India News (इंडिया न्यूज़), Abhishek Sharma, INDI Alliance: एक तरफ़ INDIA Alliance ये कह रहा है की देश में बदलाव होगा क्योंकि देश की जनता परेशान है, लेकिन सच्चाई तो ये हैं की ये सभी ख़ुद नहीं बदलना चाहते हैं सभी के अंदर इस कदर “ईगो” भरा पड़ा है या यूं कहे इतनी शिकायत और मांगे है की वह आख़िर कैसे पूरी होगी इन सभी दलों की। देश की जनता को ये INDI Alliance ये बताना चाहता है की कैसे मोदी या बीजेपी सरकार से सभी परेशान है। लेकिन ये सभी 28 दल आपस में ही इतने परेशान हैं की उसका क्या करें।
आपको जानना चाहिए की आख़िर आज की INDI Alliance की मीटिंग में क्या – क्या हुआ। एक तो तीन प्रस्ताव पास किए गए ये सभी को पता ही चल चुका है, लेकिन ये सभी समय निकालकर देश के अलग अलग हिस्सों से इसलिए मुंबई आये थे की अच्छे से बात कर सकें, और कोई बड़ा फ़ैसला कर सकें जैसे सीट शेयरिंग, इनका नेता कौन होगा, कौन संयोजक होगा। लेकिन इनमें से ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
INDI Alliance: आख़िर कैसे चलेगा “इंडी” गठबंधन का आगे काम ?
जब मीटिंग के बाद प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर देश को बताने की बारी आयी तो इन सभी की पोल खुल गयी।
हुआ यूं मीटिंग ख़त्म होते ही सोनिया गांधी, ममता बनर्जी पीसी शुरू होने के पहले ही निकल गयी।
और जब पीसी शुरू हुई तो सभी नेता मौजूद तो रहे फोटो निकलवाने के लिए लेकिन इनके पास इतना वक़्त नहीं था की वह प्रेस कॉन्फ़्रेंस ख़त्म होने तक रुक सकें। जैसे ही पीसी शुरू हुई संजय राउत ने अखिलेश यादव का नाम लेकर बोला की वह चले गए हैं जबकि वह पीसी में मौजूद थे। बस क्या जैसे ही पीसी की शुरुआत हुई अखिलेश यादव बिना कुछ बोले ही निकल पड़े।
नीतीश कुमार जिन्होंने इस INDI alliance के लिए सबसे बड़ी भूमिका अदा की वह भी थोड़ी देर बोले और तुरंत पीसी बिना ख़त्म हुए निकल लिए। अरविंद केजरीवाल, भगवंत सिंह मान, संजय सिंह, राघव चड्ढा भी पीसी के बीच में ही निकल लिए। हां अरविंद केजरीवाल तब तक ज़रूर रुके थे जब तक उनका भाषण नहीं हुआ था। तो वहीं लालू यादव जब बोलना शुरू किए तो उन्होंने ममता बनर्जी का नाम लिया उतने में आवाज़ आयी की वह तो पीसी में नहीं है उनकी फ़्लाइट थी निकल गयी हैं। तो इस पर लालू ने चुटकी लेते हुए कहा की तो मेरा भी फ़्लाइट हैं मैं क्यों रुकूं। जैसे ही लालू का स्पीच ख़त्म हुआ वह और तेजस्वी यादव दोनों निकल पड़े। फरूख अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ़्ती को तो बोलने का मौक़ा ही नहीं मिला।
सूत्रों की माने तो मीटिंग ख़त्म होते ही ममता बनर्जी इसलिए जल्दी निकल गयी क्योंकि वह नाराज़ थी। मीटिंग में ममता ने साफ़ – साफ़ कहा की पहले सीट शेयरिंग का डिस्कशन कर फाइनल करो लेकिन कोई तैयार नहीं हो रहा था। इसी बात पर वह मीटिंग से ही बाहर निकल रही थीं लेकिन उस वक़्त शरद पवार ने उन्हें रोक लिया। लेकिन जैसे ही मीटिंग ख़त्म हुई वह तुरंत निकल पड़े। अब बात करते हैं हेमंत सोरेन की तो उन्हें भी पीसी से जाने की बड़ी जल्दी थी। लेकिन उनके पास इतना वक्त था की वह अपने पूरे परिवार के साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस छोड़कर जाने के बाद सिद्धिविनायक मंदिर में जाकर दर्शन करने का। जी हां सोरेन ने तो पीसी में पूरे समय तक बैठना उचित नहीं समझा लेकिन वहां से जाने के बाद सीधे सिद्धिविनायक मंदिर गये अपने परिवार के साथ दर्शन करने। अब इसी से अंदाज़ा लगाया जा सकता है की आख़िर कैसे भविष्य में 28 दल एक साथ मिलकर चुनाव लड़ पायेंगे जो एक साथ प्रेस कॉन्फ़्रेंस में नहीं बैठ कर समय दे रहे हैं।
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