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India News Manch 2023: रैट माइनर्स ने नहीं इस टीम ने बचाई थी मजदूरों की जान, बताया कैसे काम करती है टेक्नॉलिजी

India News(इंडिया न्यूज), India News Manch 2023: हर साल की तरह इस साल भी इंडिया न्यूज़ देश का सबसे बड़ा राजनीतिक मंच आयोजन कर रहा है। ये आयोजन दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में हो रहा है। बीते कल यानि बुधवार 13 दिसंबर से शुरु हुए इस कार्यक्रम का आज दूसरा दिन है। बता दें […]

BY: Shanu kumari • UPDATED :
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India News(इंडिया न्यूज), India News Manch 2023: हर साल की तरह इस साल भी इंडिया न्यूज़ देश का सबसे बड़ा राजनीतिक मंच आयोजन कर रहा है। ये आयोजन दिल्ली के एनडीएमसी कन्वेंशन सेंटर में हो रहा है। बीते कल यानि बुधवार 13 दिसंबर से शुरु हुए इस कार्यक्रम का आज दूसरा दिन है। बता दें कि ये तीन दिवसीय कार्यक्रम 15 दिसंबर (शुक्रवार), 2023 तक चलेगा। जहां कई सारे दिग्गजों का आगमन हुआ है। वहीं आज इस मंच पर उत्तराखंड की सिलक्यारा सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने वाली रैट माइनर्स की टीम पहुंची। जिसमें वकील हसन, मुन्ना कुरैशी, राशिद अंसारी, नसीम मलिक, फिरोज कुरैशी, इरशाद अंसारी और सिविल इंजिनियर अशोक कुमार सोलंकी भी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने सुरंग में फंसे मजदूरों के 17 दिनों की कहानी बताई।

रैट माइनिंग नहीं किया 

सिविल इंजिनियर अशोक कुमार सोलंकी बताया कि इस टर्म को रैट माइनिंग गलत नाम दिया गया है। हमने जो काम किया वो रैट माइनिंग नहीं है। सोलंकी ने बताया कि इंडिया में रैट माइनिंग बैन है। इसके बाद भी इस नाम से पुकारे जाने के कारण हमें और हमारी टीम को काफी परेशानियों का सामना करना पड़त है। इस पूरी प्रक्रिया को मैनयुल पाइप जैकिंग के नाम से जाना जाता है। जिसे भारत सरकार द्वारा अप्रूव किया गया है।

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कैसा होता है ये मैनयुल पाइप जैकिंग

इस टीम के एक मेंबर मुन्ना कुरैशी ने बताया कि हम ये काम जल बोर्ड का एल.एनयटी कंपनी के लिए कई काम किए हैं। उन्होंने कहा कि रैट माइनर्स से इस काम का कोई नाता नहीं है। हम पाइपिंग का काम करते हैं। रैट माइनिंग कोयले के लिए किया जाता था। हम इस काम हम पाइप के अंदर बैठते हैं और पाइप काटते हुए चलते हैं। इस पाइप को पीछे से धक्का दिया जाता है। मैनयुल पाइप जैकिंग कहा जाता है। इसमें हम मिट्टी काटने का काम करते हैं। इसका टेंडर सरकार द्वारा पास किया जाता है। यह कुछ भी इलिगल काम नहीं है।

अखिलेश यादव ने दिया इनाम

टीम के मेंबर ने बताया कि अंदर फंसे मजदूरों को लेकर कहा कि हमें देखते हीं उन सभी मजदूरों के चेहरे पर खुशी आ गई थी। 17 दिन से फंसे मजदूर ने हम देखा हमारी वीडियो बनाने लगें। हम भी उन्हें देख कर काफी खुश हो गए थें। उन्होंने बताया कि फंसे मजदूर हमसे बाहर निकालने की अपील कर रहे थें। सिविल इंजिनियर अशोक कुमार सोलंकी ने कहा कि इसमें काफी रिस्क था। लेकिन हमने कर दिखाया। इनमें से एक मेंबर ने बताया कि अखिलेश यादव ने इन सभी मेंबर को एक-एक लाख रुपए का इनाम दिया।

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