India News (इंडिया न्यूज़),Ayodhya News: उत्तर प्रदेश के झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड के बाद राज्य सरकार और प्रशासन ने अस्पतालों की सुरक्षा व्यवस्थाओं पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। इस बीच, अब अयोध्या के एक मेडिकल कॉलेज में भी गंभीर खामियां सामने आई हैं, जो मरीजों की सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा पैदा कर सकती हैं।
अयोध्या के इस मेडिकल कॉलेज में 500 बेड संचालित हैं, लेकिन यहां फायर ऑडिट के दौरान कई गंभीर खामियां पाई गई हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि मेडिकल कॉलेज को पिछले 6 सालों में अभी तक फायर एनओसी (फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट) नहीं मिली है, जिससे अस्पताल में आग लगने की स्थिति में मरीजों की जान पर संकट मंडरा सकता है। इस अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्थाओं में खामियों के चलते किसी भी समय एक बड़ा हादसा हो सकता है।
Ayodhya News
अग्निशमन विभाग द्वारा अस्पताल को पहले भी तीन बार नोटिस जारी किया जा चुका है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की ओर से इन खामियों को सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। फायर ऑडिट में सामने आई इन खामियों के बाद अब अग्निशमन विभाग ने एक और नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
जामिया हमदर्द से ग्रेजुएशन कर रहे 2 छात्रों की दिल्ली के सिग्नेचर ब्रिज पर मौत
इससे यह साफ होता है कि अस्पताल प्रशासन और राज्य के स्वास्थ्य विभाग के लिए मरीजों की सुरक्षा अभी भी प्राथमिकता नहीं बन पाई है, और लगातार चूक के कारण किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। ऐसे में अब इस अस्पताल में आग से सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। बीते कुछ दिनों पहले भी अयोध्या के एक मेडिकल कॉलज में इन्ही खामियों की वजह से बड़ा हादसा हुआ था, जिसमे संविदाकर्मी की मौत हुई थी।
दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के चलते GRAP- 4 लागू, क्या अब अदालतों पर पड़ेगा असर ? जानें