Banke Bihari Temple VIP Darshan Row 2026: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में बढ़ती वीआईपी संस्कृति ने आस्था के केंद्र को 'भेदभाव का अखाड़ा' बना दिया है, जहां बेरिकेडिंग की एक तरफ आम भक्त घंटों भीषण भीड़, उमस और धक्कों के बीच अपने आराध्य की एक क्षणिक झलक के लिए तरस रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रसूखदार और रईस लोग बेरिकेडिंग के भीतर गर्भगृह के पास बैठकर ना केवल आराम से दर्शन कर रहे हैं, बल्कि मंदिर की मर्यादा को ताक पर रखकर वहां रिंग सेरेमनी, सगाई की रस्में और रील-फोटो सेशन जैसे निजी आयोजन कर रहे हैं, पुजारियों और रसूखदारों की इस कथित साठगांठ ने मंदिर के भीतर 'अमीरी-गरीबी' की एक गहरी खाई खोद दी है, जिससे उन लाखों श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं जो बिना किसी सिफारिश के केवल भक्ति भाव से वहां पहुंचते हैं, यह 'खास' भक्तों को मिलने वाली विशेष तवज्जो ना केवल मंदिर के सुरक्षा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि 'भगवान सबके हैं' के मूल आध्यात्मिक सिद्धांत पर भी एक कड़ा प्रहार है.