उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक के दौरान बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 15 लाख शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव मंजूर हो गया. इसके अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले 2,97,579 कर्मचारियों को कर किया जायेगा.
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उत्तर प्रदेश कैबिनेट ने शिक्षकों के लिए बड़ी सौगात दी है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 29 जनवरी 2026 को हुई बैठक में बेसिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग के लगभग 15 लाख शिक्षकों व कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रस्ताव मंजूर हो गया. यह सुविधा सरकारी और एम्पैनल्ड निजी अस्पतालों में उपलब्ध होगी.
इसके अंतर्गत माध्यमिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले 2,97,579 कर्मचारियों को कर किया जायेगा. जो कर्मचारी पहले से किसी अन्य सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ ले रहे हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग के 11 लाख 95 हजार 391 शिक्षकों व कर्मियों को यह सुविधा मिलेगी. इसमें प्राइमरी शिक्षक, शिक्षामित्र, रसोइये और अनुदेशक शामिल हैं. इसका अनुमानित खर्च 358.61 करोड़ रुपये है. संदीप सिंह ने बताया कि स्ववित्तपोषित स्कूलों के शिक्षकों के लिए जिला स्तर पर सत्यापन होगा.
कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ माध्यमिक शिक्षा के शिक्षकों को भी मिलेगा. माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी के अनुसार, अनुदानित माध्यमिक विद्यालयों, व्यावसायिक शिक्षा विशेषज्ञों, मानदेय शिक्षकों, संस्कृत शिक्षा परिषद के अनुदानित व स्ववित्तपोषित स्कूलों के शिक्षकों को भी इस सुविधा का लाभ मिलेगा. इस सुविधा से करीब 2 लाख 97 हजार 589 शिक्षा विभाग कर्मचारी लाभार्थी होंगे, जिसमें कुल खर्च लगभग 59 करोड़ रुपये होगा. यह पहली बार है जब इन शिक्षकों को ऐसी सुविधा दी जा रही है.
कैबिनेट बैठक के दौरान प्रस्तावित कुल 32 प्रस्तावों में से 30 को मंजूरी मिली है. वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि दो प्रस्ताव रोके गए हैं. कैशलेस चिकित्सा सुविधा की घोषणा पिछले वर्ष शिक्षक दिवस पर सीएम योगी द्वारा की गई थी, जो अब अमल में आ रही है. गौरतलब है कि यह सुविधा आश्रित परिवारों को भी कवर करेगी. अन्य प्रस्ताव जिन्हें मंजूरी मिली है, उनमें शहरी पुनर्विकास नीति 2026 को मंजूरी शामिल है, साथ ही भवन नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को सरल बनाया जाना, विकास शुल्क की संशोधित दरें लागू करना भी शामिल है. इसके अलावा बरेली में विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना तथा मुरादाबाद में भी विज्ञान पार्क और नक्षत्रशाला की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की गयी है.
शिक्षक संगठनों ने इस फैसले को ऐतिहासिक बताया. शिक्षक संगठनों का कहना है कि उनकी लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है. कैशलेस इलाज से शिक्षा विभाग के कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ कम होगा, खासकर महंगे निजी अस्पतालों में इलाज कराने में आसानी होगी. यह योजना आयुष्मान योजना की तर्ज पर लागू होगी. यह फैसला योगी सरकार की शिक्षक हितैषी नीति को मजबूत करता है.
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