Inter Caste Marraige: ओडिशा के नबरंगपुर जिले के पूर्व विधायक सदाशिव प्रधानि अपनी बेटी की शादी दूसरी जाति में जाति में कर रहे हैं. लेकिन आस-पास के लोगों को यह स्वीकार नहीं है. इस वजह से अखिल भारतीय भतरा विकास परिषद ने उनके परिवार का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है. इस घटना ने समाज में बहस छेड़ दी है कि क्या अंतरजातीय विवाह गलत है? लोग अलग-अलग तर्क दे रहे हैं. पढ़िए पूरी खबर.
क्या है पूरा मामला?
बताया जा रहा है कि पूर्व विधायक सदाशिव प्रधानि अपनी बेटी का विवाह भतरा समाज से बाहर, ब्राह्मण समुदाय के एक युवक के साथ करने जा रहे हैं. दोनों की सगाई हाल ही में हो चुकी है और अगले महीने शादी की तैयारियां भी चल रही हैं. अखिल भारतीय भतरा विकास परिषद से जुड़े लोगों का कहना है कि अंतरजातीय विवाह को अब भी समाज की परंपराओं के खिलाफ माना जाता है, इसलिए यह सख्त कदम उठाया गया है.
क्या लिया गया निर्णय?
जानकारी के अनुसार, झरिगांव ब्लॉक के धामनागुड़ा गांव स्थित दंतेश्वरी मंदिर परिसर में अखिल भारतीय भतरा विकास परिषद की एक अहम बैठक बुलाई गई. इस बैठक में जिले के अलग-अलग ब्लॉकों से समाज के प्रतिनिधि पहुंचे और इस मुद्दे पर लंबी चर्चा की गई. विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि पारंपरिक सामाजिक नियमों के उल्लंघन के आरोप में पूर्व विधायक सदाशिव प्रधानि और उनके परिवार को समाज से अलग कर दिया जाए.परिषद द्वारा जारी निर्देश के अनुसार, बहिष्कार की अवधि के दौरान समाज का कोई भी सदस्य प्रधानि परिवार के निजी या सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल नहीं होगा।.इस निर्णय के बाद इलाके में चर्चा और मतभेद का माहौल बन गया है.

पूर्व विधायक के परिवार ने क्या कहा?
इस मामले पर पूर्व विधायक के परिवार का अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है. लेकिन सामाजिक भेदभाव और पुरानी मानसिकता को लेकर इसने समाज में फिर से एक बहस छेड़ दी है.