Bharat Taxi Launch: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भारत की पहली को-ऑपरेटिव टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी ऐप’ को आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है. सहकारिता मंत्रालय द्वारा लॉन्च की गई यह नई कैब सर्विस Ola, Uber और Rapido जैसी प्राइवेट राइड-हेलिंग कंपनियों की मोनोपॉली को सीधी चुनौती देगी. भारत टैक्सी की सबसे खास बात यह है कि यह पूरी तरह से ऐप-बेस्ड स्वदेशी टैक्सी सर्विस है.
माना जा रहा है कि इसके आने से Ola और Uber जैसी ऐप-बेस्ड कंपनियों को कड़ी टक्कर मिलेगी, जिससे कॉम्पिटिशन बढ़ेगा और आखिरकार कस्टमर्स को फायदा होगा.
ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल पर बेस्ट होगी भारत टैक्सी
जानकारी के अनुसार, भारत टैक्सी ड्राइवर-ओनरशिप मॉडल पर आधारित कमीशन-फ्री सर्विस देगी, जिससे यह पक्का होगा कि कैब ड्राइवरों को उनकी पूरी कमाई मिले. भारत टैक्सी का मानना है कि किराया दूसरी ऐप-बेस्ड टैक्सी सर्विस के बराबर होगा. हालांकि, पहली स्वदेशी ऐप-बेस्ड टैक्सी सर्विस के आने से कॉम्पिटिशन बढ़ेगा, जिससे Ola और Uber जैसी कंपनियों को अपने किराए कम करने पड़ेंगे. इससे सीधे कस्टमर्स को फायदा होगा.
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भारत टैक्सी के सीईओ ने क्या कहा?
भारत टैक्सी के सीईओ विवेक पांडे ने कहा कि अभी भारत टैक्सी अपने ड्राइवरों से कोई सर्विस फीस नहीं ले रही है, लेकिन भविष्य में 25 से 30 रुपये प्रति दिन की फीस ली जा सकती है. दूसरी तरफ अगर Ola और Uber जैसे प्लेटफॉर्म की बात करें तो वो अपने ड्राइवरों से बहुत अधिक कमीशन वसूल करते हैं. कम कमीशन रेट से बड़ी संख्या में ड्राइवर आकर्षित होंगे, जिससे Ola और Uber जैसी कंपनियों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी होगी. इसके अलावा, भारत टैक्सी के CEO का मानना है कि पूरी तरह से स्वदेशी सर्विस होने के नाते यह अपने पैसेंजर्स को ज्यादा सुरक्षा देगी.
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कैब ड्राइवरों को कौन-कौन सी सुविधाएं मिलेंगी?
जानकारी सामने आ रही है कि भारत टैक्सी के माध्यम से लोग ऑटो, कार और बाइक टैक्सी बुक कर सकेंगे. यह सेवा सहकार टैक्सी को-ऑपरेटिव लिमिटेड के तहत शुरू की जा रही है, जिसे देश का पहला नेशनल मोबिलिटी को-ऑपरेटिव बताया जा रहा है. इसका मॉडल पूरी तरह ड्राइवर-फ्रेंडली है. मंत्रालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, अब तक इस सर्विस से 4 लाख से ज्यादा ड्राइवर जुड़ चुके हैं और अब तक कैब ड्राइवर्स (सारथियों) को 10 करोड़ रुपये वितरित भी किए जा चुके हैं. इस ऐप पर ड्राइवरों से कोई कमीशन नहीं लिया जाएगा. वे सिर्फ मामूली दैनिक, साप्ताहिक या मासिक मेंबरशिप शुल्क देकर काम करेंगे. इससे उनकी कमाई पर पूरा नियंत्रण रहेगा.