएल और क्रिकेट मैचों पर ऑनलाइन सट्टा लगाने वालों पर खुफिया तरीके से नजर रख रही है. इस बीच बुधवार रात सर्च वारंट के आधार पर दिल्ली गेट थाना इंचार्ज ईश्वर सिंह की टीम ने गूलर रोड, गली नंबर 1 में रहने वाले विपिन वार्ष्णेय के घर पर छापा मारकर उसे गिरफ्तार कर लिया. उसकी पैंट की जेब से एक डायरी और दो पर्चियां मिलीं, जिन पर कुछ लोगों के नाम, कुछ पैसे और क्रिकेट से जुड़ी जानकारी लिखी थी.

जैसे पेरिस कुमार 6 ओवर सेशन 45 (600 रुपये) और इसी तरह की अन्य जानकारी. उसके मोबाइल फोन की जांच करने पर, Google पे पर 600, 800, 1,000, 2,000, 5,000 और 10,000 रुपये सहित कई लेनदेन पाए गए. कड़ाई से पूछताछ करने पर विपिन ने खुलासा किया कि सभी लेनदेन सट्टेबाजी के लिए एक खाते में किए गए थे. बोली लगाने वाला व्यक्ति राशि ट्रांसफर करता था. नाम और अन्य जानकारी उसके नाम से एक डायरी में दर्ज की गई थी. उसके पास से एक लाख 74 हजार 16 रुपये एक मोबाइल फोन 23 अंगूठी एक माथे का आभूषण और एक पॉकेट डायरी बरामद की गई.

हारने वालों के रख लिए जाते थे पैसे और ज्वेलरी

आरोपी ने खुलासा किया कि वह विभिन्न ऐप्स के जरिए सट्टेबाजी की सुविधा देता है. लोग इन्हें पैसे और अंगूठी जैसी ज्वेलरी के बदले में लेते हैं. जीतने वालों को उनकी जीती हुई रकम का एक हिस्सा इनाम के तौर पर दिया जाता है. हारने वालों के पैसे और ज्वेलरी रख लिए जाते हैं.

पुलिस की तलाशी जारी

आरोपी पुलिस की पकड़ से बचने के लिए अक्सर मोबाइल फोन बदलता रहता है. वह ज़्यादातर रिकॉर्ड डिलीट कर देता है और अपने दोस्तों के मोबाइल फोन भी इस्तेमाल करता है. उसने अपने साथी की पहचान गोंडा इलाके के बसौली के रहने वाले काका के तौर पर की है. आरोपी काफी समय से उसके फोन से ट्रांजैक्शन कर रहा था. वह ID भी बेचता है. काका बन्नादेवी इलाके में सट्टा भी लगवाता है.

हर महीने कितनी कमाई?

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, विपिन अपने घर से ही लोहे के अयस्क का कारोबार करता है. इसी की आड़ में वह रैकेट चला रहा था. लोगों को सट्टा लगाने के अलावा वह चार प्रतिशत कमीशन पर आईडी भी बेचता था. वह हर महीने औसतन 15 से 20 लाख रुपये कमाता था. पुलिस उसके बैंक खातों की भी जांच कर रही है.

सट्टेबाजी में कितने लोग शामिल?

आरोपी के फोन में सट्टेबाजी में शामिल 250 से ज्यादा लोगों के नंबर थे. ये लोग सिर्फ अलीगढ़ ही नहीं बल्कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों के थे. इनमें से कई लोग बड़ी रकम हार चुके थे. व्हाट्सएप चैट में आरोपी कोड वर्ड का इस्तेमाल करता था, जिसे पुलिस अभी डिकोड कर रही है.

पुलिस ने विपिन को दिसंबर 2025 में भी गिरफ्तार किया था. उस समय आरोपी भारत-दक्षिण अफ्रीका मैच पर सट्टा लगा रहा था. चर्चा है कि आरोपी को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था. उस समय गिरफ्तारी के बाद नेताओं ने उसकी सिफारिश भी की थी. इसके बावजूद पुलिस ने केस दर्ज किया. हालांकि, बेलेबल जुर्म होने की वजह से उसे बेल मिल गई. हालांकि, इस बार पुलिस ने पब्लिक गैंबलिंग एक्ट की धारा 3/4 के तहत केस दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया.

IPL और क्रिकेट पर सट्टा अपने चरम पर

जिले में ऑनलाइन सट्टा खूब चल रहा है. IPL मैचों के दौरान कुछ ही दिनों में करोड़ों रुपये कमाए जाते हैं. कई लोग इस धंधे का शिकार हो चुके हैं और अपनी जमा-पूंजी भी गंवा चुके हैं. IPL के अलावा हर क्रिकेट मैच पर भी सट्टा लगाया जाता है. इसलिए पुलिस अब इस रैकेट के पीछे की सच्चाई सामने लाने में जुटी है.SP और CO फर्स्ट मयंक पाठक के मुताबिक, विपिन वार्ष्णेय ऑनलाइन सट्टा लगाता था. वह कमीशन पर ID कार्ड भी बेचता था. उसके पास से ₹1.74 लाख, 23 अंगूठियां और दूसरा सामान बरामद हुआ है. उसके फोन पर चैट मिली हैं, जिन्हें डिकोड किया जा रहा है. पूछताछ के दौरान एक और आरोपी का नाम सामने आया है, जिसकी तलाश की जा रही है.

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

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