Live
Search
Home > Posts tagged "female tiger dead"

सिपाही को रास्ते से उठाकर ले गई थी बाघिन, दो दिन बाद गोली लगने से हुई मौत; बाघ को मारने पर भारत में क्या है कानून?

Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग घाटी जिले में एक बाघिन मृत पाई गई. उसके शरीर पर घाव देखकर लग रहा है कि उसे किसी ने गोली मारी है.

Mobile Ads 1x1

Arunachal Pradesh News: अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग घाटी जिले में बुधवार को एक किशोर बाघिन मृत हालत में मिली. उसके शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं. यह घटना उस मामले के दो दिन बाद सामने आई है, जब इसी इलाके में एक बाघ के हमले में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी.

पहले मिली थी हेड कांस्टेबल की लाश

बीते मंगलवार सुबह तलाशी अभियान के बाद मयुडिया इलाके में हेड कांस्टेबल चिकसेंग मानपांग का क्षत-विक्षत शव मिला था. बताया जाता है कि सोमवार शाम 7:00 से 7:30 बजे के बीच, जब मानपांग दिबांग घाटी जिले के अनिनी से बाइर से रोइंग जा रहे थे, तब बाघों के एक झुंड ने उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी. आपको बता दें कि नामसाई जिले के मनफैसेंग गांव के निवासी मनपांग राज्य पुलिस में वायरलेस टेलीकॉम ऑपरेटर थे और रोइंग में तैनात थे. 

कांस्टेबल की मौत के दो दिन बाद मृत मिली बाघिन

बाघों को पकड़ने के लिए इलाके में तैनात वन विभाग की टीम को एक युवा मादा बाघिन का शव मिला. सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने बाघिन के सिर से एक गोली भी बरामद की है. अधिकारियों का कहना है कि बाघिन को मारने के लिए बंदूक का इस्तेमाल किया गया था. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जब टीम बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछा रही थी, तभी उन्हें शव मिला. जांच में सामने आया कि बाघिन के सिर में गोली लगी थी और यह गोली कारतूस बंदूक से चलाई गई लगती है. बताया जा रहा है कि यह किशोर बाघिन करीब दो साल की थी. वह अपनी मां और एक अन्य किशोर बाघ के साथ रहती थी.

भारत में बाघ को मारने पर क्या है कानून?

भारत में बाघ की हत्या करना कानूनन एक बहुत बड़ा अपराध है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत बाघ को सबसे ज्यादा सुरक्षा वाली श्रेणी यानी अनुसूची-I में रखा गया है. इसका मतलब है कि बाघ का शिकार या उसे मारना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. अगर कोई इस अपराध में दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है और कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना भी देना पड़ता है. यह मामला गैर-जमानती होता है और पुलिस बिना वारंट के भी कार्रवाई कर सकती है.

MORE NEWS

Home > Posts tagged "female tiger dead"

सिपाही को रास्ते से उठाकर ले गई थी बाघिन, दो दिन बाद गोली लगने से हुई मौत; बाघ को मारने पर भारत में क्या है कानून?

Arunachal Pradesh: अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग घाटी जिले में एक बाघिन मृत पाई गई. उसके शरीर पर घाव देखकर लग रहा है कि उसे किसी ने गोली मारी है.

Mobile Ads 1x1

Arunachal Pradesh News: अरुणाचल प्रदेश के लोअर दिबांग घाटी जिले में बुधवार को एक किशोर बाघिन मृत हालत में मिली. उसके शरीर पर गोली लगने के निशान पाए गए हैं. यह घटना उस मामले के दो दिन बाद सामने आई है, जब इसी इलाके में एक बाघ के हमले में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी.

पहले मिली थी हेड कांस्टेबल की लाश

बीते मंगलवार सुबह तलाशी अभियान के बाद मयुडिया इलाके में हेड कांस्टेबल चिकसेंग मानपांग का क्षत-विक्षत शव मिला था. बताया जाता है कि सोमवार शाम 7:00 से 7:30 बजे के बीच, जब मानपांग दिबांग घाटी जिले के अनिनी से बाइर से रोइंग जा रहे थे, तब बाघों के एक झुंड ने उन पर हमला कर उनकी हत्या कर दी थी. आपको बता दें कि नामसाई जिले के मनफैसेंग गांव के निवासी मनपांग राज्य पुलिस में वायरलेस टेलीकॉम ऑपरेटर थे और रोइंग में तैनात थे. 

कांस्टेबल की मौत के दो दिन बाद मृत मिली बाघिन

बाघों को पकड़ने के लिए इलाके में तैनात वन विभाग की टीम को एक युवा मादा बाघिन का शव मिला. सूत्रों के मुताबिक, अधिकारियों ने बाघिन के सिर से एक गोली भी बरामद की है. अधिकारियों का कहना है कि बाघिन को मारने के लिए बंदूक का इस्तेमाल किया गया था. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जब टीम बाघ को पकड़ने के लिए जाल बिछा रही थी, तभी उन्हें शव मिला. जांच में सामने आया कि बाघिन के सिर में गोली लगी थी और यह गोली कारतूस बंदूक से चलाई गई लगती है. बताया जा रहा है कि यह किशोर बाघिन करीब दो साल की थी. वह अपनी मां और एक अन्य किशोर बाघ के साथ रहती थी.

भारत में बाघ को मारने पर क्या है कानून?

भारत में बाघ की हत्या करना कानूनन एक बहुत बड़ा अपराध है. वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 के तहत बाघ को सबसे ज्यादा सुरक्षा वाली श्रेणी यानी अनुसूची-I में रखा गया है. इसका मतलब है कि बाघ का शिकार या उसे मारना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. अगर कोई इस अपराध में दोषी पाया जाता है, तो उसे 3 से 7 साल तक की जेल हो सकती है और कम से कम 10 हजार रुपये का जुर्माना भी देना पड़ता है. यह मामला गैर-जमानती होता है और पुलिस बिना वारंट के भी कार्रवाई कर सकती है.

MORE NEWS