Ole Ole Ole Song Full Story: बॉलीवुड इंडस्ट्री में कुछ गाने ऐसे हैं, जिनके पीछे की कहानी काफी रोचक है. एक ऐसा ही गाना साल 1994 में आई फिल्म ‘ये दिल्लगी’ का ‘ओले ओले’ है. इस सॉन्ग को लिखने के पीछे की स्टोरी बहुत दिलचस्प है. इतना ही नहीं, इस गाने का संबंध मुगल सम्राट अकबर के नवरत्न तानसेन से भी था. चलिए जानते हैं ‘ओले ओले’ सॉन्ग के पीछे का रहस्य.
यश चोपड़ा की थी फिल्म
साल 1994 में यश चोपड़ा द्वारा निर्मित फिल्म ‘ये दिल्लगी’ रिलीज हुई. नरेश मल्होत्रा द्वारा निर्देशित यह एक रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म थी, जो सुपरहिट फिल्म थी. इस फिल्म में अक्षय कुमार, सैफ अली खान और काजोल मुख्य भूमिकाओं में थे. फिल्म में मौजूद ‘ओले ओले’ सॉन्ग सैफ अली खान पर फिल्माया गया था. इस गाने को दर्शकों द्वारा खूब पसंद किया था और ये सॉन्ग हर पार्टी में जरूर बजता था.
क्या है ‘ओले ओले’ गाने के पीछे की कहानी?
गीतकार समीर अनजान और शुजा अली की किताब ‘लिरिक्स बाय समीर’ में ‘ओले ओले’ सॉन्ग के पीछे की दिलचस्प कहानी बयां की गई है. यश चोपड़ा ने म्यूजिक डायरेक्टर दिलीप सेन और समीर सेन को फिल्म ‘ये दिल्लगी’ का एक रोमांटिक गाना बनाने को बोला और कहा कि ‘आई लव यू’ जैसे घिसे-पिटे शब्दों का इसमें इस्तेमाल ना हो. इसके बाद समीर और दिलीप गाड़ी से अपने घर जाने लगे. तभी अचानक, जोरदार बारिश होने लगी, साथ ही ओले भी गिरने लगे. दिलीप सेन जो गाड़ी चला रहे थे, उन्होंने ओलों को देखा, जिन्हें हिंदी में ‘ओले’ कहते हैं. चेहरे पर मुस्कान लिए उन्होंने धीरे से ‘ओले ओले’ कहा और कार के स्टीयरिंग व्हील पर उंगलियां थपथपाते हुए गुनगुनाने लगे.
समीर अनजान को किया फोन
अपनी किताब में समीर अनजान ने बताया कि जब दिलीप सेन-समीर सेन को ओले ओले का सुझावा आया. तो घर पहुंचते ही उन्होंने समीर अनजान को अर्जेंट म्यूजिक सिटिंग के लिए बुलाया. गीतकार ने बताया, ‘मैं हैरान था क्योंकि हम अभी-अभी मिले थे और प्रोड्यूसर के साथ म्यूजिक पर चर्चा की थी. अब वे मुझसे दोबारा मिलना चाहते थे. फिर मैंने उन्हें अपने घर बुलाया और कहा, ‘बताओ दिलीप, तुम क्या बात करना चाहते हो?’ इस पर दिलीप सेन ने कहा ओले ओले, फिर दिलीप-समीर ने ढोलक की तरह गीतकार की सेंटर टेबल को थपथपाना शुरू कर दिया और गाने लगे, ओले, ओले-ओले… ओले, ओले-ओले. ये लाइन गीतकार को पसंद आई, लेकिन वो इसका अर्थ जानना चाहते थे.
यश चोपड़ा ने कहा वाह तानसेन
इसके बाद तीनों ने ‘ओले-ओले’ गाने का सुझाव यश चोपड़ा को बताया. उन्हें ये गाना बहुत पसंद आया. इसके बाद यश चोपड़ा ने दिलीप सेन को कहा, ‘तानसेन, ये इस साल का सबसे बड़ा हिट गाना होने वाला है.’ हालांकि, यश चोपड़ा ने ‘ओले’ शब्द का अर्थ जानना चाहा, तो दलीप सेन ने बताया कि राजस्थान में ओलों (बर्फ) को ओले कहते हैं.
आखिर तानसेन क्यों कहा?
आपको बता दें कि दिलीप सेन महान संगीतकार जमाल सेन के पुत्र थे, जबकि समीर दिलीप के भाई शंभू सेन के पुत्र थे. सेन परिवार के एक पूर्वज केसरी सेन, तानसेन के शिष्य थे और इसीलिए यश चोपड़ा दिलीप सेन को ‘तानसेन’ कहकर पुकारते थे. इसी कारण यश चोपड़ा ने उन्हें तानसेन कहा, जो मुगल सम्राट अकबर के नवरत्नों में से एक थे.