Fake Aadhar IVF Scam: प्रयागराज के फाफामऊ इलाके में एक 15 साल की हिंदू लड़की का कथित तौर पर ब्रेनवाश किया गया और एक IVF सेंटर में गैर-कानूनी तरीके से उसके अंडाणु निकाले गए. जब यह मामला सामने आया तो काफी हंगामा हुआ. शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस जांच शुरू हुई और पूरी कहानी सामने आई. पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. लड़की की मां का आरोप है कि उसके पति की ट्रैक्टर दुर्घटना में मौत हो गई थी, जिसके बाद परिवार को आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा. इस दौरान, जोया खान और पलक नाम की दो महिलाओं ने कथित तौर पर पैसे का लालच देकर उसकी बेटी को बहकाया. आरोप है कि लड़की का ब्रेनवाश किया गया, उसने मुस्लिम कपड़े पहनना शुरू कर दिया और कई बार घर से गायब हो गई.
7 दिन तक लापता थी नाबालिग
पिछले महीने, 7 जनवरी को एक गेस्ट हाउस से गायब होने और 15 जनवरी तक लापता रहने के बाद, लड़की 21 जनवरी को इंदिरा IVF सेंटर में मिली. उसकी मां का दावा है कि उसकी नाबालिग बेटी के अंडाणु एक फर्जी आधार कार्ड और जाली सहमति पत्र का इस्तेमाल करके निकाले गए थे. इस मामले में पुलिस कमिश्नर के पास शिकायत दर्ज कराई गई. शिकायत के बाद, फाफामऊ पुलिस स्टेशन में जोया खान, पलक, मिजान, रिंकी हेला, सीमा, हिमांशु और कल्पना के खिलाफ FIR दर्ज की गई.
पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया
पुलिस ने पलक, रिंकी, सीमा, हिमांशु और कल्पना को गिरफ्तार कर लिया है. 3 फरवरी को, नाबालिग लड़की की मां ने खुद अपनी बेटी को एक वन स्टॉप सेंटर भेजा, जहां उसके बयान से पता चला कि पलक और रिंकी ने उसे IVF के लिए डोनर बनने के लिए पैसे और एक iPhone का लालच दिया था. आरोप है कि हिमांशु ने एक मोबाइल ऐप के जरिए एक फर्जी आधार कार्ड बनाया, जिसमें नाबालिग को गलत तरीके से शादीशुदा दिखाया गया, जबकि कल्पना ने कथित तौर पर एक झूठा हलफनामा जारी किया. इस मामले में, DCP गंगापुर कुलदीप सिंह गुणावत ने कहा कि लड़की की मां की शिकायत और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई की गई है. आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और नेटवर्क की जांच की जा रही है. सबूत इकट्ठा किए जा रहे हैं. लड़की फिलहाल एक जुवेनाइल होम में है और बाल कल्याण समिति (CWC) मामले की निगरानी कर रही है.
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